शिया कॉलेज की गलतियों को भुगत रहे छात्र

  • शिया कॉलेज के प्रिंसीपल पर छात्रों ने लगाया आरोप
  • छात्रों ने कहा हमारी समस्याओं को नहीं सुनते हैं प्रिंसीपल

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Capture (640 x 320)लखनऊ। एलयू में परीक्षा नियंत्रक के पास अपनी समस्या लेकर आए शिया कॉलेज के छात्र-छात्राओं का यह कहना है कि उनके प्रिंसिपल उनकी किसी भी समस्या का समाधान करना तो दूर उनके पास किसी बच्चे से मिलने तक का समय नहीं रहता। एमएससी की छात्रा का कहना है कि महाविद्यालय की लापरवाही के कारण उसकी परीक्षाएं
छूट गयी हैं। जिसके लिए वह परीक्षा नियंत्रक से मिलने आई हैं।
विश्वविद्यालय में कई ऐसे विद्यार्थी नजर आये जिनका कहना था कि हमने अपने परीक्षा फॉर्म 27 अप्रैल को ही महाविद्यालय में जमा कर दिये थे। जबकि परीक्षा के एक दिन पहले कॉलेज से फोन आता है कि आप का फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया है। कॉलेज की तरफ से परीक्षा फॉर्म टाइम से विश्वविद्यालय को न सौंपने के कारण परीक्षा फॉर्म रिजेक्ट कर दिया गया है। इस वजह से एमएससी की परीक्षा में नहीं बैठ पाए। पिछले नियमों के अनुसार परीक्षा में बैैठने के साथ बैक पेपर भी दे सकते थे। महाविद्यालय अब ऐसे किसी नियमों को मनने से इनकार कर रहा है। नियमों में बदलाव के विषय में न कोई नोटिस और न ही कोई जानकारी छात्रों को समय रहते मिली है। इस संबंध में एक छात्रा का कहना था कि हम लोग जब भी अपनी समस्या लेकर प्रिंसिपल से मिलने जाते हैं तो कभी पूरा दिन इंतजार करना पड़ता है उसके बाद भी यह कहकर भेज दिये जाते हैं कि आज प्रिंसीपल साहब नहीं मिल पाएंगे। जब भी कोई मुश्किल पड़ती है तो बिना कुछ सुने हम लोगों को यह कह दिया जाता है कि विश्वविद्यालय से जाकर बात करो। न हमारे साथ प्रिंसिपल साहब ही यूनिर्वसिटी आते हैं और न ही किसी टीचर को साथ भेजने की ही जहमत करते हैं।
इस पूरे प्रकरण पर परीक्षा नियंत्रक एसके शुक्ला का कहना था कि छात्रों के लिए जो भी उचित होगा किया जाएगा।

 

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