शिक्षकों के तबादले में धांधली को लेकर शासन में की गई शिकायत

  • जुगाड़ वाले शिक्षकों को दी गई है तबादले में राहत

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षकों के स्थान्तरण में बेसिक शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव द्वारा तबादला किये जाने में आनलाइन प्रार्थनापत्रों पर कार्यवाही करने में धांधली बरते जाने की शिकायत शासन को भेजी गई है। बाराबंकी, सीतापुर,जौनपुर सहित शिक्षकों की कमी वाले जनपदों में स्थान्तरण चाहने वाले शिक्षकों की मुराद नहीं पूरी की गयी। वहीं कम सेवा अवधि वाले शिक्षकों को तो जुगाड़ के कारण राहत दे दी गयी पर पन्द्रह साल विभाग को दे चुकने वाले शिक्षकों पर विभागीय अधिकारी नहीं पसीजे।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार बेसिक शिक्षा विभाग में बीते तीन सालों से अंतर्जनपदीय तबादलों की मांग रविवार को पूरी हुयी। विभाग के द्वारा जारी सूची में अनियमितताओं को लेकर आज से प्रार्थनापत्र आने शुरु हो गये। सूत्रों के अुनसार आज निदेशालय तथा शासन को सैकड़ों की तादाद में डाक मिली, जिसके तहत शिकायत पायी गयी कि शिक्षकों की तबादला सूची में सीतापुर बाराबंकी जौनपुर मुरादाबाद सहित कई शिक्षको की कमी वाले जिलों में भी शिक्षकों के आवेदन के बावजूद बेसिक शिक्षा सचिव परिषद ने तबादले नहीं जारी किये। शिकायती पत्र के तहत आरोप है कि संजय सिन्हा ने तबादला सूची बनाने में जनपदों में व्याप्त शिक्षकों की कमी को दूर करने की जगह सिफारिशी पत्रों को ध्यान देकर महत्वपूर्ण जनपदों में तबादले जारी किये। वहीं शिकायती पत्रों में बताया गया है कि शिक्षकोंं के तबादला करने में वरिष्ठ शिक्षकों को जुगाड़ नही लगाये जाने के कारण गृह जनपदों में तबादले की कार्यवाही कर राहत देने की बजाये कनिष्ठ शिक्षकों को स्थान्तरित कर राहत दी गयी है। आरोप है कि सचिव बेसिक शिक्षा परिषद के कार्यालय के कई बाबुओं ने सूची बनाये जाने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा की। आज से ही शासन तथा निदेशालय को प्राप्त प्रार्थनापत्रों का अंबार देखकर विभागीय कर्मचारीयों में तबादला सूची को लेकर संशय पैदा हो गया है।

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