लामार्टीनियर की ’नेकी की दीवार’ ने जरूरतमंदों को दिया आसरा

  • लामार्टीनियर गल्र्स कॉलेज ने शुरू की मुहिम, लोग बढ़-चढ़ कर ले रहे हैं हिस्सा मेन गेट के पास बाक्सों में रखे गए जरूरत के सामान

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureलखनऊ। लामार्टीनियर गल्र्स कॉलेज ने कड़ाके की सर्दी में ठिठुरते गरीब और असहाय लोगों की मदद का बीड़ा उठाया है। कॉलेज ने इसके लिए ’नेकी की दीवार’ नाम से एक नई पहल शुरू की है। इसके तहत लोगों से अपने पुराने और अनुपयोगी कपड़ों को ’नेकी की दीवार’ में जमा करने की अपील की है। कॉलेज की इस अपील पर काफी लोग आगे आ रहे हैं और इस कार्यक्रम में बढ़-चढक़र भागीदारी कर रहे हैं। इस पहल से अन्य लोग भी प्रेरणा ले रहे हैं।
लामार्टीनियर की ‘नेकी की दीवार’ मुहिम के जरिये लोगों से लिए गए पुराने सामान, गर्म कपड़े व कई जरूरत की चीजें कॉलेज के मेनगेट पर रखे गए कई बॉक्सों में इकट्ठा किए जा रहे हैं। इन बाक्सों से जरूरतमंद खुद अपनी जरूरत की चीजें ले जा सकेंगे। दरअसल, इस पहल के पीछे कॉलेज का उद्देश्य सामाजिक भागीदारी के जरिए जरूरतमंदों की मदद करना है। साथ ही लोगों को ऐसे कामों की प्रेरणा प्रदान करना भी है। लामार्टीनियर की प्रिंसिपल अरशिता दास ने बताया कि इस मुहिम में काफी लोग भागीदारी कर रहे हैं। लोग जरूरतमंदों के लिए कपड़े व अन्य जरूरी चीजें गेट पर रखे बाक्सों में रख रहे हैं। वहीं, बाक्स के लगने के बाद से यहां कई जरूरतमंद पहुंच रहे हैं और अपने जरूरत की चीजें लेकर जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यही वजह है कि हमने इस मुहिम को ‘नेकी की दीवार’ का नाम दिया है। प्रिंसिपल ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि जिन लोगों के घरों में पुराने पहनने, ओढऩे, बिछाने के कपड़े, किताबें, खिलौने, बर्तन एवं क्रॉकरी आदि हंै और जिसका वे प्रयोग नहीं कर रहे हैं वे ‘नेकी की दीवार’ की मुहिम के तहत जरूरतमंदों की मदद को आगे आएं। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद यहां आकर अपनी जरूरत के हिसाब से कोई भी चीज ले जा सकते हैं। नेकी की यह दीवार उन लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है जो गरीबी रेखा से नीचे जीवन व्यतीत कर रहे हैं और अपने स्वाभिमान के कारण किसी के सामने हाथ नहीं फैलाते।

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