लेसा के इंजीनियर सरकार को लगा रहे लाखों का चूना

अधिकारियों की लापरवाही के कारण डूडा पर बकाया नौ लाख रुपये का बिजली बिल

डूडा ने बकाया बिल जमा करने से किया मना
बिजली विभाग ने कागज पर काटा कनेक्शन
दूसरे के नाम पर कर दिया कनेक्शन

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। सरकारी विभाग पर लाखों का बिजली का बिल बकाया होना और उसकी वसूली न करना आम बात है। बिजली विभाग की मेहरबानी ही है कि सरकारी विभागों पर लाखों-करोड़ों के बकाए के बाद भी बिजली नहीं काटी जाती और वहीं आम आदमी का हजारों रुपए बकाया होने पर बिजली काट दी जाती है। अब बिजली विभाग का नया कारनामा सामने आया है। बिजली का बिल बकाया होने के बावजूद कनेक्शन दूसरे के नाम दे दिया गया । जिला नगरीय विकास प्राधिकरण (डूडा) के जिला परियोजना अधिकारी के नाम पर छोटी जुगौली स्थित ट्यूबवेल में बिजली का कनेक्शन लगा हुआ था। इस कनेक्शन को लगे हुए लगभग 20 साल बीत गये हैं, जिस पर नौ लाख से ऊपर का बिल बकाया है। अब डूडा इस बिल को जमा करने से मना कर रहा है। वहीं बिजली विभाग ने भी डूडा से बिल वसूलने की बजाय, डूडा के जिला परियोजना अधिकारी के नाम का कनेक्शन काट कर उसकी जगह दूसरे व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन दे दिया है। जबकि छोटी जुगौली के निवासी इसे बिजली विभाग की मिलीभगत बता रहे हैं।
जुगौली निवासी के लोगों का कहना है कि इस ट्यूबवेल के साथ बुध भगवान का मन्दिर भी बना हुआ है। मन्दिर के साथ लगी जमीन पर कुछ लोगों की नजर गड़ाए हुए हैं, जिसके चलते उन लोगों ने बिजली विभाग से मिलकर बिजली का कनेक्शन अपने नाम पर ले लिया हैं। जिस व्यक्ति के नाम पर बिजली का कनेक्शन दिया गया है वो व्यक्ति छोटी जुगौली का ही रहने वाला है, लेकिन जिस पते पर कनेक्शन दिया गया है,उसका पता नही है।

टï्यूबवेल का कोई पुरसा हाल नहीं
छोटी जुगौली में 20 साल पहले इस टï्यूबवेल को डूडा की तरफ से लगाया गया था, जिससे अब तक वहां रहने वाले सैकड़ों लोगों की पानी की जरूरत पूरी होती आयी है। ट्यूबवेल में बिजली का कनेक्शन जिला परियोजना अधिकारी के नाम पर था। तब से लेकर आज तक उन्हीं के नाम पर कनेक्शन चल रहा था। लेकिन यहां आने वाला बिजली का बिल कौन जमा करे। स्थानीय लोगों के अनुसार इसका मुख्य कारण इस ट्यूबवेल की देखभाल करने वाला कोई सरकारी आदमी नही था, बल्कि जो आदमी इसकी देखभाल करता था, वो भी कहीं चला गया है। अब लोग खुद ही इस ट्यूबवेल को चलाते हैं। सूत्रों की माने तो गांव के दो पक्ष मंदिर तथा टï्यूबवेल पर अपना दबदबा चाहते है, जिससे इस सारे मामले को हवा दी जा रही है। जो स्थानीय लोग टï्यूबवेल के पानी का इस्तेमाल करते हैं, वहीं लोग इसके रख-रखाव के लिए पैसा देते है, जो 10 से 12 हजार रूपये प्रतिमाह है। लेकिन उस पैसे के उपयोग की जानकारी नही है।

जिस पते पर कनेक्शन उसका पता ही नहीं
स्थानीय लोगों की माने तो ट्यूबवेल के लिए जो कनेक्शन दिया गया है उस पते की जानकारी हम लोगों को नही है। जिला परियोजना अधिकारी के नाम पर जो कनेक्शन लगा हुआ है उसका पता बुध बिहार 539ख है, जबकि अब जो कनेक्शन दिया गया है उसका पता बुध बिहार 227 है।
छोटी जुगौली के रहने वाले अशोक कुमार का कहना है कि अभी ट्यूबवेल पर पुराना कनेक्शन ही चल रहा है। कुछ लोग मन्दिर की जमीन पर कब्जा करना चाहते हैं, जिसके चलते बिजली विभाग की मिलीभगत से कनेक्शन अपने नाम पर ले लिया है। डूडा के जिला परियोजना अधिकारी से मेरी बात हुयी थी, उन्होंने बकाया बिल जमा कराने को कहा है।

स्थानीय निवासी सुरेन्द्र कुमार बताते हैं कि बिजली का कनेक्शन अभी पुराना ही चल रहा है। केवल मन्दिर की जमीन पर निगाह होने के चलते बिजली का कनेक्शन दूसरे के नाम पर ले लिया हैं।

इलाके के रहने वाले देवी प्रसाद बताते है कि नया कनेक्शन किसी और के नाम पर बिजली विभाग ने दे दिया है, जिसके नाम पर नया कनेक्शन दिया दिया गया है, वो बुध मन्दिर तथा ट्यूबवेल को अपनी जगह बताते हैं।
बिहारी लाल का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपने नाम पर टïयूबवेल का कनेक्शन लेगा तो वो फिर अपने हिसाब से इसका संचालन करेगा। इससे यहां के स्थानीय निवासियों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ेगी।

मंजू बौध कहती है कि किसी और के नाम पर कनेक्शन लेने का एक ही मतलब है कि कुल लोग ट्यूबवेल पर मालिकाना हक चाहते हैं, जिससे आने वाले समय में पानी के लिए भी समस्या झेलनी तय हैं।

पुष्पा बताती है कि अभी तो कनेक्शन के लिए बवाल हो रहा है, जब कनेक्शन लग जायेगा तो पानी के लिए बवाल होगा। जो चीज सरकारी है, उसे सरकारी ही रहने दिया जाता । लेकिन यहां तो उसको निजी हाथों मे देने की तैयारी में है।
छोटी जुगौली स्थित जो ट्यूबवेल लगा हुआ है उसके बिजली के बिल का बकाया बहुत ज्यादा है। डूडा ने बिल जमा करने से मना कर दिया है। इसके चलते दूसरे व्यक्ति के नाम पर कनेक्शन दे दिया गया है, जिससे वहां रहने वाले लोगों को पानी की समस्या न हो।
जीएस.पटेल अभियन्ता विश्वास खण्ड/विपिन खण्ड, लखनऊ।

अभी तक जुगौली के लोग समिति बना कर उस ट्यूबवेल को चला रहे थे। लेकिन बिजली का बिल नही जमा कर रहे थे। दोनों पक्ष आपसी मतभेद के चलते उस टï्यूबवेल पर अपना-अपना दबदबा चाहते है। पहले का बकाया बिल जमा नही किया और जब अब नया कनेक्शन लग गया तो उस पर भी मतभेद है।
दीपांजली सिंह  सभासद ,पेपर मिल कालोनी

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