राजधानी में आधार कार्ड को स्मार्ट बनाने के नाम पर हो रही खुलेआम वसूली

प्राइवेट एजेंसियों की तरफ से लगाये गये स्टालों और कैम्पों में हो रहा खेल
आधार कार्ड स्मार्ट बनाने के नाम पर लोगों से लिया जा रहा प्रति कार्ड 150 रुपए

Captureप्रभात तिवारी
लखनऊ। सरकार की सभी योजनाओं में आधार कार्ड को महत्वपूर्ण माना जाने लगा है। इसलिए आधार कार्ड के नाम पर लोगों से खुलेआम वसूली का धंधा भी शुरू हो गया है। जिले में शहरी क्षेत्र के अलग-अलग हिस्सों में लगे कैम्पों में निर्धारित मूल्य से तीन गुना कीमत वसूली जा रही है। इसकी जानकारी आधार कार्ड बनाने वाली एजेंसियों और प्रशासनिक अधिकारियो को भी है लेकिन हर व्यक्ति लिखित शिकायत मिलने के बाद ही कार्रवाई करने की रट लगाये बैठा है। जो आम जनता और शहर की सुरक्षा दोनों के लिए खतरनाक साबित हो सकता है।
केन्द्र सरकार देश भर में आधार कार्ड की अनिवार्यता का कानून लाने की फिराक में है। इससे संबंधित विधेयक लोकसभा में पेश किया जा चुका है। जिसमें करीब 92 प्रतिशत लोगों का आधार कार्ड बन जाने का आंकड़ा पेश किया गया था। ऐसे में बहुत जल्द आधार कार्ड नहीं होने पर लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलना बंद हो जायेगा। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने आधार कार्ड की अनिवार्यता के आदेश को एक सिरे से खारिज कर दिया है लेकिन जिस तरह सरकारी योजनाओं में आधार कार्ड को जरूरी किया जा रहा है, उससे सरकार की मंशा का पता चलने लगा है। इसलिए लोग आधार कार्ड को लंबे समय तक सुरक्षित रखने के मकसद से स्मार्ट कार्ड की तरफ बनवाना चाहते हैं। इस तरह की सुविधा आधार की तरफ से भी दी गई है। इसलिए शहरों में जगह-जगह विभिन्न एजेंसियों की तरफ से कैम्प और स्टाल लगाकर लोगों का आधार कार्ड स्मार्ट बनाया जा रहा है लेकिन राजधानी में खुलेआम लोगों से सरकार की तरफ से निर्धारित 50 रुपये की बजाय 100-150 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं आधार कार्ड बनवाने के लिए आपके पास कोई आईडी प्रूफ नहीं है, तो उसका समाधान भी एजेंसियों के कैम्प और स्टाल पर काम करने वाले कर्मचारियों के पास होता है। इसके लिए आपको अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

मनमानी कीमत वसूल रहे कर्मचारी
मलिहाबाद के रोहित कुमार ने बताया कि करीब 15 दिन पहले कैसरबाग चौराहे के पास लगे कैम्प में अपने आधार कार्ड को स्मार्ट कार्ड की तरह बनवाने गये थे। जब कैम्प में पहुंचे तो कर्मचारी ने स्मार्ट कार्ड बनवाने का शुल्क 150 रुपये मांगा। इस पर उन्होंने कैम्प के कर्मचारी से कहा कि जहां तक मुझे मालूम है, स्मार्ट कार्ड बनवाने का शुल्क 50 रुपये है, ऐसे में 100 रुपये अतिरिक्त क्यों वसूल रहे हैं ? तब उस कर्मचारी ने कहा कि हर व्यक्ति से 150 रुपये ही लिये जा रहे हैं। हम लोग प्राइवेट एजेंसी के कर्मचारी हैं। इसलिए अधिक चार्ज लिया जा रहा है। जब रोहित ने मामले की शिकायत पुलिस और संबंधित एजेंसी के अधिकारियों से करने की धमकी दी तब वह 80 रुपये लेकर स्मार्ट कार्ड बनाकर देने पर राजी हो गया। इसी प्रकार हसनगंज निवासी पप्पू यादव अपना आधार कार्ड बनवाने के लिए क्षेत्र में लगे प्राइवेट एजेंसी के स्टाल पर पहुंचे। वहां उन्होंने आधार कार्ड बना रहे कर्मचारी को स्पष्ट बता दिया कि उनके पास कोई भी आईडी प्रूफ नहीं है। ऐसे में वह आधार कार्ड बनवाना चाहते हैं। इसमें कितना खर्च आयेगा। यह सुनकर कैम्प के कर्मचारी ने 250 रुपये का खर्च बताया। जब पप्पू 250 रुपये देने को तैयार हो गया तो उससे एक फार्म भरवाकर सारी प्रक्रिया पूरी कर ली गई। ये अलग बात है कि 20-25 दिन गुजरने के बावजूद पप्पू को आधार कार्ड नहीं मिला है। ऐसे में लोगों के पहचान पत्र का कैम्पों और स्टालों पर दुरुपयोग होने की आशंका भी है।

ग्रामीण इलाकों में जबरदस्त क्रेज
ग्रामीण इलाकों में आधार कार्ड बनवाने को लेकर लोगों में जबरदस्त क्रेज देखने को मिल रहा है। गांवों में राशन कार्ड और घरेलू सिलेंडर पर सरकार की तरफ से मिलने वाली सुविधा और सब्सिडी की वजह से लोग आधार कार्ड बनवाने में खूब रुचि ले रहे हैं। इसलिए आधार कार्ड बनवाने का ठेका लेने वाली एजेंसियों के कर्मचारी ग्रामीणों को बहला-फुसलाकर और सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं ले पाने का डर दिखाकर 100-200 रुपये वसूलकर आधार कार्ड बना रहे हैं।

जगह-जगह खुली दुकानें
जिले में आधार कार्ड बनाने और आधार कार्ड को स्मार्ट बनाने की जगह-जगह अलग-अलग एजेंसियों की दुकानें खुली हुई हैं। इसमें 9-16 वर्ग फिट क्षेत्रफल में पूरी दुकान लगाकर आधार कार्ड बनाने वाले बैठे रहते हैं। ये अधिकांशत: पापुलर चौराहों के आस-पास अपना कैम्प या स्टाल लगाते हैं। इससे लोग भी आसानी से उनके पास पहुंचते हैं। शहरी क्षेत्र में टेढ़ी पुलिया चौराहे के पास, कैसरबाग चौराहे के पास, आईटी चौराहे के पास, नाका चौराहे से कुछ दूरी पर और चारबाग स्टेशन से करीब 200-400 मीटर की दूरी पर दो-दो युवक आधार कार्ड बनाने की मशीन लेकर बैठे रहते हैं। ये लोग सोमवार से लेकर शनिवार तक सुबह 10 बजे से लोगों का आधार कार्ड बनाना शुरू करते हैं और शाम पांच बजे तक आधार कार्ड बनाते हैं।

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