वह दिन दूर नहीं जब हॉलीवुड फिल्मों की शूटिंग के लिए यूपी आएंगे निर्माता: गौरव द्विवेदी

captureजिस तरह से उत्तर प्रदेश में फिल्मों की शूटिंग का सिलसिला बढ़ा है, उससे ऐसा लगने लगा है कि अब वह दिन दूर नहीं है जब उत्तर प्रदेश में अमेरिका, यूरोप, ब्रिटेन और फ्रांस के नामी-गिरामी निर्माता, निर्देशक अपनी फिल्मों की शूटिंग के लिए आएंगे। फिल्म विकास परिषद की ओर से दी जाने वाली सुविधाओं के कारण अब फिल्म मेकर्स उत्तर प्रदेश में आकर फिल्में बना रहे हैं। सरकार फिल्म व पर्यटक के माध्यम से रोजगार के अवसर उपलब्ध करा रही है। फिल्म निर्माण के क्षेत्र में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार बेहतरीन काम कर रही है। अक्टूबर 2015 से अब तक सरकार के पास 165 प्रपोजल आ चुके हैं। इनमें से कुछ फिल्मों पर काम हो चुका है और कुछ पर चल रहा है। जिस तरह से फिल्म मेकर्स दिलचस्पी ले रहे हैं वह मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की नीतियों की वजह से ही संभव हो पाया है। यह कहना है फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष गौरव द्विवेदी का।

गौरव द्विवेदी  से 4पीएम व वीकएंड टाइम्स के संपादक संजय शर्मा ने फिल्म विकास परिषद के कामकाज और उपलब्धियों पर विस्तृत बातचीत की। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

फिल्म विकास परिषद के उपाध्यक्ष के तौर पर आपके कार्यकाल को एक साल हो गए। अब तक की आपकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही है?
आज फिल्म विकास परिषद जिस पायदान पर है, उसकी तो हमने पहले कल्पना भी नहीं की थी। उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद की उपलब्धियों को विश्व स्तर पर सराहा जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के दिशा-निर्देश में फिल्म विकास परिषद नित नए कीर्तिमान बना रहा है। टोयफा कान्स फिल्म फेस्टिवल में उत्तर प्रदेश फिल्म विकास परिषद के कामकाज की खूब सराहना हुई। उत्तर प्रदेश में फिल्म बनाने पर दी जा रही सुविधाओं को स्पेन में विभिन्न देशों के फिल्म उद्योग से जुड़े लोगों ने सहयोगात्मक रूप से देखा है तथा प्रदेश के प्रतिनिधि मंडल से इसकी सराहना भी की है। फिल्म विकास परिषद की नई नीति का हम लोग ग्लोबल लेबल पर ब्रॉडिंग कर रहे हैं। इसके अलावा प्रदेश सरकार द्वारा सिंगल विंडो शुरू होने से फिल्म मेकर्स को बहुत फायदा हो रहा है। सरकार फिल्म मेकर्स को दो करोड़ की सब्सिडी दे रही है। अब सब कुछ ऑनलाइन हो गया है। सारी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध हो रही है। जिसका नतीजा है कि अक्टूबर 2015 से अब तक हमारे पास 165 प्रपोजल आ चुके हैं। इसमें से कई फिल्में बन चुकी हैं। कुछ फिल्में बन रही हैं और कुछ आने वाले समय में शूट होंगी।

