विदेशी छात्र के साथ हुई ठगी

पांच हजार के साफ्टवेयर का लिया 39 हजार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के बीकाम सेकेण्ड इयर में पढ़ रहे विदेशी छात्र के साथ एक प्राइवेट कम्पनी ओसीएन वेबसॉफ्ट ने 39 हजार रुपए की ठगी की है। छात्र ने पत्र लिखकर इसकी शिकायत कुलानुशासक से की है। शिकायत मिलने पर कुलानुशासक ने कम्पनी के मालिक को बुलाकर पूछताछ किया और छात्र का पैसा जल्द से जल्द लौटाने को कहा है। ऐसा न करने पर कम्पनी के खिलाफ एफआईआर करने की बात कही है लेकिन अब तक इस पर कोई कार्रवाई नही हुई है।
विश्वविद्यालय से बीकाम ऑनर्स कर रहे युगांडा से आए विदेशी छात्र सविमाना लियोनार्ड ने एक प्राइवेट कम्पनी को अपने एक प्रोजेक्ट के लिए सॉफ्टवेयर बनाने के लिए 39 हजार रुपये दिये। जिसके लिए कम्पनी ने छात्र से एडवांस में पूरा पेमेंट ले लिया। कम्पनी ने एक साफ्टवेयर तैयार करने के लिए सात से आठ महीने लगाए जिसके लिए कम्पनी के मालिकों ने छात्र से और पैसे की मांग की। छात्र ने और पैसे देने से मना कर दिया। छात्र को जब साफ्टवेयर मिला तो उसमें ऐसा कोई काम नहीं किया गया था। छात्र ने जब कम्पनी मालिकों से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अपने हाथ खड़े कर दिये। छात्र ने इसकी शिकायत हसनगंज थाने में की जिसके बाद थान प्रभारी ने इस बात की जानकारी विवि के प्रॉक्टोरियल बोर्ड को दी। प्रॉक्टर ने इस मामले को पहले अपनी तरह से सुलझाने के लिए कम्पनी के मालिकों को बुलाकर मामले की जांच की। जांच में कम्पनी द्वारा बनाए गए साफ्टवेयर पूरी तरह से बेकार था। साथ इस प्रोग्राम की जांच विशेषज्ञों से करवाने के बाद पता चला कि यह पूरा साफ्ट वेयर महज पांच हजार रुपये में मिल जाता है। जिसके लिए छात्र से 39 हजार रुपये लिए गये थे। विवि के प्रॉक्टर बोर्ड ने छात्र का पैसा जल्द से जल्द लौटाने को कहा है। साथ ही यह भी चेतावनी दी है कि अगर पैसा लौटाने में किसी भी प्रकार देर हुई तो कम्पनी पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी लेकिन अब तक उस कम्पनी ने किसी प्रकार का कोई जवाब नहीं दिया है।

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