वित्तविहीन शिक्षकों ने सरकार पर धोखे का लगाया आरोप

लखनऊ। शिक्षकों का आरोप है कि सरकार ने चुनाव के समय समस्याओं का निवारण करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब सरकार अपने वादे भूल चुकी है। उसी वादे को याद दिलाने के लिए राजधानी पहुंचे हैं। उप्र माध्यमिक वित्त विहीन शिक्षक संघ के शिक्षकों ने सरकार के विरुद्ध प्रदर्शन किया। शिक्षकों ने हाथों में तख्तियां लेकर ‘मानदेय का वादा धोखा है‘नारा लगा रहे थे। लेकिन राजधानी पुलिस ने उन्हें भाजपा कार्यालय के पहले ही रोक लिया और गुस्साए शिक्षकों ने सडक़ के बीचो बीच ही बैठकर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। प्रदेश अध्यक्ष लालबिहारी यादव ने कहा, ‘‘सरकार ने शिक्षकों के साथ धोखा किया है। चुनाव के दौरान जो वादे किए गए उनमें से कोई भी वादा आज तक पूरा नहीं हुआ है। न ही शिक्षक समस्याओं के समाधान में ही सरकार की कोई रुचि है।‘उन्होंने कहा, ‘‘प्रदेश सरकारें पिछले 29 वषों से वित विहीन शिक्षकों का शोषण करती चली आ रहीं हैं। बावजूद इसके सीधा सरल शिक्षक चुनाव के दौरान इनकी बातों पर विश्वास करता है और जी जान से साथ देता है। लेकिन ऐसी सरकारों ने हमेशा ही शिक्षकों से छल किया है। समय रहते ही सरकार वित्तविहीन शिक्षकों के मानदेय का मामला सुलझा ले, नहीं तो इसके गंभीर परिणाम होंगे। 2017 के विधान सभा चुनाव में सरकार को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। इस दौरान प्रदेश महासचिव आफताब खां, डॉ. राम कैलाश यादव, रामबदन, चंद्र भूषण मिश्र, डॉ. इंद्रपाल सिंह, श्रीनारायण, हरि अवस्थी, सत्यनारायण परिहार, बालेश्वर यादव, देशबंधु शुक्ला, शोभाराम पटेल, रामचंद्र यादव, वीरेंद्र चौरसिया, समयदेव पांडेय, मुमताज, डॉ. शैलेंद्र दत्त शुक्ल आदि उपस्थित रहे।

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