रोहित शेखर को मिला तोहफा, बनाये गये परिवहन निगम के सलाहकार

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

Captureलखनऊ। यूपी के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के बेटे रोहित शेखर तिवारी को सपा सरकार ने राज्यमंत्री का दर्जा दे दिया है। सरकार ने उन्हें एक साल के लिए परिवहन विभाग में सलाहकार नियुक्त किया है। इसके साथ ही सपा के कई वफादार कार्यकर्ताओं को भी कई विभागों, निगमों में सलाहकार और अध्यक्ष पद पर सरकार की तरफ से नामित किया गया है। वहीं, दो लोगों का विभाग बदला गया है। सरकार की तरफ से अंबेडकर नगर के जफर मसूद किछौछवी को मतस्य विभाग का सलाहकार बनाया गया। किसान नेता और गढ़मुक्तेश्वर जिला हापुड़ के भूषण त्यागी को रेशम विभाग और मेरठ के मोहम्मद अब्बास को श्रम विभाग का सलाहकार बनाया गया है। इन सभी का कार्यकाल एक साल का होगा। जरार हाउस, आगरा निवासी कृष्णा सिंह को राज्य महिला आयोग का सदस्य बनाया गया है। कौशांबी, गाजियाबाद के राकेश यादव को आरईएस (ग्रामीण अभियंत्रण विभाग) का सलाहकार बनाया गया है। बरेली निवासी साधना मिश्र को यूपी संस्कृत संस्थान का अध्यक्ष नामित किया गया है। बरेली की आला हजरत दरगाह से ताल्लुक रखने वाले आबिद खां को एकीकरण विभाग का उपाध्यक्ष नामित किया गया है। व्यापारी नेता हुलास राय और सुरेंद्र मोहन अग्रवाल के विभागों में बदलाव किया गया है। शासन ने सुरेंद्र मोहन को राज्य वाणिज्यकर सलाहकार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया है। इस पद पर तैनात रहे समाजवादी व्यापार सभा के राष्टï्रीय अध्यक्ष हुलास राय सिंघल को यूपी लघु उद्योग निगम का अध्यक्ष बनाया गया है। एनडी तिवारी के संबंध सपा मुखिया मुलायम सिंह से काफी मधुर हैं जिसके चलते सपा मुखिया ने रोहित को राज्यमंत्री का दर्जा दिलवा दिया।

 

 देश के खिलाफ काम कर रहे मोदी  

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। क्या खुद को भारतीय कहलाने या भारत में जन्म लेने पर दुनिया के सामने शर्मिंदा होने वाले को एक पल भी भारत के प्रधानमंत्री के पद पर रहना चाहिये?  ये सवाल उठाते हुए समाजवादी पार्टी के वरिष्ठï नेता डॉ सी पी राय ने मोदी जी के प्रधानमंत्री पद से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की है। डॉ राय ने कहा है कि मोदी जी दुनिया के दूसरे देशों में एक तरफ देश की बुराइयां कर अपने पद को कलंकित करने के साथ देश के खिलाफ काम कर रहे हैं दूसरी तरफ हर दौरे में पूंजीपति विशेष के लिये व्यापार की जमीन तलाश कर रहे हैं। डॉ राय ने कहा है कि परम्पराओं के विपरीत व्यवहार करके मोदी जी ने भारत के प्रधानमंत्री पद को हंसी का पात्र बना दिया है इसलिये उन्हें एक पल भी अपने पद पर रहने का न तो नैतिक अधिकार है और न संवैधानिक ही।

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