लोकायुक्त द्वारा खनन मंत्री को क्लीन चिट देने से खुश नहीं हैं नूतन ठाकुर

-4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
a1423309627लखनऊ। लोकायुक्त एन के मेहरोत्रा द्वारा खनन मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को दी गयी क्लीन चिट से समाजिक कार्यकर्ता नूतन ठाकुर नाराज है। उन्होंने लोकायुक्त जस्टिस एन के मल्होत्रा की रिपोर्ट के कई बिन्दुओं पर असहमति जताई है। उन्होंने कहा कि लोकायुक्त रिपोर्ट में स्वयं कहा गया है कि परिवादी ने 54 बिन्दुओं पर आरोप लगाए थे और उन्होंने इनमें मात्र 15 बिन्दुओं पर विश्लेषण कर उन्हें गलत कहा है। इस प्रकार से अभी भी 39 बिंदुओं का जवाब नहीं मिला है।
नूतन ठाकुर ने खनन मंत्री पर सीधे आरोप लगाते हुए कहा कि जिन लोगों के नाम पर मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति द्वारा बेनामी प्रापर्टी खरीदे जाने की शिकायत थी उन सभी के बयान जस के तस स्वीकार कर लिए गए कि वे लोक सेवक नहीं हैं और उनकी संपत्ति की जांच का अधिकार केवल आयकर विभाग को है क्योंकि लोकायुक्त उनकी आय के श्रोत का परीक्षण नहीं कर सकते जबकि सत्यता यह है कि लोकायुक्त एक्ट में कहीं भी ऐसी सीमा निर्धारित नहीं है और यदि बेनामी संपत्ति का आरोप है तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए थी। इसी प्रकार मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के बेटों के कंपनियों में निदेशक होने की बात प्रमाणित होने के बाद भी उसकी छानबीन नहीं की गयी नूतन यही नहीं रूकी उन्होंने आगे कहा कि विवेक कुमार पाण्डेय द्वारा प्रस्तुत सीडी में लगाए गए गंभीर आरोपों की कोई जांच नहीं की गयी और आरोपी अफसरों की बात मान ली गयी। नूतन ठाकुर ने कहा कि जब लोकायुक्त ने स्वयं जांच रिपोर्ट में कहा है कि अवैध खनन, नियमों में संशोधन, बाधित अवधि के विस्तार आदि के मामले अभी हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन हैं। अत: वे इसकी जांच नहीं कर रहे तो इसे तुच्छ परिवाद माना जाना प्रथमद्रष्टया ही गलत प्रतीत होता है। उन्होंने कहा कि वे लोकायुक्त को इन बिन्दुओं से अवगत कराते हुए पुनर्विचार हेतु अनुरोध करेंगी और ऐसा नहीं होने पर हाई कोर्ट में अपील करेंगी।

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