रात में चला बुल्डोजर, चार की मौत, हंगामा और आगजनी

  • मेरठ में अवैध कॉम्प्लेक्स रात के दो बजे ढहाने पहुंचे अफसरों ने सोते लोगों के बीच चला दिया बुल्डोजर
  • आक्रोशित भीड़ ने कैंट के सीईओ के घर किया पथराव और आगजनी

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। मेरठ के थाना सदर बाजार क्षेत्र में शनिवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां कैंटोनमेंट बोर्ड की तरफ से आरआर कॉम्प्लेक्स का ध्वस्तीकरण करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान अंदर मौजूद आधा दर्जन लोग मलबे में दब गए। इसकी सूचना जैसे ही लोगों को मिली वहां हंगामा खड़ा हो गया, जिसके बाद कैंटोनमेंट की टीम मलबे में दबे लोगों को देखकर मौके से भाग गई। इस घटना की सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल के साथ पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू कर दिया। अब तक चार मृतकों को मलबे से निकाला जा चुका है। इस घटना से नाराज लोगों ने कैंट बोर्ड से सीईओ राजीव श्रीवास्तव के घर तोडफ़ोड और आगजनी भी की है। सीईओ घर छोड़कर फरार है। पुलिस आक्रोशित लोगों को शांत कराने की कोशिश में जुटी हुई है।
पुलिस द्वारा चल रहे इस बचाव कार्य मे चार लोगों की मौत हो गयी है जबकि दो लोग अभी भी जिंदगी ओर मौत से जंग लड रहे है। कैंटोनमेंट की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में बेहद नाराजगी है। इस क्षेत्र में रहने वाले लोगों का कहना है कि यह हादसा नहीं हत्या है। कैंटोनमेंट बोर्ड के लोगों ने बिना किसी पूर्व सूचना के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स पर बुल्डोजर चलवाना सरासर गलत है। इस हादसे में जिन चार लोगों की मौत हुई, वह मौत नहीं बल्कि हत्या है। इसी वजह से क्षेत्र के लोग कैंटोनमेंट बोर्ड की कार्रवाई के खिलाफ इकट्ठा हैं। ये सभी कैंट बोर्ड की टीम पर हत्या का मुकदमा दर्ज कराने की मांग कर रहे है। स्थानीय लोगों के मुताबिक अभी भी कई लोग मलबे में दबे हैं। दूसरी तरफ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बचाव कार्य जारी है और इसमें जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। बता दें सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद इस काम्प्लेक्स को गिराया जाना था लेकिन कैंट बोर्ड के अधिकारियों ने बिना किसी चेतावनी के बीती रात करीब दो बजे इस ध्वस्तीकरण अभियान की शुरुआत कर दी। उस समय लोग काम्प्लेक्स में सो रहे थे।

सीईओ और एक्सईएन के खिलाफ मुकदमा दर्ज

मेरठ पुलिस ने आरआर माल को बिना पूर्व सूचना के ढ़हाये जाने और उसमें दबकर चार लोगों की मौत की घटना को गंभीरता से लिया है। इस बिल्डिंग में फंसे लोगों को मलबे से निकालने में आपदा प्रबंधन और पुलिस की टीम जुटी हुई है। वहीं क्षेत्र की नाराज जनता की मांग पर कैंट बोर्ड के सीईओ और एक्सईएन अनूप सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। वहीं प्रभारी डीएम ने सिटी मजिस्ट्रेट केशव कुमार को मामले की जांच सौंप दी गई है। फिलहाल स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। इस मामले में सीईओ व एक्सईएन की कभी भी गिरफ्तारी हो सकती है।

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