विधायकों ने पहले ही दिन किया हाउस में हंगामा, केवल चार दिन चलेगा सदन, उसमें भी हल्ला करने को तैयार बैठे हैं माननीय!

  • पहले दिन दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि देकर स्थगित हुई विधानसभा
  • विधान परिषद में विधायकों का सरकार के खिलाफ जमकर हंगामा
  • सीएम ने विधानसभा की कार्यवाही के डिजिटलाइजेशन का किया उद्ïघाटन
  • सरकार की घेराबंदी करने को विपक्ष ने कसी कमर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
22 AUG PAGE- 11लखनऊ। विधान सभा में आज दिवंगत विधायकों को श्रद्धाजंलि देने के बाद सदन कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं विधान परिषद में आज विपक्ष ने जमकर हंगामा किया, जिसके बाद सदन स्थगित कर दिया गया। विपक्ष इस सत्र में सरकार की जमकर घेराबंदी करना चाहता है। बड़ी संख्या में विधायक अपनी पार्टी छोडक़र दूसरी पार्टी में चले गये हैं, लिहाजा इस बार सदन का नजारा बदला-बदला है। बसपा, भाजपा और कांग्रेस के बीच इस बात की होड़ लगी है कि कौन इस बात का पुख्ता दावा पेश कर सकता है कि वही सपा का मुकाबला कर सकता है।
सदन शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री ने विधानसभा की कार्यवाही के डिजिटलाइजेशन का भी उद्ïघाटन किया, जिससे पच्चीस साल तक की विधानसभा कार्यवाही का लेखा-जोखा ऑनलाइन देखा जा सकता है। सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि इसके ऑनलाइन होने से लोगों को विधानसभा की कार्यवाही की विस्तृत जानकारी मिल सकेगी।
विधानसभा में आज सभी प्रमुख पार्टियों के नेताओं ने अपने दिवंगत साथियों के प्रति शोक व्यक्त किया और उन्हें याद किया। कल विधानसभा में 12:30 बजे अनुपूरक बजट पेश किया जायेगा और 24 अगस्त को बजट पर चर्चा और मतदान होगा। 25 अगस्त से 28 अगस्त तक अवकाश रहेगा और उसके बाद 29 और 30 अगस्त को विधायी कार्य होंगे।
विधान परिषद शुरू होते ही बसपा नेता नसीमुद्ïदीन सिद्ïदीकी ने हंगामा शुरू किया। उन्होंने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून व्यवस्था ठप्प हो गयी है। उन्होंने बुलंदशहर बलात्कार कांड और मथुरा के जवाहर कांड का मुद्ïदा उठाते हुए कहा कि सरकार का इकबाल खत्म हो गया है। इसका सपा विधायकों ने कड़ा विरोध किया। हंगामे को देखते हुए सदन को स्थगित किया गया।
कल विधानसभा में अनुपूरक बजट पेश किया जाना है और उससे पहले विपक्ष ने इस मुद्ïदे पर जमकर हंगामा करने का मन बना लिया है। अब तक सदन में स्वामी प्रसाद मौर्या बसपा की तरफ से सरकार पर हमले की कमान संभालते थे मगर इस बार बहन जी की जगह मोदी जी की जय जयकार लगाते नजर आने वाले हैं।
नेता विरोधी दल बसपा के गंगाचरण दिनकर के सामने अब यह अग्नि परीक्षा है कि वे स्वामी प्रसाद मौर्या की कमी महसूस न होने दें। बसपा चाहती है कि वे सपा पर सबसे तीखा हमला बोलें, जिससे यह संदेश जाये कि वे ही सपा का मुकाबला कर सकते हैं। कुछ ऐसी ही रणनीति भाजपा की भी है। कांग्रेस भी खुद को पीछे नहीं दिखाना चाहती।
सरकार की तरफ से सीएम अखिलेश यादव खुद कमान संभालने वाले हैं और वे विपक्ष पर हमला करके यह बतायेंगे कि साढे चार साल के दौरान उन्होंने प्रदेश के विकास के लिए क्या-क्या किया।
जाहिर है सिर्फ चार दिन के सत्र में सभी पार्टियां अपनी बाहें चढ़ाये हुए हैं और कल इसका जबरदस्त नमूना भी देखने को मिलेगा। माना जा रहा है कि यह सरकार का अखिरी सत्र होगा। इसलिए सभी पार्टियां जबरदस्त प्रदर्शन के मूड में नजर आ रही हैं।

विधानसभा की कड़ी चौकसी, प्रदर्शनकारियों पर किया गया हल्का बल प्रयोग

लखनऊ। विधानसभा का घेराव करने के लिए आज कई संगठनों ने आंदोलन करने की चेतावनी दे रखी थी। पुलिस के सामने इन प्रदर्शनकारियों से निपटने की बड़ी चुनौती थी, लिहाजा आज विधानसभा के आसपास का इलाका छावनी बना दिया गया था। कई प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग भी किया। विधानसभा पर प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों और पुलिस के बीच झड़प हुई। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे सैकड़ों शिक्षकों को जबरन बस में बिठाया और उन्हें रमाबाई अंबेडकर मैदान ले गये। वहां शिक्षकों को बिठाये रखा गया है। इसके साथ ही लाठियां भांजकर विधानसभा के सामने से भीड़ को हटवाया।
प्रदेश में मान्यता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल को अनुदान सूची में लाने और यूपी के शिक्षकों की पुरानी पेंशन देने की मांग को लेकर हजारों शिक्षक विधानसभा पहुंच गये। शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी शुरू कर दी। इस पर वहां मौजूद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर उन्हें वहां से हटाया।

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