राज्यपाल ने लोकायुक्त की नियुक्ति को लेकर राष्ट्रपति को भेजी रिपोर्ट

लखनऊ । यूपी लोकायुक्त एक्ट में संशोधन होने के बाद से खाली चल रहे प्रदेश के लोकायुक्त पद पर नई नियुक्ति का मामला राष्ट्रपति के पास पहुंच गया है। मासिक रिपोर्ट देने राष्ट्रपति भवन पहुंचे प्रदेश के राज्यपाल राम नाइक ने राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात के दौरान यह मुद्दा उठाया। अभी लोकायुक्त एक्ट में संशोधन के बाद नई नियुक्ति तक पुराने लोकायुक्त रह सकते हैं, इसलिए इस पद पर रिटायर होने के बाद भी एनके मेहरोत्रा आसीन हैं।
राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी से मुलाकात कर राज्यपाल ने मासिक रिपोर्ट रखते हुए प्रदेश में बिजली संकट, लॉ एंड आर्डर, विधान परिषद के मनोनीत सदस्यों और लोकायुक्त पद पर नियुक्ति का मामला रखा, जिसमें यह बताया गया कि 15 मार्च 2014 के बाद से प्रदेश में लोकायुक्त का पद खाली चल रहा है। इस पद पर नई नियुक्ति न होने से कार्यकाल पूरा कर चुके रिटायर जस्टिस एन के मेहरोत्रा ही कार्यभार देख रहे हैं।
छह से आठ साल होगा कार्यकाल
साल 2012 से पहले यूपी लोकायुक्त एक्ट के मुताबिक लोकायुक्त का कार्यकाल छह साल तक होता था जिसमें इस बात का जिक्र था कि लोकायुक्त के पद से हटने के बाद वह व्यक्ति किसी भी तरह का कोई पद स्वीकार नहीं करेगा। 2012 में प्रदेश का सीएम बनने के बाद अखिलेश यादव ने एक्ट में संशोधन कर लोकायुक्त और उप लोकायुक्त का कार्यकाल बढ़ाकर आठ साल कर दिया। लोकायुक्त कानून के सेक्शन 5(3) में भी संशोधन किया गया जिसके मुताबिक लोकायुक्त पद पर कार्यकाल पूरा करने वाला व्यक्ति ये पद दोबारा स्वीकार कर सकता है, क्योंकि यह पद प्रदेश सरकार के अधीन नहीं है। इस संशोधन पर सुप्रीम कोर्ट की भी मुहर लग चुकी है।

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