रजिस्ट्रार की अभद्रता पर छात्रों ने कुलपति से लगाई न्याय की गुहार

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क

लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में कई कोर्स में एमफिल करने वाले अभ्यर्थियों को फीस की कोई उचित जानकारी नहीं दी गई। पहले जितनी फीस बतायी गई थी छात्रों ने जमा कर दिया। लेकिन अब विवि प्रशासन छात्रों से बढ़ी हुई फीस मांग रहा है। बढ़ी फीस को लेकर छात्रों में आक्रोश है। छात्रों ने कुलपति से गुहार लगाकर अपनी समस्याओं के निस्तारण की मांग की है।
एमफिल छात्रों का आरोप है कि शुरुआत से ही कोर्स की फीस के संबंध में अधूरी व भ्रांतिपूर्ण जानकारी दी गई हैं। कभी यह स्पष्टï नहीं किया गया कि एमफिल की कितनी फीस निर्धारित है। छात्रों ने बताया कि हम लोग पिछले एक माह से विवि के तमाम विभागों के चक्कर काट रहे हैं,जिसके कारण हम लोगों की पढ़ाई बाधित हो रही है। छात्रों की समस्याओं को देखते हुए हिंदी विभाग की विभागाध्यक्ष प्रेम सुमन ने फीस की जानकारी वित्त अधिकारी से मांगी थी लेकिन कोई जानकारी नही प्राप्त हुई। छात्रों ने बताया कि जब हम लोग अपनी समस्या लेकर रजिस्ट्रार अखिलेश मिश्रा के पास गए तो उन्होंने हमारी समस्याओं को सुनने के बजाए हमारे साथ अभद्रता की साथ ही चरित्र प्रमाण पत्र को खराब करने की धमकी देते हुए कमरे से बाहर निकाल दिया। वहां सुनवाई न होने पर एमफिल के छात्रों ने समाजवादी छात्रसभा के साथ मिलकर अपनी समस्या कुलपति एसबी निमसे के समक्ष रखा और उनसे जल्द से जल्द सुलझाने की मांग की है। मालूम हो कि सत्र 2015-16 के लिए तय फीस विवरण के आधार पर नियमित छात्रों की फीस 6491 रुपए व स्ववित्तपोषित छात्रों की फीस 13500 रुपए प्रति सेमेस्टर व कुल सेमेस्टर 27000 रुपए फीस निर्धारित की गई थी, जिसकी जानकारी होने से जिम्मेदार इनकार कर रहे हैं। समाजवादी छात्रसभा का कहना है कि यदि छात्रों की समस्याएं दूर नहीं की गई तो हम लोग बड़े स्तर पर प्रदर्शन करेंगे।

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