एक दौर था जब समाजवादी पार्टी कम्प्यूटर और मार्डन चीजों से दूर रहती थी। लेकिन आपके मुख्यमंत्री फिल्म इंडस्ट्री की बातें करते हैं। प्रदेश में फिल्म मेकिंग को बढ़ावा दे रहे हैं। आपको लगता है कि इससे सरकार को फायदा होगा?
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी का अलग एक्सपोजर है, जो बहुत अच्छा है। वे जमीन से जुड़े व्यक्ति हैं। उन्होंने सैफई से सिडनी तक का सफर तय किया है। उस हिसाब से उनका विजन, उनका वल्र्ड व्यू बहुत बड़ा है। सपा सरकार में कलाकारों का हमेशा सम्मान हुआ है। सैफई महोत्सव में कलाकारों को बुलाना और उन्हें सम्मानित करना, यह परंपरा आज भी कायम है। जो कलाकार यूपी का नाम रौशन कर रहे हैं, सरकार उनका सम्मान करती है। कलाकारों को सम्मान देने के लिए ऐसी फिल्मनीति पहले भी थी। प्रदेश में 5 करोड़ तक की कैब लगी। उसी बजट में से 25 लाख रुपये का प्रावधान किया गया। लेकिन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव जी ने इसमें बदलाव किया। उन्होंने 1 करोड़ से 2 करोड़ रुपये तक के प्रावधान किए। मुख्यमंत्री जी इस क्षेत्र में बिजनेस लाए और इंफ्रास्ट्रक्चर को बढ़ाने के लिए काम किया। मुख्यमंत्री जी का विजन ही है कि प्रदेश में फिल्म निर्माण से यहां की प्रतिभाओं को रोजगार मिल रहा है और दूसरे पर्यटन को भी बढ़ावा मिल रहा है। मुख्यमंत्री जी का कहना है कि युवाओं के आंखों में जो सपने हैं, उनको हकीकत में बदलना है।

सीएम अखिलेश यादव का जो कांसेप्ट था, वो कितना कामयाब हो पाया है। फिल्म विकास परिषद बनने के बाद कितना बदलाव आया?
अभी तो प्रदेश में चुनाव का माहौल बन गया है। लेकिन मुख्यमंत्री जी का जो दिशा-निर्देश था हम उसी के अनुरूप काम कर रहे हैं। हमने ब्रॉडिंग के अलावा प्रदेश स्तर पर बहुत सारे युवाओं को जोड़ा है। अगले महीने से हम कई वर्कशॉप करने जा रहे हैं जिसमें युवाओं को फिल्म से जुड़ी जानकारी दी जाएगी। मुंबई के डायरेक्टर मुकेश चावला यहां की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। इसके लिए मैं खुद प्रदेश के जिलों में जाकर लोगों को जोड़ रहा हूं। इसके अलावा फिल्म क्लब बन रहा है ताकि उसके माध्यम से लोगों को जोड़ा जा सके। हमारी पॉलिसी है कि युवाओं को सिनेमा के बारे में बताएं और उनका जिसमें इंट्रेस्ट होगा हम उन्हें आगे बढ़ाने में मदद करेंगे। एक्टर, डायरेक्टर, एडीटर, जो भी बनना चाहते हैं हम उन्हें प्लेटफॉम देंगे। उसके लिए हम पूरी कोशिश करेंगे कि उन्हें मौका मिल जाए। इसके लिए बॉलीवुड या उससे बाहर भी कोशिश करेंगे।

अब तो प्रदेश में बड़ी-बड़ी फिल्मों की शूटिंग हो रही है। इससे प्रदेश सरकार को कितना फायदा हो रहा है?
हां, इधर के कुछ महीनों में प्रदेश में कई बड़ी-बड़ी फिल्मों की शूटिंग हुई। अक्षय कुमार जॉली एलएलबी की शूटिंग के लिए आए थे, उन्होंने भी खूब तारीफ की। सलमान खान ने मुजफ्फनगर में शूटिंग की, वह भी बड़े खुश थे। उन्होंने उत्तर प्रदेश की तारीफ की। यदि ये लोग तारीफ कर रहे हैं तो निश्चित ही उनका यहां काम करने का अनुभव अच्छा रहा है। जब प्रदेश की तारीफ होगी तो यहां पर्यटकों का आना-जाना बढ़ेगा और अन्य देशों के लोग भी यहां काम करने में रूचि लेंगे। अब तो अन्य देशों के फिल्म मेकर्स रुचि दिखाने लगे हैं। आने वाले समय में अनुभव सिन्हा की फिल्म बरेली की बर्फी और कई हॉलीवुड की फिल्मों का शूट आगरा में होना है।

आप बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक के लोगों के सम्पर्क में रहते हैं। उन लोगों की नजरों में सीएम अखिलेश यादव और यूपी की छवि कैसी हैं?
सीएम अखिलेश यादव की छवि बहुत पॉजिटिव है। कलाकारों को प्रोत्साहन देने की वजह से वे लोग सरकार की बहुत तारीफ करते हैं। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का व्यक्तिगत रूप से सलमान खान, ऋतिक रोशन और बच्चन परिवार से रिश्ता है। इसके आलावा प्रदेश में आने वाले कलाकारों से भी मुख्यमंत्री मिलते हैं और उनके सुझाव और समस्याओं को ध्यान से सुनते हैं। सीएम अखिलेश यादव के व्यक्तित्व और उनकी सरलता की वजह से सभी उन्हें बहुत पसंद करते हैं।

