राजधानी की सबसे बेहतर लैब तैयार करेगा लविवि

राष्टï्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अंतर्गत होगा उच्चस्तरीय लैब का निर्माण, लखनऊ विश्वविद्यालय ने भेजा प्रस्ताव

लैब बनने से छात्रों के साथ-साथ किसानों को मिलेगा लाभ

4पीएम न्यूज़ नेटवर्कLU
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय ने छात्रों के साथ-साथ राजधानी के लोगों व किसानों की बेहतरी के लिए कई शोध लैब के निर्माण की योजना बनाई है। इसके तहत पानी हो या खाने की गुणवत्ता, इसे आसानी से परखा जा सकेगा। अब राजधानी में खाद्य सामग्री की जांच आसानी से की जा सकेगी। शोध प्रोजेक्ट के लिये विवि ने रूसा(राष्टï्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान) द्वारा मांगे प्रपोजल के आधार पर बजट प्रस्ताव भेजा है, जिसमें फूड प्रोसेसिंग के साथ-साथ मैटेरियल सांइस, क्वॉलिटी वाटर सहित कई विषय भी सम्मिलित हैं। रूसा ने शोध की बेहतरी के लिए कई विश्वविद्यालयों से उनके क्षेत्र के आधार पर आवश्यक बजट के लिए प्रस्ताव मांगा गया है।
विश्वविद्यालय में छात्रों की बेहतरी के लिए कई विषयों को पहले ही शुरू किया जा चुका है। इसमें दो वर्षीय फूड प्रोसेसिंग कोर्स पहले से ही चलाया जा रहा है। इसे और आगे बढ़ाने के लिए विवि प्रशासन व विभागाध्यक्ष नई तकनीकों के लिए प्रयासरत हैं। फूड प्रोसेसिंग कोर्स के लिए जुलाई में प्रॉपोजल भेजा जा चुका है। रूसा के प्रस्ताव पर एक बार फिर इसके लिए बजट तैयार किया गया है। वहीं राष्टï्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान की तरफ से ऐसे रिसर्च वर्क को बढ़ावा देने के उद्ïदेश्य से कई विश्वविद्यालयों से उनके क्षेत्र में विशेषज्ञता के आधार पर अलग-अलग विषयों का चयन किया गया है। इन विवि को रिसर्च के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए बजट बनाकर भेजने को कहा गया है। रूसा के प्रस्ताव पर एलयू की तरफ से फूड प्रोसेसिंग, क्वॉलिटी वाटर एण्ड ग्राउंड वाटर संस्टेनबिलिटी, मैटेरियल सांइस के लिए बजट प्रस्ताव भेजा गया है।
साधन उपलब्ध होने से शोध के मिलेंगे बेहतर परिणाम
जियोलॉजी विभाग के प्रो.विभूति राय का कहना है कि ग्राउंड वाटर में जरूरी तत्वों का पता लगाने के लिए जांच की जाती है, जिसमें कई बार संतोषजनक रिजल्ट नहीं आता है। रूसा से ग्रांट मिलने के बाद विवि में छात्रों व आम लोगों को फायदा मिलेगा, क्योंकि ऐसे शोध के उचित परिणाम देने वाले साधन उपलब्ध हो जायेंगे। हमारे पास जो भी इंस्ट्रूमेंट हैं उससे इन रिसर्च को पूरा करते हैं लेकिन कहीं न कहीं संतोषजनक परिणाम को लेकर शंका बनी रहती है। अच्छे साधनों के जरिए हमें एक बार में ही विश्वसनीय रिजल्ट मिल सकेगा। यही स्थिति मैटेरियल सांइस में भी है।
हाइटेक फूड प्रोसेसिंग लैब से होगा फायदा
राजधानी में कई नामी रिसर्च सेंटर हैं लेकिन किसी के पास ऐसी कोई लैब नहीं है जो किसी भी रिजल्ट के सही होने की गारंटी दे सके। सभी जांचों का फार्मूला अलग होता है। डॉ. कमान सिंह का कहना है कि ग्रांट मिलने के बाद विवि में एक ऐसी लैब तैयार होगी जिसके परिणाम विश्वसनीय होंगे। साथ ही इस तकनीक से हम कुछ अलग प्रयोग भी कर सकेंगे जिससे किसानों की मदद करने में आसानी होगी। उनका कहना है कि सीजन के बाद आम बहुत महंगा मिलता है लेकिन रिसर्च के द्वारा हम ऐसा विकल्प तैयार करेंगे जिससे किसान आगे की पैदावार को स्टोर कर सकेंगे। इससे किसानों को तो आर्थिक लाभ होगा ही साथ ही ग्राहकों को भी वस्तुएं कम दामों पर मिल सकेंगी।
ओसीआर बिल्डिंग में बनेगी लैबउनका कहना है कि विवि में ओसीआर बिल्डिंग का निर्माण किया जा रहा है। चार फ्लोर की इस बिल्डिंग के प्रथम तल पर लैब तैयार की जायेगी। बिल्डिंग भी जल्द ही तैयार हो जाएगी। बिल्डिंग तैयार होने के बाद फिर आगे का काम बढ़ाया जाएगा।
शुरू होंगे शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स
विवि में अभी तो दो वर्ष के डिग्री कोर्स चलाए जा रहे हैं। अगले सत्र से तीन व छह महीने के शार्ट टर्म डिप्लोमा कोर्स भी चलाए जाने की योजना तैयार की गई है। जिसमें अपनी रुचि के अनुसार छात्र प्रवेश ले सकेंगे। चूंकि यह प्रोफेशनल कोर्स है इसलिए इन कोर्सेज का अधिक संख्या में छात्रों को लाभ मिल सकेगा। मार्केट में प्रोफेशनल की मांग भी ज्यादा है, इस लिहाज से यह कोर्स छात्रों के लिए उपयोगी साबित होगा।

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