राज्यपाल ने की एलयू कोर्ट बैठक की अध्यक्षता

राज्यपाल ने कहा, होगा शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी में कन्वोकेशन
चालीस साल बाद पहली बार शामिल हुए राज्यपाल

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। राज्यपाल राम नाईक सोमवार को लखनऊ विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय सभा (कोर्ट) की अध्यक्षता करने पहुंचे। चालीस साल बाद यह पहला मौका था जब कोई भी राज्यपाल एलयू की कोर्ट मीटिंग अटैंड की हो। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने कहा कि ‘पूर्व में परम्परा रही है कि सभा की अध्यक्षता के लिए कुलाधिपति द्वारा कुलपति को अधिकृत कर दिया जाता था। मैंने सोचा कि अध्यक्ष के रूप में स्वयं जाकर देखने से विश्वविद्यालय की कार्य प्रणाली के बारे में अधिक जानकारी मिल सकेगी। है।
राज्यपाल ने कहा कि वे राज्य के 25 विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति हैं। अब तक आयोजित तीन कुलपति सम्मेलनों में विश्वविद्यालयों से संबंधित कई विषयों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शैक्षिक गुणवत्ता बढाने के लिए सफल प्रयोग हुए हैं। परीक्षाएं समय पर हो रही हैं। नकलविहीन परीक्षाओं और समय से परीक्षा परिणाम के लिए भी उचित दिशा निर्देश उनके द्वारा दिए गये हैं।
उन्होंने बताया कि 25 में से 3 विश्वविद्यालय ऐसे हैं कि जिनमें छात्र उपाधि प्राप्त करने के स्तर तक नहीं पहुंचे हैं। शेष 22 विश्वविद्यालयों में से 21 में दीक्षान्त समारोह हो चुके हैं और डॉ. शकुंतला मिश्रा यूनिवर्सिटी का दीक्षान्त समारोह शीघ्र सम्पन्न होना है। उन्होंने कहा कि सम्पन्न सभी दीक्षान्त समारोह में हैट एवं गाउन के स्थान पर भारतीय परिधान धारण किये गये तथा पदक प्राप्त करने वालों में 65 प्रतिशत छात्रायें थी। उन्होंने यह भी कहा कि लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षकों के रिक्त पदों को भरने के निर्देश दिये गये हैं। लगभग 10 वर्षों के बाद विश्वविद्यालय में 200 रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिनमें से 27 पदों पर नियुक्तियां की जा चुकी है। 100 शिक्षकों को प्रोन्नति का लाभ दिया गया है। उन्होंने कहा कि खाली को भरे जाने से शिक्षा की गुणवत्ता में निश्चित रुप से सुधार आएगा। उन्होंने बताया कि कुलपतियों का कार्यकाल पांच वर्ष करने हेतु उनके द्वारा राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है जो अभी विचाराधीन है। लखनऊ विश्वविद्यालय द्वारा ए ग्रेड नैक ग्रेडिंग प्राप्त करने हेतु तैयारियाँ की जा रही हैं। आईपीपीआर डायरेक्टर प्रो. एनके पाण्डेय ने रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि मौजूदा समय में विश्वविद्यालय में 65 रिसर्च चल रहे हैं।

Pin It