वैट रेट फिक्स होने से बढ़ेगी पेट्रोल की स्मगलिंग

सरकार के फैसले के खिलाफ छिड़ी मुहिम

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल के मूल्य पर वैट (वैल्यु एडेड टैक्स) फिक्स कर दिया है। इसकी वजह से पेट्रोलियम उत्पादों की कीमत में आने वाले उतार चढ़ाव का लाभ उपभोक्ताओं को नहीं मिल पायेगा। इसमें सारा मुनाफा पेट्रोलियम कंपनियों को मिलेगा, जो अधिक से लाभ कमाने के मकसद से कीमतों में उतार चढ़ाव के आधार पर पेट्रोलियम पदार्थों का मूल्य निर्धारित करने वाले राज्यों से तेल की स्मगलिंग करेंगी। इसको रोकना सरकार के लिए बड़ी चुनौती है।
उत्तर प्रदेश पेट्रोलियम ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बीएन शुक्ला ने पेट्रोलियम पदार्थों पर लगने वाले वैट को फिक्स करने संबंधी प्रदेश सरकार के फैसले के खिलाफ मुहिम छेड़ दी है। इस संबंध में उन्होंने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र लिखकर अपने निर्णय पर पुनर्विचार करने और दुष्प्रभावों से बचाव की पुख्ता रणनीति बनाने की मांग की है।
इसके साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में आने वाली कमी का लाभ प्रदेश के उपभोक्ताओं को नहीं मिल पाने और महंगाई बढऩे की आशंका व्यक्त की गई है। इस फैसले को प्रदेश के सीमावर्ती राज्यों दिल्ली, हरियाणा और पंजाब से लाखों रुपये महीने की कीमत का पेट्रोल और डीजल स्मगल करने वालों को बढ़ावा देने वाला कदम बताया है। इसके साथ ही न्यूनतम वैट फिक्स करने में पेट्रोलियम कंपनियों की मिलीभगत की भी आशंका व्यक्त की है।
नासमझी भरा निर्णय
एसोसिएशन के अध्यक्ष ने प्रदेश सरकार की तरफ से अपना राजस्व बढ़ाने के लिए न्यूनतम वैट फिक्स करने को नासमझी भरा निर्णय बताया है। इसमें पेट्रोलियम कंपनियों के अधिकारियों और न्यूनतम वैट फिक्स करने की सलाह देने वाले अधिकारियों के बीच साठगांठ होने की बात भी कही है। इसकी प्रमुख वजह क्रूड ऑयल के प्रवेश कर को समाप्त कर निजी तेल कंपनियों को लाभ पहुंचाने वाला फैसला है। इसके विरोध में 28 जुलाई को समस्त पेट्रोल पंप प्रात: 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक बंद रहेंगे। यदि सरकार ने मामले को संज्ञान में लेकर जनहित में निर्णय नहीं लिया तो पेट्रोल पम्प डीलर्स अनिश्चितकाल के लिए पेट्रोल व डीजल का उठान बंद कर देंगे।

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