राम मंदिर और गाय के बजाय अब विकास के मुददे पर यूपी में चुनाव लड़ेगी भाजपा

  • बीजेपी कार्यकर्ताओं को सरकार की उपलब्धियां जन-जन तक पहुंचाने का दिया गया जिम्मा
  • जनता से जाति और सम्प्रदाय की बजाय विकास करने वाली बीजेपी के साथ जुडऩे की अपील

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
1लखनऊ। भाजपा ने यूपी में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव में राम मंदिर और गाय के मुद्दे को उठाने से तौबा कर ली है। इसकी बड़ी वजह एबीपी के सर्वे में सपा को आगामी चुनाव में सर्वाधिक सीटें मिलने की रिपोर्ट भी मानी जा रही है। क्योंकि सपा के विकास कार्यों को प्रदेश की जनता कहीं न कहीं अन्य सरकारों के मुकाबले अधिक पसंद कर रही है। इसलिए भाजपा को एहसास हो चुका है कि इन दोनों मुद्दों को उठाने का नतीजा खतरनाक हो सकता है। बेहतर होगा कि विकास की ही बात की जाये।
भाजपा बिहार में गाय के मुद्दे को उठाकर अपना नुकसान करा चुकी है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने यूपी में विकास के मुद्दे पर चुनाव लडऩे का निर्णय लिया है। इसलिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी यूपी में होने वाले आगामी चुनाव के दौरान पार्टी का प्रमुख मुद्दा विकास पर आधारित होने की बात दोहराई है। उन्होंने भाजपा की प्रदेश इकाई के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को केन्द्र सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुंचाने के काम में जुट जाने का आह्वान किया है। इसके साथ ही जनता से विकास के नाम पर भाजपा का सपोर्ट करने की अपील की है। अमित शाह का लखनऊ दौरा इसी मायने में खास माना जा रहा है क्योंकि नरेन्द्र मोदी की तरफ से यूपी में विकास के मुद्दे पर चुनाव लडऩे की घोषणा के बाद अमित शाह लखनऊ का दौरा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो पार्टी नेताओं को मंदिर और गाय के मुद्दे को बेवजह तूल न देने का इशारा कर दिया गया है। इसके अलावा बेवजह की बयानबाजी से बचने की सलाह भी दी गई है।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने हाल ही में एक न्यूज चैनल को इन्टरव्यू के दौरान कहा था कि यूपी विधानसभा चुनाव 20017 में बीजेपी का मुख्य मुद्दा विकास होगा। बीजेपी विकास की राजनीति करती है। इसलिए विकास के मुद्दे से जुडक़र लोगों से आगे आना चाहिए।
दरअसल यूपी की हालिया स्थिति को देखकर भाजपा को अच्छी तरह मालूम हो गया है कि आने वाले चुनाव में अयोध्या में राम मंदिर बनाने और गाय के मुद्दे को तूल देने से कुछ भी हासिल नहीं होगा। इसके साथ ही केन्द्र सरकार में शामिल यूपी के कुछ मंत्रियों की तरफ से पिछले दिनों जारी बयानों की वजह से भी भाजपा की काफी किरकिरी हुई है। इसलिए पार्टी हाईकमान ने जनता की नब्ज को टटोलते हुए राम मंदिर और गाय के मुद्दे से दूरी बनाने को ही बेहतर उपाय माना है। इससे निश्चित तौर पर बीजेपी से राम मंदिर बनावाने की उम्मीद रखने वाले लोगों को निराशा हाथ लगी है।

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