लोहिया अस्पताल में चिकित्सकीय स्टाफ की मनमानी चरम पर

  • अस्पताल में कर्मचारी चलाते हैं अपना अलग कानून
  • आने का पता नहीं लेकिन जाते हैं घड़ी देखकर

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। राजधानी के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में चिकित्सकीय कर्मचारियों की मनमानी जारी है। ईद के त्योहार पर सभी सरकारी अस्पतालों में दोपहर 12 बजे तक ओपीडी चलाने का आदेश दिया गया था। लेकिन लोहिया अस्पताल की ओपीडी से चिकित्सक समय से पहले ही नदारद हो गये। इतना ही नहीं पर्चा काउन्टर पर भी सुबह 11 बजे के करीब ही काउन्टर बन्द होने का बोर्ड लगा दिया गया। इस वजह से इलाज के लिए आने वाले लोगों को वापस लौटना पड़ा।
ईद के दिन डॉ.राममनोहर लोहिया संयुक्त चिकित्सालय में मरीजों को 12 बजे तक ओपीडी की सुविधा देने का आदेश जारी हुआ था। इस दौरान अस्पताल में चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की ड्यूटी भी लगाई गई थी। लेकिन सुबह से ही चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ की लापरवाही नजर आई। अस्पताल में बहुत से चिकित्सक सुबह 10 बजे तक पहुंचे लेकिन हाजिरी लगाने और घंटा भर समय गुजारने के बाद नदारद हो गये। ओपीडी चैम्बर में सन्नाटा पसरा रहा। यहां चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ कोई भी नजर नहीं आ रहा था। यहां तक की पर्चा काउंटर भी 11 बजे ही बंद कर दिया गया। जबकि इसी अस्पताल में कमरा नम्बर एक में बैठे चिकित्सक 12 बजे तक ओपीडी में मरीजों को देखते रहे लेकिन कमरा नम्बर 5 और 6 में डाक्टर 11 बजे से पहले ही उठकर चले गये थे। इन्दिरा नगर स्थित बी-ब्लाक निवासी राकेश मिश्र 11 बजे लोहिया अस्पताल की ओपीडी में इलाज करवाने पहुंचे थे। उनके पैर में काफी दर्ज था और हड्डी में चोट लगी थी। ओपीडी में कमरा नम्बर-7 बन्द मिला, तो वह कमरा नम्बर-8 में दिखाने गये। वहां मौजूद स्टाफ के लोगों ने बताया कि डाक्टर साहब अभी-अभी उठकर चले गये। अब कल आकर दिखाना। आखिरकार उन्हें चिकित्सक को दिखाए बिना घर वापस लौटना पड़ा।
तय समय से पहले बन्द हुआ पर्चा काउन्टर
लोहिया अस्पताल में कर्मचारियों की मनमानी रुकने का नाम नहीं ले रही है। सामान्य दिनों में जहां पर्चा काउन्टर एक बजे बन्द होता है, वहीं छुट्ïटी के दिन 11 बजे तक मरीजों को पर्चा बना कर दिए जाने का नियम है। लेकिन लोहिया अस्पताल में पर्चा काउन्टर पर बैठे कर्मचारी समय से पहले ही पर्चा काउन्टर बंद होने का बोर्ड लगाकर गायब हो जाते हैं। कल ईद पर अस्पताल दोपहर 12 बजे तक ही था। गोमती नगर निवासी के मुताबिक वह अपनी मां को ओपीडी में दिखाने पहुंचे थे। लेकिन पर्चा काउन्टर पर बैठे व्यक्ति ने यह कह कर उनको इमरजेन्सी में भेज दिया कि 11 बज चुके हैं। अब पर्चा नहीं बन पायेगा, जबकि उस वक्त घड़ी में 10:40 ही बजे थे।

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