चुनाव करीब है। सपा सरकार की योजनाओं का बॉलीवुड सितारे नवाजुद्दीन सिद्दीकी और विद्या बालन ब्रॉडिंग कर रही हंै। राजनीतिक रूप से इसका क्या फायदा होगा?
देखिए, फिल्मी कलाकार की फैन फॉलोइंग जबर्दस्त होती है। उनकी बात लोग ध्यान से सुनते हैं। इसलिए सरकार के कामकाज को उनके द्वारा ब्रॉडिंग करने से सभी को योजनाओं के बारे में आसानी से पता चल जाता है। मुख्यमंत्री जी की मंशा साफ है। उनकी कोशिश है कि उनकी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों को मिले। विद्या बालन की संजीदगी लोगों को आकर्षित करती है। इसलिए लोग उनकी बातों को ध्यान से सुनेंगे। वह भारत सरकार की स्कीम की भी ब्रॉड एंबेसडर हंै। नवाजुद्दीन सिद्दीकी उत्तर प्रदेश के हैं। यदि कलाकारों से फायदा न होता तो मोदी अमिताभ बच्चन को गुजरात न खींच कर ले गए होते।

अमिताभ बच्चन का यादव फैमिली से करीबी रिश्ता है। लेकिन आप लोग उन्हें अपनी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए नहीं ले पाए?
देखिए अमिताभ बच्चन एक प्रोफेशनल एक्टर हैं। उनका यादव परिवार से पारिवारिक रिश्ता है और हमेशा रहेगा। मैंने जब सीएम अखिलेश यादव जी से ब्रॉड एंबेसडर के लिए पूछा तो उनका मन नहीं था की हम अपनी योजनाओं के लिए किसी कलाकार को ब्रॉड अंबेसडर बनाएं। फिलहाल प्रदेश में सीएम अखिलेश ही सबसे बड़ा चेहरा हैं।

एक और बड़ा नाम है शाहरुख खान। अजय देवगन, सलमान खान भी यूपी आ चुके हैं। क्या शाहरुख खान कभी आएंगे यूपी?
जरूर आएंगे। मुख्यमंत्री आदेश करेेंगे तो शाहरूख खान भी आएंगे। मेरे शाहरुख खान से व्यक्तिगत संबध हैं। फिलहाल वो पश्चिम बंगाल के ब्रांड अंबेसडर हैं। ममता बनर्जी के साथ जुड़े हुए हैं।

क्या आपके कहने पर आएंगे?
यह निर्भर करता है कि सरकार क्या चाहती है। शाहरूख खान बड़ा नाम है। सरकार चाहेगी तो हम कोशिश करेंगे। एक बार चर्चा हुई थी प्रमुख सचिव सूचना के साथ और एस.एस. यादव, जो डीजी सूचना सर्विस में हैं। ब्रॉड एंबेसडर के लिए शाहरूख के नाम पर चर्चा हुई थी। लेकिन यह अनौपचारिक चर्चा ही थी।

आखिरी सवाल, ऐसी कौन सी चीज है जो आप पूरा करना चाहते हैं ?
कई चीजे है जिन पर काम करना है। इन्फ्रास्ट्रक्चर बढ़ाने की जरूरत है। अभी जो लोग फिल्म शूट के लिए आ रहे हैं वे अपनी पूरी टीम लेकर आते है। लाइट मैन, स्पॉट बॉय, इलेक्ट्रीशियन मैन, कैटरिंग सभी बॉम्बे से आते हैं। हमारी कोशिश है कि यह सारी सुविधाएं यही दी जाए। अपने यहां स्किल डेवलपमेंट के लिए बात की है। यूपी के लोगों को इस स्किल में ट्रैंड किया जाए। इससेये फायदा होगा कि एक तो यहां के लोगों को रोजगार मिलेगा और दूसरे फिल्म मेकर्स को मुंबई से टीम लेकर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मेरा और मुख्यमंत्री जी का एक ही सपना है कि हम यूपी को हिंदुस्तान की नेक्स्ट फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में देख सके।

Pin It