शिवालयों में गूंजा बम-बम भोले का उद्घोष

  • भोलेनाथ के दर्शन के लिए शिव मंदिरों में जुटी भक्तों की भीड़, कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच भक्तों ने किया जलाभिषेक

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

25 july p11लखनऊ। सावन महीने में पहले सोमवार के दिन शिवालयों में भोलेनाथ का दर्शन करने वाले भक्तों की लंबी भीड़ देखने को मिली। बम-बम भोले के उद्घोष से सारा वातावरण भक्तिमय हो गया। मनकामेश्वर मंदिर, बुद्धेश्वर मंदिर और चन्द्रिकेश्वर मंदिर समेत सभी शिवालयों में भक्तों ने भगवान शंकर का जलाभिषेक किया। इस दौरान सभी प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रही।

आज पवित्र सावन महीने का पहला सोमवार है, भगवान भोलेनाथ के दर्शन करने के लिए श्रद्घालुओं की भारी भीड़ सुबह से ही मंदिरों में जुटने लगी।

शहर के अधिकांश मंदिरों में भक्तों की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बैरीकेडिंग की व्यवस्था की गई है। शिव मंदिरों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है। श्रद्घालुओं ने मंदिरों के अलावा अपने घरों में भी विशेष पूजा-अर्चना की। भक्तों ने भोलेनाथ के शिवलिंग को दूध से नहलाया। इसके साथ ही बेल पत्र, भांग और धतुरा चढ़ाकर अपनी मनोकामना पूरी होने का आशीर्वाद मांगा। मंदिरों के आस पास पूजन सामग्री जैसे धतूरा, बेल-पत्र, फूल-माला और प्रसाद आदि की दुकानें सज गईं हैं। चौक स्थित कोनेश्वरन मंदिर में भक्तों की सुविधा के लिए खास इंतजाम किए गए हैं। भक्तों को समय-समय पर रोक कर भगवान के दर्शन के लिए बारी-बारी से मुख्य द्वार तक भेजा जा रहा है, ताकि भगदड़ की स्थिति उत्पन्न न हो सके। डालीगंज स्थित मनकामेश्वर मंदिर मे सुबह से ही मंदिर के कपाट खोल दिए गए हैं। भगवान भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए मंदिर में रूद्राभिषेक का आयोजन किया गया है। सुबह से ही लोग हाथों में दूध और बेलपत्र लेकर लाइन में खड़े होकर अपनी बारी आने का इंतजार कर रहे हैं। मंदिर की पूजारी देव्या गिरी ने बताया कि सावन के पहले सोमवार को रूद्राभिषेक कराना फलदायी होता है। इस साल भगवान शिव का जलाभिषेक गोमती नदी के जल से कराया गया। सावन के महीने में सच्चे मन से पूजा अर्चना करने वाले व्यक्ति की मनोकामना जरूर पूर्ण होती है। मंदिर के बाहर हजारों भक्तों की भीड़ होती है लोग भोलेनाथ के जयकारों के साथ मंदिरों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं। मनकामेश्वर मंदिर मे विभिन्न तरह की झाकियां सजायी गई हैं। साथ ही भक्तों के लिए बड़ी मात्रा में प्रसाद का आयोजन भी किया गया है। मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स भी मौजूद है।

बच्चों की वैन से टकरायी ट्रेन 10 बच्चों की दर्दनाक मौत

  • वैन ड्राइवर की लापरवाही से हुआ बड़ा हादसा, आक्रोशित ग्रामीणों ने बस में लगाई आग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। भदोही जिले में आज सुबह कैयरमऊ रेलवे क्रॉसिंग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। यहां एक स्कूल वैन के ट्रेन से टकराने की वजह से बस में सवार 10 स्कूली बच्चों की मौत हो गयी। जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल बच्चों को इलाज के लिए तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। बताया जा रहा है कि बस में कुल 19 बच्चे सवार थे। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भदोही रेल हादसे पर गहरा दु:ख जताया है। इसके साथ ही पूरी घटना की मुख्यमंत्री कार्यालय से मॉनीटरिंग करते रहने का निर्देश भी दिया है।
इलाहाबाद-वाराणसी रेलवे खण्ड के अंतर्गत आने वाले भदोही के कैयरमऊ मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर हादसा हुआ है। यह हादसा आज सुबह उस वक्त हुआ जब टेंडरहार्ट इंग्लिश स्कूल की वैन क्रॉसिंग पर करते समय ट्रेन की चपेट में आ गई। इस क्रॉसिंग पर हमेशा एक गैंगमैन की ड्यूटी लगी रहती है। बताया जा रहा है कि गैंगमैन ने ड्राइवर को रुकने का इशारा भी किया था, लेकिन उसने बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया और यह दर्दनाक हादसा हो गया। गंभीर रूप से घायल बच्चों को वाराणसी के बीएचयू और पंडित दीनदयाल उपाध्याय हॉस्पिटल रेफर किया गया है। ट्रेन और वैन की इस टक्कर में 10 बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद गुस्साएं लोगों ने घटनास्थल पर वैन में आग लगा दी। वैन पूरी तरह से जलकर राख हो गई। इस घटना की सूचना मिलते ही भदोही जिले के डीएम और पुलिस कप्तान भी कैयरमऊ रेलवे क्रॉसिंग पहुंच गए। वहीं पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम ने मामले को गंभीरता से लेकर घटना की जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने मामले की जांच रेलवे के तीन सीनियर अफसरों को सौंपी है।

