लखनऊ में देश के सबसे बड़े शिल्प ग्राम का उद्घाटन किया सीएम अखिलेश ने

  • सीएम ने कहा सरकार हर प्रतिभावान के साथ, शिल्प ग्राम में तैयार सामान की दुनियाभर में होगी मांग
  • सीएम का ड्रीम प्रोजेक्ट था शिल्प ग्राम, आवास विकास ने बहुत कम समय में बीस एकड़ में तैयार किया शिल्प ग्राम
  • सीएम ने दिए निर्देश-शिल्प ग्राम में लोगों को काम करने के लिए दी जायें बेहतर सुविधाएं

20 AUG PAGE- 114पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में दुनिया के सबसे बड़े शिल्प ग्राम का शुभारंभ कर प्रदेश के नाम एक नई उपलब्धि जोड़ दी है। इससे प्रदेश भर के शिल्पियों और बुनकरों की कला और उनके बनाये उत्पादों को बेहतर प्लेटफार्म मिलेगा। इतना ही नहीं 500 करोड़ की लागत से बने शिल्प ग्राम में उद्यमियों को ठहरने के लिए डारमेट्री और कैंटीन की सुविधा भी दी गई है। शिल्पकार अपनी कला को अत्याधुनिक तकनीक और एम्फीथिएटर के माध्यम से प्रचारित भी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज शिल्पियों के उत्पादों का लाइव डैमो करके शुभारंभ किया। इस अवसर पर यूपी इंस्टीट्यूट ऑफ डिजायन का शिलान्यास और एमएसएमई पोर्टल का शुभारंभ किया गया। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के हस्तशिल्प पर आधारित काफी टेबल बुक और स्मारिका का विमोचन भी किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार शिल्पियों को प्रोत्साहित करने के लिए तरह-तरह की योजनाएं चला रही है। इसमें शिल्प क्षेत्र में बेहतर काम करने वाले कलाकारों और उद्यमियों को जनेश्वर मिश्र निर्यात पुरस्कार, राम मनोहर लोहिया उद्यमी प्रादेशिक पुरस्कार और हस्त शिल्प पुरस्कार प्रदान किया जायेगा। इस अवसर पर समाजवादी युवा स्वरोजगार योजना एवं समाजवादी हस्त शिल्प पेंशन योजना का शुभारंभ भी किया गया।

शिल्प ग्राम की खासियत

देश का सबसे बड़ा शिल्प ग्राम 20 एकड़ क्षेत्रफल में खुला है। इसमें स्टेट आफ आर्ट क्राफ्ट शॉप्स खोली गई हैं, जिसमें बाहर से आये शिल्पियों के लिए डारमेट्री एवं कैंटीन की सुविधा दी गई है। शिल्प ग्राम में 500 व्यक्तियों की क्षमता वाला एम्फीथिएटर भी बनाया गया है। जहां शिल्पी अपने हाथों से बनाये उत्पादों की प्रदर्शनी लगा सकते हैं। इसके साथ ही अपने उत्पादों को बेहतर दामों पर बेचने का लाभ भी उठा सकते हैं। शिल्प ग्राम में 2493 वर्ग मीटर में पूर्ण सुसज्जित एयरकंडीशन एक्जिबिशन हाल भी बनाया गया है। प्रदेश के विशिष्ट शिल्पकारों और बुनकरों के बनाये उत्पादों की प्रदर्शनी लगाई जा सकती है।

आगरा को इंटरनेशनल सिटी बनाने के सीएम के सपने की कमान संभाली दीपक सिंघल ने, एयरपोर्ट जल्दी बनाने के लिए की मैराथन बैठकें

  • आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने के लिए उड्ïडयन विभाग के अफसरों के साथ लम्बी बैठक
  • आगरा में एयरपोर्ट और सैफई में जहाजों के मेंटीनेंस और हैंगिंग आउट के लिए एयरपोर्ट बनाने की तैयारी
  • चीफ सेक्रेटरी ने आगरा के अफसरों से कहा कि एक महीने में बदलनी चाहिए आगरा की सूरत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। मुख्य सचिव दीपक सिंघल ने आगरा के अपने मैराथन दौरे में जहां आगरा को इंटरनेशनल सिटी बनाने के सीएम अखिलेश यादव के सपने को पूरा करने के लिए अफसरों के पेंच कसे, वहीं आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट जल्दी कैसे बने, इसके लिए दिल्ली के उड्ïडयन विभाग के अधिकारियों से बात करके आगरा और सैफई का हवाई दौरा करके इन जगहों की स्थिति भी देखी। सरकार चाहती है कि जल्दी से जल्दी एयरपोर्ट के बारे में निर्णय हो जाये। मुख्य सचिव ने अफसरों को चेतावनी दी कि अगर सीएम की मंशा के अनुकूल एक महीने में आगरा के हालात नहीं सुधरे तो वे अंजाम भुगतने को तैयार हो जायें।
मुख्य सचिव ने लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे की एयरस्ट्रिप के दौरे के साथ उन सभी जगहों की रिपोर्ट मांगी, जहां-जहां सरकार ने आगरा को इंटरनेशनल सिटी बनाने के लिए काम किया है। उन्होंने अफसरों से कहा कि आगरा न सिर्फ यूपी, बल्कि देश की शान है। आगरा को इसी के अनुरूप विकसित किया जाना चाहिए।
मुख्य सचिव ने आगरा के उद्योगपतियों को बुलाकर उनसे पूछा कि वे किस तरह का आगरा चाहते हैं। उद्योगपतियों ने कहा कि एयरपोर्ट आगरा में ही बनना चाहिए। इस पर श्री सिंघल ने कहा कि सीएम भी चाहते हैं कि आगरा में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बने। श्री सिंघल ने आगरा निवासियों को विस्तार से बताया कि यूपी सरकार ने आगरा के विकास के लिए कितनी योजनाएं बनाई हैं। उन्होंने कहा कि अक्टूबर से एक्सप्रेस वे से वाहनों का चलना शुरू हो जायेगा और इससे आगरा के विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने भरोसा जताया कि जल्दी ही आगरा बदले हुए रूप में नजर आएगा।

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