लखनऊ मेट्रो को मिलेगी रफ्तार

मेट्रो समय से संचालित हो गई तो निश्चित ही प्रदेशवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। राजधानी में जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आबादी बढ़ रही है तो साथ में वाहनों की संख्या भी। राजधानी की सडक़ों पर वाहनों की लम्बी कतार देखी जा सकती है।

sanjay sharma editor5अब उत्तर प्रदेश में मेट्रो के काम को गति मिलनी तय है। जाहिर है सबसे बड़ी बाधा थी पीआईबी की मंजूरी। अब वह बाधा दूर हो गई। लखनऊ मेट्रो के काम में सबसे बड़ी बाधा फंड की थी। पीआईबी की मंजूरी के बाद अब केन्द्र सरकार मेट्रो के काम के लिए 1300 करोड़ रुपये देगी और यूपी सरकार 3900 करोड़ लखनऊ मेट्रो में खर्च करेगी। इसके अतिरिक्त राज्य सरकार 3500 करोड़ रुपये का लोन भी ले सकेगी।
वैसे इस समय लखनऊ मेट्रो को पीआईबी की मंजूरी की इसलिए ज्यादा जरूरत थी, क्योंकि मेट्रो के कई ऐसे प्रोजेक्ट हैं, जिनकी फंडिंग विदेशी एजेंसियां कर रही हैं। विदेशी एजेंसीज तभी इन टेंडर्स को हरी झंडी दिखाती हैं, जब पीआईबी की मंजूरी मेट्रो को मिल जाती है। मेट्रो को करीब तीन हजार करोड़ रुपये से ज्यादा की फंडिंग एफएडी और ईआईबी कर रही है। फंडिंग की बाधा तो दूर हो गई लेकिन मेट्रो के काम में प्रदेश स्तर पर कई बाधाएं अभी मौजूद हैं।
लखनऊ में पहले फेज का काम आलमबाग से चारबाग तक होना है। सबसे पहले मेट्रो इसी रूट पर चलेगी। इस रूट पर करीब आठ स्टेशन बनाए गए हैं। स्टेशन बनाने का काम शुरू भी हो गया है लेकिन निजी भूमि विवाद के कुछ मामले सामने आ गए हैं। अभी भी निजी भूमि का मामला फंसा हुआ है। कुछ मामले तो कोर्ट में भी चले गए हैं। इन सबके चलते काम प्रभावित होना तय है। यह सब मामले जल्द निपटा लिए जाएं और समय से केन्द्र सरकार पैसे दे दे तो मेट्रो की गति में तेजी आनी तय है। वैसे प्रदेश सरकार की प्राथमिकता में मेट्रो शामिल है। चुनाव से पहले हर हाल में सरकार मेट्रो को दौड़ाना चाहती है। प्रदेश के मुख्यमंत्री ने तो कह ही दिया है कि प्रदेशवासियों को एक साल के भीतर मेट्रो की सुविधा देनी है।
मेट्रो समय से संचालित हो गई तो निश्चित ही प्रदेशवासियों को जाम की समस्या से निजात मिलेगी। इसके साथ ही रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। राजधानी में जाम की समस्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। आबादी बढ़ रही है तो साथ में वाहनों की संख्या भी। राजधानी की सडक़ों पर वाहनों की लम्बी कतार देखी जा सकती है। ज्यादा वाहनों की वजह से प्रदूषण का खतरा भी बना रहता है। मेट्रो के आ जाने से इन समस्याओं से निजात मिलेगी। एक तो लोगों को जाम से मुक्ति मिलेगी दूसरे शहर के प्रदूषण में भी कमी आयेगी।

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