राजधानीवासियों पर मंडरा रहा पानी का संकट

  • 30 साल बाद पानी के लिए मचेगी त्राहि-त्राहि
  • चौथे और पांचवें वाटर वक्र्स बनाने की योजना प्रस्तावित

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। राजधानी का वाटर वक्र्स की प्रस्तावित योजना में विलंब से पानी का संकट उत्पन्न हो सकता है। वाटर वक्र्स के लिए आवश्यक जमीन अब तक नहीं मिल पाई है। ऐसे में शहर के लोगों की पीने के पानी की समस्या और अधिक बढऩे की आशंका है।
शहर में पीने के पानी की बढ़ती मांग के चलते चौथे और पांचवे वाटर वक्र्स प्रस्तावित किए गए हैं लेकिन इसके लिए कच्चे पानी की उपलब्धता अभी तक तय नहीं हो सकी है। इसके लिए जल निगम ने सिंचाई विभाग से सतही जल उपलब्ध कराने को कहा है। अभी करीब 35 लाख आबादी के लिए 607.16 एमएलडी ही उपलब्ध हो पा रहा है जबकि 30 साल बाद वर्ष 2045 में 73,35,200 आबादी के लिए 1280.63 एमएलडी पानी की डिमांड बताई गई है। शहरवासियों को पेयजल आपूर्ति के लिए शहर को-ए, बी, सी, डी व ई में बांटा गया है। शहर में इस समय तीन जलकल ऐशबाग, द्वितीय जलकल बालागंज व तृतीय जलकल गोमती नगर स्थित कठौता में है। तीनों जलकल से शहर को पेयजल की आपूर्ति हो रही हैै लेकिन शहर के विस्तार के साथ ही बढ़ती आबादी को देखते हुए पेयजल आपूर्ति के लिए कच्चे जल का आंकलन किया गया है। राज्य व केंद्र की जलनीति के अनुसार भू गर्भ जल का दोहन रोकने एवं जलापूर्ति के लिए सतही स्त्रोत आवश्यक है। इसके लिए सिंचाई विभाग से कच्चे जल की उपलब्धता के लिए वर्ष 2013 में प्रमुख सचिव नगर विकास की अध्यक्षता में निर्णय लिया गया था। राष्टï्रीय जलनीति के तहत पेयजल की उपलब्धता के लिए सिंचाई विभाग की प्रमुख नहरों में शारदा नहर एवं शारदा पोषक नहर से जल उपलब्ध कराए जाने की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार की गई। जल निगम के लखनऊ क्षेत्र के मुख्य अभियंता जुबैर अहमद ने कच्चे जल की उपलब्धता के लिए मंडलायुक्त को पत्र लिखा है। कच्चा जल मिलने की उपलब्धता पर ही चौथे व पांचवें जलकल को पर्याप्त पानी मिल सकेगा।

वाटर वक्र्स के लिए एलडीए नहीं दे रहा जमीन
महायोजना 2021 में पेयजल व्यवस्था के लिए जलकल निर्माण को लेकर भूमि आवंटित की गई थी लेकिन लखनऊ विकास प्राधिकरण से नि:शुल्क जमीन न दिए जाने से योजना लटकी हुई है। अलीगंज, जानकीपुरम, महानगर, त्रिवेणीनगर तथा फैजुल्लागंज आदि क्षेत्रों में तत्कालिक एवं दीर्घकालिक पेयजल की समस्या के निराकरण के लिए शहर में चौथे व पांचवें वाटर वक्र्स बनाने की योजना है। एलडीए से 25-25 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने की मांग की है। महाप्रबंधक जलकल विभाग ने बताया था कि चतुर्थ वाटर वक्र्स के लिए हरदोई-सीतापुर रोड स्थित घैला में स्थल का चयन किया गया है। एलडीए से बातचीत चल रही है। जल निगम ने मुख्य अभियंता एलडीए को पत्र लिखकर जमीन दिए जाने का अनुरोध किया है।

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