राष्टï्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए अपराधी का नाम भेजा

शासन का एक और फर्जीवाड़ा आया सामने

Capture शाश्वत तिवारी
लखनऊ। एमएलसी चयन पर रोक के बाद अब टीचरों को मिलने वाले राष्टï्रीय एवं राज्य पुरस्कारों की लिस्ट में एक अपराधी (डकैती के मामले में विचाराधीन) जेल काट चुके शिक्षक नेता का नाम शामिल है। इस पूरे प्रकरण की फाइल प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक के पास पहुंच चुकी है।
सपा सरकार ने अपराधिक मामलों के आरोपी सैफई के शिक्षक जबर सिंह यादव का नाम राष्टï्रपति पुरस्कार के लिए प्रेषित किया है। इटावा के सैफई में तैनात शिक्षक जबर सिंह यादव पर कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। इन पर हत्या का प्रयास तथा एस.सी./एस.टी. एक्ट जैसे कई अपराधिक मामले दर्ज हैं। इनको नौकरी से भी बर्खास्त किया जा चुका है। बहाली के बाद से आज तक विवादित है। इनका नाम राष्टï्रपति पुरस्कार के लिए संस्तुति करना न केवल शिक्षक समुदाय का अपमान है बल्कि राष्टï्रपति पुरस्कार का भी अपमान है।
जबर सिंह यादव इटावा जनपद के सैफई के पूर्व माध्यमिक विद्यालय खरदूली में बतौर सहायक अध्यापक कार्यरत हैं। जबर सिंह यादव का नाम राष्ट्रीय और राजकीय सम्मान पाने वाले शिक्षकों की लिस्ट में 22वें नंबर पर है, लेकिन इस नाम पर आपत्ति जताते हुए शिवराज सिंह प्रदेश संयोजक युनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन उत्तर प्रदेश ने महामहिम राष्ट्रपति और राज्यपाल को एक शिकायती पत्र लिखा है जिसमें जबर सिंह यादव को सम्मान न देने का अनुरोध किया गया है। युनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश संयोजक शिवराज सिंह का आरोप है कि जबर सिंह यादव आपराधी हैं। इनके खिलाफ इटावा के सदर थाने में 2007 में एस.सी.एस.टी एक्ट, डकैती और अन्य संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज है।
दरअसल सरकार हर साल सूबे से चयन कर 36 शिक्षकों के नाम बेसिक शिक्षा विभाग से प्रस्तावित कर एचआरडी विभाग को भेजती है। उसमें से 18 नामों को एचआरडी राष्ट्रपति सम्मान के लिए भेज देती है और बाकी बचे 18 शिक्षकों को राज्यपाल सम्मान के लिए भेजा जाता है। माना जा रहा है कि सरकार जबर सिंह यादव को राज्यपाल से सम्मान दिलवाना चाहती है। इस सम्मान को दिए जाने का कुछ नियम है। सम्मान पाने वाले शिक्षकों के चयन की पूरी प्रक्रिया है, लेकिन आरोप है कि उन तमाम प्रक्रियाओं को ताक पर रख जबर सिंह यादव का नाम लिस्ट में शामिल किया गया है। इतना ही नहीं आरोप यह भी है कि हर साल यह पुरस्कार 5 जुलाई को दिया जाता है लेकिन इस बार यह 30 जून को दिया जायेगा इसके पीछे तर्क यह है कि जबर सिंह यादव 30 जून को रिटायर हो रहे हैं अगर यह सम्मान उन्हें मिलता है तो तीन साल का सेवा विस्तार भी मिल जायेगा।
यह सरकार योजनाओं से लेकर प्रशासनिक तैनातियां जाति और धर्म के आधार पर करती आ रही है। अब तो प्रतिभाओं में भी जाति का असर दिख रहा है। दागियों को सम्मान भी दिया जा रहा है। इसका मुख्यमंत्री जवाब दें?

विजय बहादुर पाठक
बीजेपी प्रवक्ता
हाइकोर्ट की फटकार

लखनऊ। हाइकोर्ट ने छोटे इमामबाड़ा का ताला खोलने को लेकर आज प्रशासन को कड़ी फटकार लगाई और पूछा कि आखिर तनाव क्यों पैदा हुआ? लखनऊ के जिलाधिकारी को कल तलब किया गया है। छोटे इमामबाड़े के बाहर महिलायें धरने पर बैंठी हैं और हाथ में मिट्ïटी का तेल लेकर आत्मदाह की चेतावनी दे रही हैं। प्रशासन के सामने बड़ी समस्या है कि आखिर यह ताला कैसे खुले?
भगवा झंडे के अपमान पर चुप नहीं रहेगी भाजपा
१११ 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। इलाहाबाद पुलिस के मॉकड्रिल में भगवा झंडा फहराने की भाजपा ने निंदा की है। भाजपा का कहना है कि यदि तत्काल एसएसपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस मुद्दे को पूरे प्रदेश में ले जाएगी।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा कि एसएसपी कुतर्कों से अपनी करतूतों पर पर्दा डालने की कोशिश कर रहे हैं। उनका यह कहना ठीक नहीं है कि कोई रंग होता तो विरोध होता। उधर, भाजपा प्रवक्ता विजय बहादुर पाठक ने आरोप लगाया कि कि सत्ता में बैठे लोगों को खुश करने के लिए एसएसपी ने यह काम किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री से बहुसंख्यकों से माफी मांगने की मांग की है।

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