राममूर्ति को पद से हटाने को पीआईएल का सहारा

अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने दायर की पीआईएल
राममूर्ति पर पत्रकार जगेन्द्र को जला कर मारने का है आरोप

 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। यूपी के हत्यारोपी कातिल मंत्री राममूर्ति वर्मा पर कोई कार्रवाई न होने के कारण अब कोर्ट का सहारा लिया जा रहा है। प्रसिद्ध अधिवक्ता प्रिंस लेनिन ने पीआईएल दखिल कर राममूर्ति पर कार्रवाई कराने का मन बनाया है। शाहजहांपुर के पत्रकार जागेन्द्र सिंह को उसके घर में जला कर मार डालने की साजिश रचने वाले उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री राममूर्ति वर्मा पर सीधे आरोप लगे हैं।
गौरतलब है कि पत्रकार के साथी, परिजन और उसका फेसबुक एकाउंट सीधे राममूर्ति वर्मा पर उंगली उठा रहे हैं। मृतक पत्रकार ने मरने से कुछ दिन पहले अपनी फेसबुक वॉल पर अपनी मौत की आहट की पोस्ट डाली थी। पोस्ट में जगेन्द्र ने कहा था कि स्थितियां ऐसी बन रही हैं कि उसे महसूस हो रहा है कि वह मार डाला जाएगा और उसको मारने का काम कोई और नहीं संविधान की रक्षा की कसम खाने वाले मंत्री जी करेंगे। जगेन्द्र राममूर्ति के भ्रष्टाचार को लगातार मुद्ïदा बना रहे थे। जगेन्द्र और मंत्री में किस प्रकार ठनी थी इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मंत्री ने जगेन्द्र के खिलाफ फर्जी तरीके से एफआईआर दर्ज करवाई गयी थी और जब जगेन्द्र एफआईआर के बाद भी नहीं टूटा तो उसे साजिश कर मार डाला गया। प्रिंस लेनिन कहते हैं कि यह संवेदनशील मुद्ïदा है, इस पर प्रदेश सरकार को संज्ञान लेना चाहिए था। एक जिम्मेदार व्यक्ति पर सीधे आरोप लग रहे हैं। ऐसे में होना तो यही चाहिए था कि मंत्री खुद इस्तीफा देते। अब मुख्यमंत्री को उन्हें बर्खास्त कर देना चाहिए था लेकिन वह भी नहीं हुआ। घटना का समय बीत रहा है और साक्ष्य भी कमजोर हो रहे हैं।

दर्ज हो चुकी है एफआईआर
मंत्री राममूर्ति वर्मा पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। एफआईआर दर्ज होने के बाद मंत्री अपने बाहुबल से लोगों को डरा धमका कर मामला मैनेज करने की कोशिश कर रहे हैं। घटना के बाद जगेन्द्र का परिवार भी डरा हुआ है और किसी दूसरी अनहोनी की आशंका व्यक्त कर रहा है। जगेन्द्र के साथी जो आवाज उठा रहे हैं उन्हें भी मुकदमों में फंसाने और दूसरे प्रकार के प्रलोभन से केस से अलग होने के लिए कहा जा रहा है।

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