विकास के लिए यूपी सरकार के साथ काम करेंगे रतन टाटा

रतन टाटा ने विकास कार्यों के लिए सीएम अखिलेश की सराहना की और कहा कि इस युवा नेतृत्व से देश को उम्मीद, टाटा समूह करेगा पूरा सहयोग
निजी क्षेत्र की कम्पनियों के लिए निवेश का माहौल तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा टाटा और यूपी सरकार के बीच करार

BH1 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी सरकार के लिए आज का दिन बेहद खास रहा। देश भर के उद्योगों में अपनी विशिष्टï पहचान रखने वाले रतन टाटा आज लखनऊ आए और विकास के लिए यूपी सरकार से कई करार किए। टाटा समूह के यूपी में निवेश से सरकार की उम्मीदों को नए पर लगे हैं और सरकार मान रही है कि अब प्रदेश में बाकी उद्योगपति भी बड़ा निवेश करेंगे। सीएम ने रतन टाटा को विस्तार से बताया कि किस तरह यूपी सरकार उद्योगपतियों के लिए निवेश का माहौल बना रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि किसानों के बीच यह जानकारी आनी चाहिए कि किन चीजों से उनके जीवन में बदलाव आयेगा। टाटा ट्रस्ट के रतन टाटा का शुक्रिया अदा करते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश के सामुदायिक विकास में यह ट्रस्ट सहयोग करेगा। जिससे प्रदेश में रोजगार के मौके तो बढ़ेंगे ही साथ ही अवस्थापना सुविधाओं का भी विकास होगा इसी दौरान सीएम श्री यादव व रतन टाटा की मौजूदगी में समझौता पत्र पर हस्ताक्षर किये गये। इसके तहत टाटा ट्रस्ट प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि और सौर ऊर्जा के क्षेत्र में बेहतरी के लिए काम करेगा।
श्री यादव ने कहा कि टाटा की मदद से लोगों के जीवन में बदलाव आयेगा। लोगों को पोषण पूरी तरह से नहीं मिल पाता है जिससे शिशु और मातृ मृत्यु दर बढ़ रही है। जब तक लोग जागरूक नहीं होंगे तब तक इस योजना को सफल नहींं बनाया जा सकता है। अब जब टाटा ट्रस्ट यहां काम करेगा तो बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। उन्होंने पर्वतारोही अरूणिमा सिन्हा का नाम लिये बगैर कहा कि अभी कुछ दिन पहले टाटा उन्नाव आये थे, एक लडक़ी जिसने अपनी तमाम कमियों को साहस से ढक दिया और एवरेस्ट पर चढ़ गयी। उस लडक़ी का श्री टाटा ने हौसला बढ़ाया। इसी तरह यदि टाटा लगातार सहयोग करते रहेंगे तो बदलाव आयेगा। लोगों के जीवन में बदलाव लाने का संकल्प लेते हुए सीएम ने कहा कि प्रदेश में सपा सरकार बनने के बाद से ही, चाहे शहरों को खुशहाली और तरक्की पर ले जाने का मामला हो या गांवों की खुशहाली का, सरकार ने दोनों तरफकाम किया है। लोग आगे बढऩा चाहते हैं, उन्हें जानकारी मिल जाये तो वह इसमें पीछे नही रहेंगे और सहयोग से ही उन तक बातें पहुंचेंगी। उन्होंने रतन टाटा से कहा कि हम आपसे कुछ मांग नहीं रहे पर आप आते रहे तो इसी से प्रदेश बदलाव करके दिखायेगा।.

टाटा ट्रस्ट के रतन टाटा लखनऊ पहुंचे और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। इस दौरान प्रदेश के सामुदायिक विकास के लिये कई करार पर हस्ताक्षर किये गये। सीएम श्री यादव और श्री टाटा ने कार्यक्रम को भी संबोधित किया।

देश को हिलाने वाले निर्भया कांड का दोषी

रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने रोक से किया इंकार

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाती मालीवाल ने सुप्रीम कोर्ट में दायर की थी याचिका
नाबालिग दोषी को नहीं छोडऩे की जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को चि_ïी लिखकर की थी अपील

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली गैंगरेप के दोषी नाबालिग की रिहाई के खिलाफ दायर दिल्ली महिला आयोग की याचिका को आज खारिज करते हुए उसकी रिहाई पर रोक लगाने से इंकार कर दिया। दरअसल, शनिवार देर रात दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालीवाल ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था और रविवार को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड को चिट्टी लिखकर नाबालिग दोषी को नहीं छोडऩे की अपील की थी, जिस पर जस्टिस आदर्श गोयल ने सोमवार को सुनवाई की बात कही थी। उल्लेखनीय है कि इस सजायाफ्ता नाबालिग को दोषी करार दिए जाने के बाद तीन साल के लिए सुधार गृह में भेज दिया गया था और रविवार को रिहा कर एक एनजीओ के पास भेज दिया गया।

गैंगरेप के खिलाफ जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक प्रदर्शन
नाबालिग दोषी की रिहाई के खिलाफ दिल्ली में जंतर-मंतर से लेकर इंडिया गेट तक प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन में निर्भया के माता-पिता भी शामिल थे। निर्भया का परिवार नाबालिग दोषी की रिहाई से काफी नाराज है। बीती शाम अंधेरा होने तक भी निर्भया के माता-पिता समेत कई प्रदर्शनकारी इंडिया गेट पर जमा थे, जिन्हें पुलिस ने बड़ी मशक्कत के बाद वहां से हटाया। इस दौरान निर्भया की मां को हल्की-फुल्की चोटें भी आईं, लेकिन उनका कहना है कि इंसाफ के लिए हमारी लड़ाई जारी रहेगी।

कानून में बदलाव के लिए लड़ती रहूंगी : निर्भया की मां
उच्चतम न्यायालय के इस आदेश के बाद निर्भया की मां आशा देवी ने नम आंखों से कहा कि ‘मुझे पता था यही होगा’। भारत में कभी कानून नहीं बदलेगा और महिलाओं को कभी इंसाफ नहीं मिलेगा। कानून में बदलाव के लिए लड़ती रहूंगी। निर्भया केस से सबक न लेना दुर्भाग्य है।

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