लाठीचार्ज में शिक्षक की मौत पर अटेवा ने किया कार्य बहिष्कार का ऐलान

सीएम ने पांच लाख का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की घोषणा की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश

पेंशन की मांग को लेकर विधानसभा भवन का घेराव करने जा रहे थे शिक्षक, इंस्पेक्टर लाइन हाजिर

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

captureलखनऊ। पुलिस लाठीचार्ज में शिक्षक की मौत से आक्रोशित ऑल टीचर इम्प्लॉइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) ने कार्य बहिष्कार का ऐलान किया है। गौरतलब है कि पेंशन की मांग को लेकर बुधवार को हजारों शिक्षक जब विधानसभा भवन का घेराव करने जा रहे थे तो पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। इसमें एक शिक्षक की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए। सीएम अखिलेश यादव ने पांच लाख का मुआवजा और मृतक आश्रित को नौकरी देने का ऐलान किया है। मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए हैं। इस मामले में हजरतगंज इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया गया है। वहीं प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की।
अटेवा के हजारों शिक्षक व कर्मचारी बुधवार को शक्ति भवन तक पहुंच गए। पुलिस ने इन्हें रोकने के लिए बैरिकेटिंग की। लेकिन प्रदर्शनकारी बैरिकेटिंग तोडक़र आगे बढ़ गए। इस पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कुशीनगर निवासी डा. राम आशीष सिंह को गंभीर चोटें आईं । उसे सिविल हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। लाठीचार्ज में करीब एक दर्जन से अधिक प्रदर्शनकारियों को गंभीर चोटें आई। जिन्हें सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। कुछ को प्राथमिक उपचार के बाद छोड़ दिया गया जबकि कई लोगों का अभी भी इलाज चल रहा है। शिक्षक की मौत की खबर सुनते ही प्रदर्शनकारी और भी उग्र हो गए। उन्होंने सिविल हॉस्पिटल के बाहर जमकर नारेबाजी व विरोध प्रदर्शन किया। देर रात तक चले इस प्रदर्शन को देखते हुए आस्पताल को छावनी में तब्दील कर दिया गया। इससे मरीजों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। प्रदर्शनकारियों ने राम आशीष के परिजनों को एक करोड़ का मुआवजा व एक सरकारी नौकरी देने की मांग की। इस मामले में हजरतगंज इंस्पेक्टर राजकुमार सिंह को लाइन हाजिर और सिपाही अभिषेक को सस्पेंड कर दिया गया है। वहीं इस पूरे प्रकरण की जांच एएसपी पूर्वी शिवराम यादव को सौंप दी गयी है।

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