विभाग की लापरवाही, समय से नहीं मिल रहा लाइसेंस

परिवहन-डाक विभाग एक-दूसरे को ठहरा रहे जिम्मेदार

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। परिवहन व डाक विभाग की लापरवाही के कारण आवेदकों को समय से लाइसेंस नहीं मिल रहा है। परिवहन विभाग और डाक विभाग एक दूसरे को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी लापरवाही से बचना चाह रहे है। परिवहन विभाग तो एक हफ्ते में ड्राइविंग लाइसेंस देने की बात कहता है पर लोगों को महीनों बाद भी नहीं मिल रहा है। इसकी वजह ये है कि परिवहन और डाक विभाग अपने काम को सही तरीके से अंजाम नहीं दे पा रहा है।

परिवहन विभाग के अधिकारी लाइसेंस सही समय पर न पहुंच पाने का ठीकरा डाक विभाग के सिर फोड़ रहे हैं। वहीं, डाक विभाग इसके लिए परिवहन विभाग को दोषी ठहरा रहा है। दोनों विभागों की आपसी खींचतान में आवेदक पिस रहे हैं। ड्राइविंग लाइसेंस संबंधी शिकायतों का अंबार लगने के बाद परिवहन अधिकारी सक्रिय हुए हैं। जल्द ही इस सिलसिले में वे चीफ पोस्ट मास्टर से इसकी शिकायत कर समाधान निकालने की कोशिश करेंगे। राजधानी के ट्रांसपोर्टनगर स्थित आरटीओ ऑफिस से रोजाना करीब 150 लर्निंग और इतनी ही संख्या में परमानेंट लाइसेंस डिस्पैच किए जाते हैं। इनमें से अधिकांश लाइसेंस आवेदकों को सही समय पर नहीं मिल रहे हैं। इस वजह से आवेदकों को काफी परेशानी हो रही है और वे ऑफिस के चक्कर काट रहे हैं। विभागीय अधिकारियों के पास लाइसेंस संबंधी दर्जनों
शिकायतें आ रही हैं, लेकिन इनका समाधान नहीं हो पा रहा है।

सूत्रों के अनुसार, परिवहन और डाक विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत के चलते आवेदकों को सही समय पर लाइसेंस नहीं मिल पा रहा है। डाक विभाग की लापरवाही की वजह से लोगों को मजबूरन विभाग का चक्कर लगाना पड़ता है और वे दलालों के चंगुल में फंस जाते हैं। दलाल उनसे पैसों की मांग कर तत्काल लाइसेंस मुहैय्या करा देते हैं और फिर से सात दिन के अंदर भेजने का वादा कर आवेदक को घर भेज देते हैं। कई बार तो ऐसी भी शिकायतें आईं है कि लर्निंग लाइसेंस छह महीने बाद भी आवेदकों के घर नहीं पहुंचता है।
इस संबंध में परिवहन आयुक्त ऑफिस के कंप्यूटर सेल में तैनात एआरटीओ प्रशासन संजय नाथ झा ने कहा कि लाइसेंस संबंधी आवेदकों की शिकायतें जल्द दूर की जाएंगी। लाइसेंस सही समय पर न पहुंच पाने के लिए डाक विभाग ही पूरी तरह जिम्मेदार है। जल्द ही आरटीओ ऑफिस से डाक विभाग को इस बाबत पत्र भेजा जाएगा।

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