योग को सांप्रदायिक रंग दे रही भाजपा : आजम

योग दिवस पर सियासी हलचल तेज

मुस्लिम पुरातनकाल से योग का अभ्यास कर रहे हैं लेकिन अब सूर्य नमस्कार को योग में शामिल करके धार्मिक नफरत और अलगाववाद फैलाने की साजिश रची जा रही है

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
Captureलखनऊ। 21 जून को योग दिवस है इसको लेकर सियासी हलचल बढ़ चुकी है। सभी पार्टियों की तरफ से बयानबाजी चल रही है। गौरतलब है की लगातार योग को तरजीह देते हुए बीजेपी ये जरुर चाहती है की कोई ऐसी वजह ज़रूर बने जिससे हम और हमारी पार्टी की छवि और अच्छी हो । वहीं रामपुर में समाजवादी पार्टी के कद्दावर मंत्री आज़म खान ने योग दिवस को लेकर सियासी बयानबाज़ी देकर हलचल मचा दिया है।
योग को ‘धर्मनिरपेक्ष’ करार देते हुए उत्तर प्रदेश के मंत्री मोहम्मद आजम खान ने कहा कि मुसलमान पुरातनकाल से योग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी सूर्य नमस्कार पर जोर देकर इसे सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश कर रही है। करोड़ों मुस्लिम पुरातनकाल से योग का अभ्यास कर रहे हैं लेकिन अब सूर्य नमस्कार को योग में शामिल करके धार्मिक नफरत और अलगाववाद फैलाने की साजिश रची जा रही है क्योंकि बीजेपी हमेशा से मुस्लिम विरोधी रही है। उन्होंने कहा कि योग एक धर्मनिरपेक्ष व्यायाम का स्वरूप है और इसे इसके व्यापक तौर पर स्वीकार्य स्वरूप में रहने देना चाहिए। आज़म खान ने ये भी कहा की अल्पसंख्यक समुदाय के खिलाफ विष वमन रोका जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ और साक्षी महाराज जैसे नेता बीजेपी प्रवक्ता के तौर पर काम कर रहे हैं वहीं अन्य पार्टी नेताओं ने चुप्पी साध रखी है। बाबरी मस्जिद मामले को उठाते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री ने कहा कि अगर भगवान राम होते तो वह बाबरी मस्जिद नहीं गिरने देते। मंत्री ने किसी का नाम लिए बिना राष्टï्रपति प्रणब मुखर्जी से अनुरोध किया कि फार्मेसी उद्योग चला रहे ऐसे लोगों का संज्ञान लिया जाए जो योग के बहाने अपने उत्पाद बेचकर जनता को ठग रहे हैं। एक बार फिर योग में आस्था जताते हुए आजम खान ने कहा कि हम योग के खिलाफ नहीं हैं बल्कि ऐसे लोगों के खिलाफ हैं जो योगी संप्रदाय के होकर हमें समुद्र में डुबोने की साजिश रचते हैं।

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