विंडोज़ एक्सपी के लिए बंद होते जा रहे दरवाजे

Captureअगर आप आज भी विंडोज़ एक्सपी का इस्तेमाल करते हैं तो कम से कम इस बात को लेकर खुश होंगे कि आपके पास एक अदद तेजतर्रार इंटरनेट ब्राउजऱ तो मौजूद है। गूगल क्रोम ब्राउजऱ विंडोज़ एक्सपी पर भी उसी तेजी के साथ चलता है जैसे विंडोज के नए संस्करणों (7, 8 आदि) पर। यह बात खुद माइक्रोसॉफ्ट के इंटरनेट एक्सप्लोरर पर लागू नहीं होती, जिसके नए संस्करण सिर्फ ताजातरीन ऑपरेटिंग सिस्टमों पर चलते हैं। लेकिन ऐसे यूज़र्स के लिए खबर थोड़ी नकारात्मक है और वह यह कि गूगल इस साल के अंत तक विंडोज़ एक्सपी के लिए क्रोम का समर्थन मुहैया कराना बंद कर देगा। यानी क्रोम ब्राउजऱ के नए संस्करण एक्सपी पर इस्तेमाल नहीं किए जा सकेंगे। उसमें आने वाली समस्याएँ भी दुरुस्त नहीं की जाएंगी। अफसोस!
आपको याद होगा कि माइक्रोसॉफ्ट भी अपने इस बेहद लोकप्रिय ऑपरेटिंग सिस्टम के लिए सपोर्ट उपलब्ध कराना बंद कर चुका है। अप्रैल 2014 में ही माइक्रोसॉफ्ट ने विंडोज़ एक्सपी के लिए समर्थन बंद कर दिया था, जिसका अर्थ यह ता कि इस ऑपरेटिंग सिस्टम के सामने आने वाली नई चुनौतियों का समाधान करने के लिए माइक्रोसॉफ्ट अब कोई कदम नहीं उठाता। जो लोग एक्सपी का इस्तेमाल आज भी कर रहे हैं वे किस्मत के भरोसे पर हैं।
जी हाँ, गूगल पर हम खबरों, वेब पेजों, स्थानों और चित्रों से लेकर न जाने क्या-क्या खोजते रहे हैं। लेकिन अब एक क्रांतिकारी खोज के लिए तैयार हो जाइए। गूगल एक नया एप और फीचर लेकर आया है। इसका नाम है- फाइंड माइ फोन जो अपने नाम के ही मुताबिक आपके खोए हुए फोन को तलाशने में मदद करेगा। इस सुविधा का फायदा उठाने के लिए तुरत-फुरत अपने एंड्रोइड स्मार्टफोन पर फाइंड माइ फोन नाम का एप्प इन्स्टाल कर लीजिए। उसके बाद जब भी फोन खो जाए या उसे कहीं भूल जाएं, किसी इंटरनेट ब्राउजऱ में जाकर गूगल सर्च में लिखिए। गूगल उसे ढूंढ निकालेगा और बाकायदा नक्शे में दिखाएगा। इसे दबाइए, अगर आपका फोन आसपास ही किसी सोफे के नीचे, अलमारी के भीतर या कार की पिछली सीट पर पड़ा है तो घंटी बज उठेगी।
आपको याद है, पिछले साल हैकरों ने सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट में सेंध लगाकर मनोरंजन जगत की बड़ी-बड़ी हस्तियों के लाखों ईमेल हैक कर लिए थे? इनमें कुछ हस्तियों के ऐसे ईमेल संदेश भी थे जिनमें उनके न्यूड फोटो मौजूद थे। इसकी वजह से सोनी को भारी नुकसान हुआ था और इसे उत्तर कोरियाई हैकरों की हरकत भी करार दिया गया था जिन पर अपने नेता की छवि को प्रभावित करने वाली फिल्म द इंटरव्यू का प्रसारण रोकने के लिए ऐसा करने का आरोप था। अब उनमें से 1,70,000 ईमेल संदेश और करीब 30 हजार दस्तावेज विकीलीक्स वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं। क्या यह साइबर अपराध नहीं? विकीलीक्स का कहना है- नहीं, व्हाइट हाउस और सोनी के करीबी संबंधों के चलते जनता को यह जानने का अधिकार है कि इन संदेशों में क्या है। उधर सोनी इस खुलेआम लीक पर बिफरी बैठी है।

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