भ्रष्ट कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव कृषि मंत्री पंडित सिंह को दिखा रहा ठेंगा

  • किसानों को ट्रेनिंग दिलाने के नाम पर हुआ करोड़ों का घोटाला
  • कई घोटालों की फाइलों को शासन में दबा दिया गया

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कृषि विभाग में भ्रष्टाचार इस कदर व्याप्त है कि यहां भ्रष्ट अफसरों को किसी का भी खौफ नहीं रह गया है। अफसर बिना किसी डर दबाव के घोटालों को अंजाम देते हुए धन उगाही करते जा रहे हैं और उनकी जांच करने वाला कोई नहीं है। हालांकि भ्रष्टाचार के आरोपी कृषि निदेशक और प्रबंध निदेशक बीज विकास निगम के खिलाफ दो राज्य मंत्रियों ने मोर्चा खोल दिया है। कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार सिंह और राधे श्याम सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त को पत्र लिखकर कृषि निदेशक द्वारा की जा रही तमाम अनियमितताओं की जांच कराकर एक हफ्ते में रिपोर्ट मांगी है। राज्य मंत्रियों के इस एक्शन से जहां कृषि विभाग के कैबिनेट और राज्य मंत्रियों के आपसी मतभेद खुलकर सामने आ गए हैं, वहीं अफसरों में हडक़ंप मच गया है।
6 जून 2016 को कृषि राज्य मंत्री राजीव कुमार सिंह ने कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को पत्र लिखा कि बीज विकास निगम के प्रबंध निदेशक ऋषि राज सिंह व अपर निदेशक चावल, मुकेश श्रीवास्तव ने अपने पदों पर रहते हुए 59 करोड़ रुपए का घोटाला किया था। इस घोटाले को शासन में दबा दिया गया था। इसके बाद मुकेश श्रीवास्तव और ऋषि राज सिंह प्रोन्नत कर दिए गए। इस घोटाले में वर्तमान कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव और पूर्व कृषि निदेशक देवमित्र सिंह की बराबर भागीदारी है। इसकी जांच के साथ ही दोषी अफसरों को भी निलम्बित किया जाए। यह मामला संज्ञान में आने पर कृषि राज्य मंत्री राधे श्याम सिंह ने 30 मई 2016 को कृषि उत्पादन आयुक्त प्रवीर कुमार को 4 बिन्दुओं पर जांच कराने के आदेश दिए। वित्त वर्ष 2010 से 2016 तक कृषि विभाग ने किसानों को ट्रेनिंग और अन्य फर्जी योजनाओं के लिए राष्ट्रीय कृषि विकास योजना से कृषि वित्त आयोग को करोड़ों रुपए दिए गए। वर्ष 2012 से 2016 तक बीज विकास निगम ने किसानों को ट्रेनिंग के नाम पर गड़बड़ी करते हुए इंटरनेशनल ट्रेसिविलिटी सिस्टम लिमिटेड दिल्ली को करोड़ों रुपए दिए। वर्ष 2010 से 2016 तक किसानों को ट्रेनिंग और जैविक खेती के नाम पर करोड़ों रुपए दिए गए।

सूत्रों के अनुसार कैबिनेट मंत्री विनोद कुमार उर्फ पंडित सिंह का दो अन्य राज्य मंत्रियों राजीव कुमार सिंह और राधे श्याम सिंह से कुछ मुद्दों पर मतभेद है। इसी का फायदा कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव और एमडी ऋषि राज सिंह उठा रहे हैं और दोनों राज्य मंत्रियों की कृषि विभाग के ये आला अफसर कोई भी बात नहीं सुनते हैं। इन दोनों अफसरों के प्रभाव के चलते भ्रष्टाचार की अनगिनत शिकायतें और जांचें शासन में दबी पड़ी हैं। इसी टशन को लेकर दोनों राज्य मंत्रियों ने कृषि मंत्री पंडित सिंह के खिलाफ सीधा मोर्चा खोलने की बजाय उनके वफादार अफसरों की शिकायत करके निशाना साधना शुरू कर दिया है। इसी वजह से कृषि विभाग में करोड़ो रुपये के घोटालों पर कैबिनेट और राज्य मंत्री कोई भी प्रतिक्रिया देने से बच रहे हैं लेकिन कृषि विभाग में इस बात की जबरदस्त चर्चा है कि मंत्रियों की आपसी उठापटक में भ्रष्टाचार के आरोपी अफसरों की कुर्सी बच जाएगी। इस पर कृषि निदेशक मुकेश श्रीवास्तव का कहना है कि उन्हें इस बात की अभी तक कोई जानकारी नहीं है कि राज्य मंत्रियों ने उनके खिलाफ शिकायत कर कृषि उत्पादन आयुक्त से जांच की मांग की है।

 

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