शिक्षकों ने शिक्षा निदेशालय पर किया प्रदर्शन

शासन ने दिया मांगों को जल्द पूरा करने का भरोसा

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। सहायता प्राप्त माध्यमिक स्कूलों के शिक्षकों ने अपनी 20 सूत्रीय मांगों को लेकर आज शिक्षा निदेशालय पर धरना प्रदर्शन किया। इसमें में उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ, शर्मा गुट संगठन के विधायकों और राज्य कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। संघ के अध्यक्ष और विधान परिषद में शिक्षक दल के नेता ओम प्रकाश शर्मा ने कहा कि इस धरने के जरिए शिक्षा निदेशक और राज्य सरकार को अपनी प्रमुख मांगों के बारे में बताया जा रहा है।
शिक्षक लंबे समय से राज्य सरकार को अपनी मांगों के बारे में बताते रहे हैं लेकिन अब तक सरकार ने कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया है। शिक्षकों ने अपनी मांगों में सत्र परिवर्तन से लेकर शिक्षकों की सेवा शर्तों का भ्रष्टाचार के कारण पालन न होने और नकलविहीन परीक्षा कराने की मांग प्रमुख रूप से रखी। शिक्षकों का आरोप है कि शिक्षकों की कठिनाइयों और उत्पीडऩ के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। सरकार इन मामलों के निराकरण के प्रति पूर्णतया उपेक्षा का रुख अपनाए हुए है। अनेक शिक्षकों के सडक़ दुर्घटना या अत्यधिक व्यय साध्य बीमारियों में मौत होने से उनके परिवार रोटी के मोहताज भी हुए है। सरकार ने न तो शिक्षकों के लिए नि:शुल्क चिकित्सा व्यवस्था की है और न ही महिला शिक्षकों को चाइल्ड केयर लीव की सुविधा दी है। इनके अलावा बोर्ड परीक्षाओं के पारिश्रमिक का भुगतान भी कई सालों तक अटका रहता हैं। इन मांगों के लिए हम लोगों को हर साल प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ता है। अब शासन को हमारी मांगे पूरी करनी पड़ेगी। शिक्षकों की मांग है कि पिछली बोर्ड परीक्षाओं में शिक्षकों के पारिश्रमिक का तत्काल भुगतान किया जाए। शर्मा ने कहा कि वित्त विहीन विद्यालयों के शिक्षकों के शोषण के खिलाफ संघर्ष और शिक्षण संस्थाओं में सहायकों और लिपिकों की भर्ती से रोक हटाया जाना भी जरूरी है। काफी देर बाद प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों के उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के नेता ओम प्रकाश शर्मा को शासन से वार्ता के लिए बुलाया गया। जिसमें जल्द से जल्द उनकी मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया गया। जिसके बाद धरना प्रदर्शन समाप्त किया गया।

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