लोहिया में ऑपरेशन के नाम पर वसूली

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। लोहिया अस्पताल में एक बार फिर डॉक्टर द्वारा ऑपरेशन के नाम पर वूसली की गई। डॉक्टर ने महिला मरीज से ऑपरेशन के लिए पैसे वसूले, इसके बावजूद ऑपरेशन गड़बड़ हो गया। स्थिति गंभीर होने पर डॉक्टर ने दोबारा ऑपरेशन किया, लेकिन मरीज की हालत में कोई सुधार नहीं है। कल जब मरीज की परेशानी बढ़ गई तो तीमारदारों ने अस्पताल में हंगामा किया। वहीं संबंधित मसले की लिखित शिकायत अस्पताल प्रशासन से की है।

इंदिरानगर के इस्माइलगंज निवासी सीमा (35) को गाल ब्लैडर में पथरी थी। सीमा के पति राजेश यादव ने उसे ओपीडी कक्ष संख्या 9 में डॉ. आर.के. आर्या को दिखाया था। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान सीमा की तमाम जांच कराई गईं और डॉक्टर ने ऑपरेशन का खर्च पांच हजार रुपये बताया। सीमा के पति राजेश के मुताबिक डॉ. आर्या ने 20 फरवरी को दोबारा ओपीडी के दिन बुलाया। इसी दिन सीमा को भर्ती कर ऑपरेशन व दवा के नाम पर पांच हजार रुपये लिए। डॉ. आर्या ने 22 फरवरी को सीमा के गाल ब्लैडर का पहला ऑपरेशन किया। राजेश के मुताबिक ऑपरेशन के बाद सीमा के पेट की सूजन ठीक नहीं हुई। उसे दर्द हो रहा था। बावजूद डॉ. आर्या ने 29 फरवरी को यह कहकर सीमा को डिस्चार्ज कर दिया कि थोड़ी दिक्कत ऑपरेशन के बाद होती ही है, घर जाकर सही हो जाएगी। राजेश के मुताबिक घर जाकर सीमा की हालत में सुधार आने के बजाये बिगड़ती चली गई। आखिरकार राजेश तीन मार्च को सीमा को लेकर लोहिया अस्पताल भागा। इमरजेंसी में सीमा को भर्ती किया गया। वहीं चार मार्च डॉ. आर्या ने सीमा का दोबारा ऑपरेशन किया। फिर भी अभी हालत में कोई सुधार नहीं आया है। रविवार को सीमा की हालत काफी गंभीर हो गई। राजेश के मुताबिक डॉ. आर्या सीमा को देखने तक नहीं आए। इस दौरान परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। जानकारी मिलने पर सीएमएस डॉ. ओमकार यादव इमरजेंसी में मरीज को देखने पहुंचे। राजेश ने बताया कि गलत ऑपरेशन होने पर डॉक्टर ने किसी से शिकायत न करने पर पहले लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में दिखाने का झांसा दिया। वहीं फिर केजीएमयू ले जाने के लिए कहा। वहीं इस संबंध में डॉ. आरके आर्या ने कहा कि मेरे ऊपर राजेश द्वारा पैसे के लेन-देन के जो भी आरोप लगाए जा रहे हैं वह बेबु़नियाद है। गाल ब्लैडर के ऑपरेशन में कभी-कभार ऐसी दिक्कत हो जाती है। वहीं अस्पताल के सीएमएस डॉ. ओमकार यादव ने कहा कि डॉ. आरके आर्य सेवानिवृत्ति के बाद दोबारा प्रतिनियुक्ति पर आए हैं। तीमारदार ने शिकायती पत्र में पैसा लेने व गलत ऑपरेशन के आरोप लगाया है। इसके लिए डॉ. यूसी द्विवेदी, डॉ. डीएस नेगी व डॉ.सरिता सक्सेना को जांच सौंपी गई है।

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