राष्टï्रद्रोहियों को फांसी की सिफारिश

Captureरिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि आंख के बदले आंख का सिद्धांत हमारे संविधान की बुनियादी भावना के खिलाफ है। बदले की भावना से न्यायिक तंत्र नहीं चल सकता। विधि आयोग ने जो रिपोर्ट तैयार की है वह भारत में मौत की सजा होनी चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर केन्द्रित है।

विधि आयोग ने आतंकवाद एवं देशद्रोह को छोडक़र सभी मामलों में फांसी की सजा समाप्त करने की सिफारिश की है। विधि आयोग ने इस रिपोर्ट को तैयार करने में तीन साल का समय लिया। कमीशन ने जो रिपोर्ट तैयार की है उस पर कमीशन के अधिकांश सदस्यों ने सहमति जतायी है। उनके हिसाब से राष्टï्रद्रोह कहीं से बर्दाश्त नहीं किया जा सकता, इसलिए फांसी की सजा जरूरी है। विधि आयोग के अध्यक्ष जस्टिस एपी शाह ने कहा कि कमीशन के नौ में से छह सदस्य रिपोर्ट से सहमत हैं। तीन असहमत सदस्यों में से दो सरकार के प्रतिनिधि हैं। रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि आंख के बदले आंख का सिद्धांत हमारे संविधान की बुनियादी भावना के खिलाफ है। बदले की भावना से न्यायिक तंत्र नहीं चल सकता। विधि आयोग ने जो रिपोर्ट तैयार की है वह भारत में मौत की सजा होनी चाहिए या नहीं इस मुद्दे पर केन्द्रित है।
यह रिपोर्ट इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि मुंबई सीरियल बम ब्लास्ट के दोषी याकूब मेमन की फांसी दिए जाने के बाद पूरे देश में इस बात की बहस छिड़ गई थी। याकूब की फांसी टलवाने के लिए देश के नामचीन लोगों ने पैरवी की थी। याकूब की फांसी की तिथि के एक पखवारे पहले से इस बात पर बहस शुरु हो गई थी कि फांसी देना उचित है या नहीं। देश में लंबे समय से फांसी की सजा खत्म करने पर बहस चल रही है। विधि आयोग इस रिपोर्ट की एक प्रति कानून मंत्री को सौंपेगी, क्योंकि पैनल के प्रावधानों में किसी भी बदलाव की मांग पर संसद ही विचार करेगी। विधि आयोग के अध्यक्ष एवं दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति अजित प्रकाश शाह ने बताया कि आयोग ने अपनी 262वीं रिपोर्ट सरकार को सौंप दी है, जिसमें मृत्युदंड को समाप्त करने की सिफारिश की गई है। न्यायमूर्ति शाह ने बताया कि आयोग सभी मामलों में फांसी की सजा समाप्त करने का पक्षधर है, लेकिन आतंकवाद एवं देशद्रोह के मामले में राष्टï्रीय सुरक्षा पर सवाल खड़े होने की आशंका के मद्देनजर फिलहाल ऐसे मामलों के लिए इसे बरकरार रखने की सिफारिश की गई है। आयोग ने पुलिस सुधार, गवाह सुरक्षा और पीडि़तों को मुआवजा देने की योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन के लिए उपाय भी सुझाए हैं और सरकार से इन पर यथाशीघ्र अमल किये जाने की अपील की है। विधि आयोग ने इस बात की उम्मीद जतायी है कि देश में एक दिन हर तरह के अपराध के लिए फांसी की सजा बंद हो जाएगी। आतंकवाद एवं देशद्रोह मामले में फांसी की सजा निश्चित ही सही और स्वागतयोग्य फैसला है।

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