विधानसभा उपचुनावों में सपा को भारी झटका

देवबंद सीट पर कांग्रेस, मुजफ्फरनगर में भाजपा और बीकापुर में सपा जीती
गाजियाबाद मेयर का चुनाव भी जीता भाजपा ने
विधानसभा चुनाव से एक साल पहले आए नतीजों ने बढ़ाया राजनैतिक तापमान

T1 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अब जब विधानसभा के चुनावों में सिर्फ एक साल बचा है। ऐसे में आज आए विधानसभा के उपचुनाव के नतीजों ने समाजवादी पार्टी को गहरा झटका दिया है। सपा अपनी तीन सीटों में सिर्फ एक ही सीट बचा पाई है। देवबंद जैसे मुस्लिम बाहुल्य इलाके में कांग्रेस के मुस्लिम प्रत्याशी की जीत ने सपा के माथे पर शिकन डाल दी है, तो कांग्रेस के खेमे में खुशी की लहर दौड़ गई है। भाजपा मुजफ्फरनगर विधानसभा सीट के साथ गाजियाबाद का मेयर का चुनाव जीतकर दावा करने में जुटी है कि प्रदेश में अब भाजपा मजबूती से उभर रही है।
आमतौर पर माना जाता है कि उपचुनाव सत्ता पक्ष ही जीतती है। यह सीटें मुजफ्फरनगर में प्रदेश सरकार के मंत्री चितरंजन स्वरूप, देवबंद में मंत्री राजेन्द्र सिंह राणा और बीकापुर में सपा के ही मित्रसेन यादव के निधन से खाली हुई थी। अपनी तीनों सीटे जीतने के लिए सपा ने खासी मेहनत की थी। सपा जानती थी कि अगर वह एक सीट भी हार गई तो इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
भाजपा भी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुजफ्फरनगर और देवबंद की सीट जीतने के लिए जी जान से जुटी थी। वह संदेश देना चाह रही थी कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में उसका जादू चल रहा है। बसपा इस उपचुनाव से बाहर थी। मगर सबसे ज्यादा चौकाने वाला परिणाम देवबंद से आया। यहां कांग्रेस प्रत्यशी ने माविया अली ने जीत हासिल की। देवबंद मुस्लिम बाहुल्य इलाका है। उन्होंने सपा के उम्मीदवार मीना राणा को तीन हजार से अधिक वोटो से हराया।
मुजफ्फरनगर चुनाव प्रचार के आखिरी दिन मुजफ्फरनगर दंगों का मामला केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव बालियान ने उठाया था। उन्होंने दंगे के वक्त एक हिन्दू महिला से रेप और बीते दिनों आंगनबॉड़ी वर्कर के रेप का वीडियो वायरल होने का मामला उठाते हुए जाट वोटरो से भाजपा को जिताने की अपील की थी। इस साम्प्रदायिक धु्रवीकरण का फायदा भी भाजपा को मिला और भाजपा के कपिल देव अग्रवाल ने चुनाव जीत लिया।
सपा के लिए सिर्फ राहत भरी खबर बीकापुर से आई जहां सपा के आनन्द सेन यादव ने छह हजार से अधिक मतो से जीत हासिल की। यहां चौकाने वाली बात यह रही कि यहां राष्टï्रीय लोक दल के मुन्ना सिंह चौहान दूसरे स्थान पर रहे।
इस उपचुनाव के नतीजे ने विपक्ष को सरकार पर हमला बोलने का मौका दे दिया है। विपक्ष एक सुर में इसे सरकार के खिलाफ जनता की नाराजगी बताने में जुट गया है। तो दूसरी तरफ सपा ने भाजपा पर चुनाव का सांप्रदायीकरण करने का आरोप लगाया है। जाहिर है कि विधानसभा चुनाव से पहले आए उपचुनाव के नतीजों ने प्रदेश में राजनैतिक तापमान बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि इन्हीं चुनाव के नतीजों से आने वाले दिनों में राजनैतिक माहौल बनना शुरू हो जाएगा।
पंचायत चुनाव में गुंडागर्दी का, किसान विरोधी नीतियों का और ध्वस्त कानून व्यवस्था का जवाब जनता ने सपा को दे दिया है। अब सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है।

-लक्ष्मीकांत बाजपेयी प्रदेश अध्यक्ष भाजपा

इन चुनावों में सपा और भाजपा का गठजोड़ सामने आ गया है। देवबंद में भाजपा ने सपा को जिताने की पूरी कोशिश की। इन नतीजों ने साफ कर दिया है कि प्रदेश में अब कांग्रेस मजबूती से मैदान में है।
-अशोक सिंह प्रवक्ता, कांग्रेस

छात्रा उन्नति की हत्या को लेकर विधान सभा में हंगामा

24 घंटे बाद भी नहीं लगा हत्यारों का सुराग
आज दोपहर आम आदमी पार्टी निकालेगी दङ्क्षरदगी के खिलाफ मार्च
दिन-दहाड़े छात्रा की हत्या और बलात्कार ने दहला दिया राजधानी को

लखनऊ। राजधानी में कल हुए उन्नति मर्डर केस को लेकर अभी तक हत्यारों का कुछ पता नहीं चल सका है। आज इस मामले को लेकर विधानसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। विपक्ष का यह आरोप था कि प्रदेश भर में सपा सरकार कानून व्यवस्था के नाम पर फेल हो गयी है और उन्नति मर्डर केस उसी का नतीजा है। इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई और हत्यारों की गिरफ्तारी की मांग करते हुये विधानसभा में बसपा, बीजेपी समेत सभी विपक्षी विधायकों ने जमकर हंगामा काटा। हंगामे के दौरान बीजेपी के विधायक विधानसभा के वेल में जा कर हंगामा कर रहे थे। तो वहीं इस मुद्दे पर बसपा और कांग्रेस के विधायको ने सदन से वॉकआउट कर दिया। जिसके बाद सदन की कार्यवाही को 11.45 तक स्थगित कर दिया गया।
गौरतलब है कि राजधानी में सोमवार की सुबह सीएम हाउस के पास नाले से 12वीं की छात्रा की लाश मिली। वह पांच दिन से लापता थी। जिसकी गुमशुदगी की शिकायत के बाद भी पुलिस ने इस मामले पर कुछ खास कार्रवाई नहीं कि। सोमवार को उन्नति की लाश मिलने के बाद इस मामले में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है।

सीएम ने दिये एसटीएफ से जांच के आदेश
सीएम अखिलेश यादव ने इस मामले को संज्ञान में लेते हुये डीजीपी जावीद अहमद को यह आदेश दिया कि इस मामले की वह एसटीएफ से जांच कराएं और जल्द से जल्द इस मामले से जुड़े आरोपियों को गिरफ्तार करें। सीएम अखिलेश यादव ने यह जानकारी अपने ट्विटर के माध्यम से दी। जिसमें साफ तौर से डीजीपी को यह आदेश दिया गया है कि इस मामले का जल्द से जल्द खुलासा करें।

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