रोचक स्लोगन के साथ कार्ड छपवाने का बढ़ रहा ट्रेंड

  • कठिन शब्दों की जगह अब सरल भाषाओं में छप रहे कार्ड
  • डिजिटल कार्ड से लेकर म्यूजिकल कार्ड तक की हो रही डिमांड

ऐश्वर्या गुप्ता
captureलखनऊ। बदलते वक्त के साथ शादी और अन्य फंक्शन्स को एंज्वाय करने के तौर तरीकों में भी काफी बदलाव आ रहा है। आजकल लोग आधुनिकता की दौड़ में शादी और अन्य फंक्शन्स के कार्ड भी अलग तरीके से छपवाना पसंद करने लगे हैं। अब शादी का इन्वीटेशन, घर और मैरिज हाल का डेकोरेशन सब कुछ आकर्षक होता है। ये सब एक अलग थीम और कान्सेप्ट को ध्यान में रखकर बनाया जाता है। गेस्ट को दिये जाने वाले इनविटेशन कार्ड पर नये-नये एक्सपेरीमेंट भी हो रहे हैं। राजधानी में लोग गेस्ट को शादी या अन्य किसी फंक्शन में इन्वाइट करने के लिए कार्ड के साथ इंटरनेट का भी सहारा ले रहे हैं। पहले की तरह सबके घर जाकर कार्ड पहुंचाने का चलन लगभग खत्म होता जा रहा है। अब केवल खास रिश्तेदारों और पड़ोसियों को ही घर जाकर कार्ड देने का चलन है। शहर में अधिकांश लोग ऑनलाइन इनविटेशन भेजना पसंद कर रहे हैं। वहीं नोटबंदी और कम पैसों की वजह से बहुत कुछ इनोवेटिव करने का मौका भी नहीं मिल पा रहा है।
शादियों के सीजन में घर-घर जाकर वेडिंग कार्ड देना, बाहर के रिश्तेदारों को कोरियर करना, लगभग खत्म हो गया है। टेक्नोलॉजी के इस दौर में अब शादी और अन्य फंक् शन्स का इन्वाइट देना आसान हो गया है। ये तरीका बिल्कुल हाईटेक हो गया है। अब वॉट्सएप, ईमेल, फेसबुक, वॉइज कॉलिंग और वेबसाइट के माध्यम से कार्ड भेजे जा रहे हैं। इसमें स्पेशल और कलरफुल कार्ड्स को पोस्ट और अटैच करके अपनों को इन्वाइट करने का चलन बढ़ रहा है। वहीं बैकग्राउंड म्यूजिक के साथ वॉइस कॉलिंग से भी दूर बैठे रिश्तेदारों को इन्वीटेशन भेजे जा रहे हैं।
कार्ड पर यूज हो रहे फंकी डिटेल
वेडिंग कार्ड का अब तक का ट्रेडिशनल अंदाज शहर के यंग कपल्स को पसंद नहीं आ रहा है। हमेशा कुछ अलग और कुछ नया करने की सोचने वाले यंग कपल्स अपनी शादी के हर मौके को नया अंदाज देकर खास बनाना चाहते हैं। इसलिए पर्सनली भेजे जाने वाले वेडिंग कार्ड से लेकर ऑनलाइन वेडिंग कार्ड तक को यादगार बनाने के लिए लोग डिजाइन से लेकर कंटेंट तक में खूब इनोवेशन कर रहे हैं।
अमीनाबाद स्थित एक कार्ड प्रिंटिंग की दुकान के मालिक अजय बताते हैं कि कुछ दिने पहले ही हमारे यहां एक कपल आया हुआ था। जिन्होंने कार्ड पर शादी के फंक्शन्स की डिटेल्स एकदम फंकी और इनोवेटिव स्टाइल में कराई थीं। जैसे हल्दी की रस्म की जगह वर की लिपाई-पुताई, रंग-रोगन और रात भर गाने-बजाने का शोर और शादी की रस्म की जगह वर का बैंड बजेगा, वधू की किस्मत फूटेगी जैसे रिप्लेसमेंट हमने उनके कार्ड पर डाले थे। इस तरह के कार्ड और कई तरह के अलग स्टाइल वाले कार्ड्स को लोग खूब पसंद कर रहे हैं। वहीं कार्र्ड्स पर दूल्हा और दुल्हन का फोटो लगाने, कार्ड खोलते ही ट्यून बजने वाले कार्ड्स का ट्रेंड भी अपना
रहे हैं।

इन दिनों ज्यादातर दोस्त फेसबुक और दूसरी सोशल साइट्स पर मौजूद हैं। उन्हें ऑनलाइन इनविटेशन भेजना काफी आसान है। मैंने इन्वीटेशन भेजने के लिए गूगल इलस्ट्रेटर से एक बढिय़ा का ऑनलाइन कार्ड क्रिएट किया था। उस कार्ड को अपने सभी दोस्तों और रिलेटिव्स को एक साथ मेल कर दिया। इसमें समय भी बच गया।
-शिखा, लालबाग

नेक्स्ट ईयर मेरे भाई की शादी है। शादी के वक्त घर में ढ़ेर सारे काम होते हैं। ऐसे में मैंने कार्ड वाला काम मिनटों में निपटा दिया। मैंने अपने यहां के सभी कार्डस की अच्छी सी प्रिंटिंग करवा के उन सभी को मेल कर दिया। जिन लोगों को घर दूर है या जो दूसरी शहर में हैं।
-अविनाश
प्राइवेट सेक्टर में जॉब करने वाले

हिमांशी कॉफी टेबल बुक वाले कार्ड को अपनी शादी के लिए चुना था। उन्होंने बताया कि मैंने कार्ड को पर्सलन टच देने के लिए उसमें अपने और अपने फियांसे की लव स्टोरी और फोटोज प्रिंट करवाईं थीं। चार फोल्ड वाला यह कार्ड देखने वाला मेरे इस इनोवेशन की तारीफ किए बिना नहीं रह पाया।
-हिमांशी अग्रवाल

कार्ड भी हो रहे डिजिटल

हजरतगंज में कार्डस की शॉप के मालिक रवि बताते हैं कि इस तरह के इन्वीटेशन कार्ड पर लोग 4 हजार से 50 हजार रुपए तक का पैकेज खर्च कर रहे हैं। इसके लिए लोग तरह-तरह के फंकी डिटेल्स डलवा रहे हैं। ऐसा करने में हमें भी अच्छा लगता है। वहीं अमीनाबाद में कार्ड की शॉप के मालिक निरूप खन्ना बताते हैं कि वेडिंग कार्ड में इन दिनों सबसे ज्यादा चाइनीज चिप कार्ड का इस्तेमाल हो रहा है। उसमें कार्ड में फोटो की स्लाइड होती है, जो चिप के सहारे चलती है। इनको बनाने में वक्त भी काफी लगती है। इन कार्ड््स की कीमत 700 से 1500 रुपये तक है।

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