शिवसेना ने कहा, आजम हैं देशद्रोही, यूएन के बयान का मामला पहुंचा प्रधानमंत्री कार्यालय

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आजम खां के यूएन में शिकायत करने के बयान पर भडक़ी भाजपा और शिवसेना
साध्वी प्राची भी पहुंचीं बिसाहड़ा गांव, माहौल तनावपूर्ण, साध्वी गिरफ्तार
हिंदू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने बिसाहड़ा गांव में पहुंचकर की आजम खां के खिलाफ नारेबाजी
आजम ने कहा कि बिहार चुनाव में मुद्दों से ध्यान हटाना चाहती है भाजपा

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। दादरी के गांव बिसाहड़ा में अखलाक की मौत के बाद नेताओं के बयान ने माहौल को और बिगाड़ दिया है। आजम खां के यूएन में शिकायत करने के बयान के बाद शिवसेना ने उन्हें मंत्रिमंडल से बर्खास्त करके उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग की है। दादरी से निकली चिंगारी बिहार चुनाव पर भी असर डाल रही है। उधर आजम खां ने कहा है कि कोई रोक सकता है तो रोक के दिखा दे वह यूएन में शिकायत जरूर करेंगे। इन सबके बीच साध्वी प्राची आज ग्राम बिसाहड़ा में पहुंच गई, साथ ही हिन्दू युवा वाहिनी के कार्यकर्ताओं ने भी आज इस गांव में पहुंचकर आजम खां के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
आजम खां के यूएन वाले बयान के बाद भाजपा मान रही है कि उसे इसका फायदा बिहार के चुनाव में मिल सकता है। इस मुद्दे पर उसके सहयोगी संगठन भी पीछे रहने को तैयार नहीं हैं। शिवसेना ने अपने मुख पत्र सामना में लिखा है कि आजम खां देशद्रोही हैं और अगर मुलायम सिंह में जरा भी देशभक्ति बची है तो उन्हें पार्टी से निकाल देना चाहिए। भाजपा ने भी आजम खां के यूएन के बयान की तीखी आलोचना की है। भाजपा प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने कहा कि आजम खां लगातार अपने बयानों से उत्तेजना का माहौल बना रहे हैं। श्री शुक्ला ने कहा कि दादरी में जान-बूझकर एक समुदाय को खुश करने के लिए सरकार काम कर रही है।
अपने ऊपर लगे आरोपों से आहत आजम खां ने कहा है कि भाजपा इस देश को हिंदू राष्टï्र बनाना चाहती है। उन्होंने कहा कि जिसको रोकना हो वह रोक ले, वह यूएन में इसकी शिकायत करके रहेंगे।
उन्होंने कहा कि बिहार चुनाव में भाजपा के पास कहने को कुछ नहीं बचा है। इसलिए वह इस तरह का उत्तेजनात्मक माहौल बनाकर लोगों को मुद्दे से भटकाना चाहती है।
इस घटना का बिहार के चुनाव पर भी खासा असर पड़ रहा है। भाजपा लालू यादव के गोमांस खाने के बयान को बड़ा मुद्दा बना रही है। उधर लालू यादव ने कहा कि उनके घर पर 500 गाय हैं, जबकि भाजपा के नेताओं के घर पर गाय की जगह कुत्ते बंधे होते हैं।
उधर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी विज्ञापन में कहा है कि कुछ लोग मांस फेंककर माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच आजम का यूएन में शिकायत करने का मामला प्रधानमंत्री कार्यालय पर पहुंच गया है।

डीजीपी साहब जब कार्रवाई नहीं करनी थी तो बाराबंकी में क्यों पड़वाया था छापा!

पशु चोरी और उनके अवैध कटान में एसपी बाराबंकी की भूमिका को लेकर की गई थी डीजीपी से शिकायत
डीजीपी ने भारी पुलिस बल के साथ डलवाया था छापा और पकड़े थे पशु
मगर एसपी बाराबंकी का कुछ नहीं बिगाड़ सके डीजीपी

लखनऊ। पूरे प्रदेश में पशु तस्करी और उनके अवैध कटान को लेकर तनाव बढ़ता जा रहा है। डीजीपी जगमोहन यादव ने प्रदेश के अफसरों को निर्देश दिए हैं कि अगर कहीं भी पशु तस्करी पाई गई तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मगर अब अफसर आपसी बातचीत में हंस रहे हैं और कह रहे हैं जब डीजीपी साहब को इस बात के प्रमाण मिल गए थे कि बाराबंकी में अवैध पशुओं की तस्करी और उनको काटने का धंधा स्थानीय पुलिस की मदद से हो रहा था, जिसे वहां के एसपी का संरक्षण था, तो उसको अभी तक हटाया क्यों नहीं गया?
डीजीपी के निर्देश पर बाराबंकी पर पड़ा छापा पुलिस महकमे में बेहद चर्चा का विषय बना हुआ है। जब एसपी की शिकायत मिल गई तब डीआईजी लखनऊ के नेतृत्व में तीन एएसपी, पांच सीओ और नौ इंस्पेक्टरों के साथ 17 गाडिय़ों में पुलिस ने छापा मारा था। पुलिस को बड़ी संख्या में प्रतिबंधित पशु भी मिले थे। इन पशु तस्करों के अवैध धंधे की शिकायत की पुष्टिï हो गई थी।
सभी मान रहे थे कि बाराबंकी के एसपी का सस्पेंड होना तय है। मगर अपने राजनैतिक संरक्षण के चलते आज तक उन पर कार्रवाई होना तो दूर उनका तबादला तक नहीं किया गया। यह साफ करता है कि प्रदेश के हालात ठीक नहीं है क्योंकि यहां पुलिस के अफसर ही धंधों में लग गए हैं।

हम लोगो ने छापेमारी की थी। पशु तस्करी में दो एसओ और एक एसआई को लिप्त पाया गया था। उनको निलंबित कर दिया गया है। बाराबंकी के एसपी के खिलाफ कोई साक्ष्य नही मिले।
-डीके चौधरी, डीआईजी, लखनऊ रेंज

बाराबंकी एसपी पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं। ऐसे भ्रष्टï अधिकारी के खिलाफ कोई इसलिए नही बोलना चाहता क्योंकि बाराबंकी एसपी अब्दुल हमीद अनाप शनाप बोलने वाले आजम खान साहब के खास हंै तो उसको हटाना सरकार के लिए आसान नही है। बीजेपी बाराबंकी के भ्रष्टï एसपी को हटाने की मांग पहले भी कर चुकी है।
-आईपी सिंह, प्रवक्ता बीजेपी

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