शहर भर में नगर निगम की पार्किंग बनी अवैध वसूली का अड्डा

  • निगम अधिकारियों की शह पर दोगुने दाम वसूल रहे पार्किंग ठेकेदार
  • अमीनाबाद क्षेत्र की पार्किंग में व्यापारियों के पास वाले वाहनों का कब्जा
  • शिकायत मिलने पर ठेकेदारों को नोटिस भेजकर की जा रही खानापूर्ति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ । शहर भर में नगर निगम की पार्किंग अवैध वसूली का अड्डा बन गई हैं। यहां आम जनता से खुलेआम पार्किंग के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही है। इसके अलावा अमीनाबाद और नगर निगम कार्यालय के सामने बने पार्किंग स्टैण्ड में पास वाली गाडिय़ों की वजह से आम आदमी को गाडिय़ां पार्क करने की जगह ही नहीं बचती। इस बात को नगर निगम के अधिकारी भी बखूबी जानते हैं लेकिन पार्किंग ठेकेदारों के खिलाफ शिकायत मिलने पर नोटिस भेजकर मामले को भूल जाते हैं। इससे ठेकेदारों से हौसले बुलंद होते जा रहे हैं। जो प्रशासन और आम जनता दोनों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।

राजधानी के प्रमुख बाजारों और शॉपिंग काम्प्लेक्स के बाहर वाहनों को सुव्यवस्थित ढंग से खड़ा कराने के लिए नगर निगम ने पार्किंग स्टैण्ड बनवाये हैं। इसमें हजरतगंज, नगर निगम कार्यालय के सामने और झण्डेवाला पार्क में सबसे अधिक वाहन खड़े होते हैं। इन पार्किंग स्टैण्ड का ठेका भी करोड़ो रुपये में तय होता है। लेकिन पार्किंग में नियमानुसार वाहन स्वामियों से पार्किंग का शुल्क वसूला जा रहा है या नहीं, इस बात की निगरानी करने वाला कोई नहीं है। जिन अधिकारियों पर नगर निगम के पार्किंग स्टैण्ड का जिम्मा है, वे भवन कर व अन्य कई प्रकार की वसूली करने में व्यस्त रहते हैं। इनका ध्यान पार्किंग स्टैण्ड के ठेकेदारों की मानमानी की तरफ बिल्कुल भी नहीं होता है। इस वजह से पार्किंग ठेकेदारों के हौसले बलुंद हो गये हैं। पार्किंग स्टैण्ड का बोर्ड लगाकर शॉपिंग माल्स के बाहर और सडक़ के किनारे गाड़ी खड़ी करने वालों से मनमाना शुल्क वसूली जाता है। इसमें दो पहिया वाहन खड़ा करने वालों से 20-20 रुपये प्रति वाहन और चार पहिया वाहन चालकों से 30-40 रुपये प्रति वाहन पार्किंग शुल्क वसूला जाता है। ऐसा सार्वजनिक अवकाश और त्यौहारों के दौरान हमेशा होता है। इस बात की शिकायत भी नगर निगम के अधिकारियों से की जाती है। निगम के अधिकारी मामले की जांच कर ठेकेदार पर जुर्माना लगा देते हैं लेकिन बार-बार वाहन स्वामियों से पार्किंग के नाम पर मनमाना शुल्क वसूलने वाले ठेकेदारों का ठेका निरस्त करने की कार्रवाई नहीं की जाती है। इसकी बड़ी वजह निगम के अधिकारियों की तरफ से पार्किंग ठेकेदारों को मिला मूक समर्थन है, जिसकी वजह से पार्किंग की अवैध वसूली पर रोक नहीं लग पा रही है।

पार्किंग में अवैध वसूली का मामला पुराना
शहर में पार्किंग ठेकेदारों की अवैध वसूली का मामला नया नहीं है। यहां नगर निगम के अधिकारियों की मिलीभगत के कारण ब्लैक लिस्टेड ठेकेदार भी पार्किंग का ठेका हासिल करने और अवैध रूप से बोर्ड लगाकर पार्किंग के नाम पर वसूली करने में भी कामयाब हो जाते हैं। यहां तक की नगर निगम की पार्किंग में कई महीने तक लावारिश गाडिय़ां खड़ी रहने का मामला भी सामने आ चुका है। पुलिस विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पार्किंग स्थलों को गाडिय़ां छुपाने का अड्डा बनाये जाने को गंभीरता से लेकर कार्रवाई भी की थी लेकिन समय बीतने के बाद पार्किंग स्थलों की तरफ अधिकारियों ने ध्यान देना बंद कर दिया। गौरतलब हो कि करीब दो महीने पहले सहारागंज पार्किग में वाहन स्वामियों से पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली और अभद्रता का मामला सामने आया था। इसमें शिकायत मिलने पर जोनल अधिकारी एके सिंह और कर अधीक्षक ने ठेकेदार को नोटिस भेजा था। इसमें ठेकेदार पर जुर्माना भी लगाया गया था लेकिन समय बीतने के साथ ही मामला ठंडे बस्ते में चला गया। इसी प्रकार अमीनाबाद झंडे वाला पार्क के बगल में स्थित नगर निगम पार्किंग पर भी अवैध वसूली के मामले में बीस हजार रुपये की जुर्माना राशि लगाई जा चुकी है लेकिन ठेकेदार अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहे हैं।

“झंडेवाला पार्क स्थित निगम की पार्किंग में अवैध वसूली के मामले में पहले भी ठेकेदार को नोटिस भेजा जा चुका है। इस ठेकेदार पर जुर्माना राशि भी लगाई जा चुकी है। इसके बाद भी यदि अवैध वसूली की जा रही है, तो मामला गंभीर है। यदि लिखित शिकायत मिलती है, तो ठेकेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाती है।”

-राजेश सिंह, कर अधीक्षक

पार्किंग में आम जनता से होती है अभद्रता
नगर निगम के पार्किंग स्टैण्ड में गाडिय़ां पार्क करने और अवैध वसूली को लेकर अक्सर नोक झोंक होती रहती है। इस समस्या से नगर निगम के अधिकारी भी दो-चार हो चुके हैं। इसके बावजूद ठेकेदारों के खिलाफ ठोस कार्रवाई करने से बचते हैं। शहर में नगर निगम की सहारा शापिंग माल स्थित पार्किंग, अमीनाबाद झण्डे वाला पार्क के बगल में स्थित नगर निगम की पार्किंग, महानगर स्थित नगर निगम की पार्किंग, फिनिक्स शॉपिंग माल के सामने स्थित नगर निगम की पार्किंग में अवकाश और त्यौहार के दिनों में वाहनों की पार्किंग के नाम पर दोगुना शुल्क वसूला जाता है। यहीं नहीं अपनी मर्जी के मुताबिक गाडिय़ां भी खड़ी करवाई जाती हैं। सबसे प्रमुख बात ये है कि पार्किंग में व्यापारियों को वाहन खड़े करने में वरीयता दी जाती है। इसमें पास वाले वाहनों की पार्किंग कोटा से अधिक होने की वजह से आम जनता को गाड़ी खड़ी करने की जगह ही नहीं मिल पाती है।

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