वार्ता पर संकट…

भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी अच्छे रिश्तों के लिए पहल होती है, तो सेना किसी न किसी तरह उसे विफल करने में जुट जाती है। इसका सबसे आसान तरीका सीमा पर गोलीबारी है। गोलीबारी से दोनों देशों में दुश्मनी और विरोध की भावना उग्र हो जाती है और अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश बेकार हो जाती है।

sanjay sharma editor5भारत-पाकिस्तान के बीच नए सिरे से बातचीत का सिलसिला शुरू होने से पहले ही इसके अटकने की आशंका पैदा हो गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों की जटिलताएं जितनी सुलझती हैं, उससे ज्यादा उलझ जाती हैं। रूस के उफा में भारत और पाक के प्रधानमंत्रियों के बीच बातचीत से यही लगा था कि दोनों देशों के बीच फिर मधुर संबंधों को लेकर गर्मजोशी का माहौल पैदा हो सकता है। मगर जिस तरीके से सीमा पर माहौल गरमा गया है उससे हालात बदलते नजर आ रहे हैं। इसके पहले पाकिस्तान ने लखवी की आवाज का नमूना भारत को देने का विरोध किया था। उसने यह भी कहा था कि भारत से वार्ता तभी संभव है जब ‘कश्मीर’ मुद्दे पर बात होगी।
वह मामला अभी ठंडा हुआ नहीं कि अब भारत-पाक सीमा पर गोलीबारी शुरू हो गई है, जिसमें एक नागरिक की मौत हो गई है। इसके अलावा एक और घटना यह हुई कि पाकिस्तान ने एक ड्रोन मार गिराया और आरोप लगाया कि यह ड्रोन भारत ने जासूसी करने के लिए भेजा था। पाकिस्तान ने इसका विरोध भी प्रकट किया और भारत का कहना है कि यह ड्रोन भारतीय सेना का नहीं है। तस्वीरों से वह चीनी डिजाइन का लगता है, जो बाजार में खुलेआम मिलते हैं।
फिलहाल इसका कुल मिलाकर यही परिणाम दिख रहा है कि एक बार दोनों देशों के रिश्तों में जो नए रास्ते खुलते दिखे थे, अब बंद होते दिख रहे हैं। सीमा पर शांति बहाल करने के इरादे से विदेश सचिव व सुरक्षा सलाहकार ने पाक उच्चायुक्त अब्दुल बासित से फोन पर बात भी की, पर भरोसा पैदा करने वाला कोई जवाब नहीं मिला। भारत और पाकिस्तान के बीच जब भी अच्छे रिश्तों के लिए पहल होती है, तो सेना किसी न किसी तरह उसे विफल करने में जुट जाती है। इसका सबसे आसान तरीका सीमा पर गोलीबारी है। गोलीबारी से दोनों देशों में दुश्मनी और विरोध की भावना उग्र हो जाती है और अच्छे रिश्ते बनाने की कोशिश बेकार हो जाती है। इतिहास के पन्नों को पलटा जाए तो भारत के खिलाफ पाकिस्तानी सेना के कुचक्र के कई मामले मिल जाएंगे।
एक बार फिर पाकिस्तानी सेना द्वारा सीमा पर फायरिंग कर दोनों देशों के बीच के रिश्तों को तल्ख करने का काम किया गया है। सच्चाई तो यही है कि पाकिस्तान चाहता ही नहीं है कि भारत से उसके संबंध अच्छे हो। दोनों देशों के बीच मधुर रिश्ते बनाना बहुत ही मुश्किल काम है और रिश्ते बिगाडऩे के लिए एक छोटी वारदात ही काफी है। ऐसे में भारत अपनी तरफ से रिश्ते मधुर करने की पहल तो कर सकता है पर पाक के न चाहने पर यह संभव नहीं है।

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