वार्डब्वॉय पर लगाम लगाने में अस्पताल प्रशासन नाकाम

  • वार्ड ब्वॉय करते हैं मरीजों का शोषण, कई मामले आ चुके हैं सामने
  • मरीज से जांच के लिये की पैसे की वसूली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। अनेक जतन के बाद भी बलरामपुर अस्पताल में वार्ड ब्वाय का आतंक कायम है। उनकी मनमानी पर अस्पताल प्रशासन का लगाम नहीं है। इसकी एक बानगी उस समय देखने को मिली जब अस्पताल के रेडियोलॉजी विभाग में तैनात एक वार्ड ब्वॉय ने मरीज की जांच के लिए उससे पैसे की वसूली की। मामले का संज्ञान होने के बाद अस्पताल प्रशासन की ओर से वार्ड ब्वॉय को हटा दिया गया है और विभाग में तैनात डॉक्टर से स्पष्टïीकरण मांगा है।

मालूम हो कि बहराइच निवासी राम लखन इलाज के लिए बलरामपुर अस्पताल आये थे। डॉक्टर ने उन्हें अल्ट्रासाउंड जांच लिखी थी। सरकारी अस्पतालों में अल्ट्रासाउंड जांच के लिए सौ रूपये पड़ते हैं। रामलखन को इसकी जानकारी नहीं थी। जब रामलखन जांच के लिए रेडियोलॉजी विभाग में गये तो वहां पर वार्डब्वॉय ऊदल तैनात था। वार्डब्वॉय ने मरीज को जानकारी देने के बजाय उससे जांच के लिए सौ रूपये ले लिये और जांच करके रिपोर्ट दे दी। उस समय विभाग में रेडियोलॉजिस्ट अशोक वर्मा ड्यूटी पर तैनात थे। घटना की जानकारी होने पर अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. प्रमोद कुमार मौके पर पहुंचे और वार्डब्वॉय ऊदल को तुरंत हटा दिया। डायरेक्टर के पहुंचने पर डॉ. अशोक वर्मा निकल गये। अस्पताल प्रशासन ने डॉ. अशोक वर्मा से लिखित स्पष्टïीकरण मांगा है।

पहले भी आ चुके हैं कई मामले सामने
पिछले महीने में बलरामपुर अस्पताल के वार्ड नंबर 23 में वार्ड ब्वॉय रोशन ने मरीज के साथ रूकी महिला तीमारदार से बलात्कार करने की कोशिश की थी। मौके पर पहुंची पुलिस वार्डब्वॉय को पकडक़र थाने ले गई। साल 2014 के दिसंबर माह में वार्डब्वाय ने नेत्र विभाग में मरीजों से वसूली का मामला सामने आया था। जिस पर स्वास्थ्य मंत्री अहमद हसने ने खुद संज्ञान लिया था।

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