यूपी सरकार ने पांच करोड़ पौधे लगाकर बनाया वर्ल्ड रिकार्ड

  • वर्ष 2015 में आठ घंटे में 10 लाख पौधे लगाने का रिकॉर्ड भी है यूपी सरकार के नाम
  • सूबे के 72 जिलों में प्रदेश सरकार के मंत्रियों, वन विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने अभियान को सफल बनाने में झोंकी अपनी ताकत

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
001लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान के तहत सूबे में पांच करोड़ पौधे लगवाकर वल्र्ड रिकार्ड बनाया है। इस उपलब्धि के लिए प्रदेश सरकार को बहुत जल्द गिनीज बुक ऑफ वल्र्र्ड रिकार्ड की तरफ से सर्टिफिकेट भी मिल जायेगा क्योंकि गिनीज बुक ऑफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम ने क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान की रिपोर्ट तैयार कर ली है। ये रिपोर्ट काफी सकारात्मक बताई जा रही है। इसलिए उम्मीद की जा रही है कि बहुत जल्द यूपी का नाम पौधरोपण के क्षेत्र में रिकार्ड बनाने को लेकर गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकार्ड में दर्ज हो जायेगा।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कानपुर देहात स्थित स्नेहलता डिग्री कॉलेज से क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान की शुरुआत की। उन्होंने करीब तीन हजार बच्चों के साथ पौधरोपण कर अभियान की शुरुआत की। कानपुर जिले में कुल 7 लाख पौधे लगाए गए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश की जनता से यूपी को साफ और स्वच्छ बनाने के लिए पौधे लगाने और अपने-अपने घरों के साथ ही आस-पास सफाई व्यवस्था रखने की अपील की है। उन्होंने कहा कि जब हमारे आस-पास का वातावरण स्वच्छ होगा, तो बीमारियां होने का खतरा नहीं रहेगा। इसलिए पौधे लगाएं और उनकी सुरक्षा का ध्यान रखें। इस दौरान गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड की टीम भी मौजूद रही,जिसने पौधरोपण से संबंधित आंकड़ों की डिटेल इकट्ठा की। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की पत्नी व कन्नौज की सांसद डिम्पल यादव और वन मंत्री दुर्गा प्रसाद यादव भी मौजूद रहे।
बाराबंकी में राज्यसभा सदस्य बेनी प्रसाद वर्मा ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। बाराबंकी में 9 लाख पौधे लगाये गये।

प्रतापगढ़ में राजा भैया ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। वहां 3 लाख पौधे लगाए गए।  लखीमपुर खीरी में एसएसबी के जवानों ने इंडो-नेपाल बार्डर पर 12 लाख पौधे लगाये। बरेली में कमिश्नर प्रमांशु कमार ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। बरेली में 70 जगहों पर 2.55 लाख पौधे लगाये गये। इसी प्रकार शाहजहांपुर में मंत्री राम मूर्ति ने पौधरोपण किया। शाहजहांपुर में 6.80 लाख पौधे लगाए गए। जबकि दुग्ध विकास मंत्री राम मूर्ति वर्मा ने अंबेडकर नगर में पौध रोपण किया। इसमें 8.10 पौधे लगाये। इसी प्रकार सूबे के अन्य जिलों में भी पौधरोपण किया गया।
सरकार मना रही इन्वायरमेंट वीक
प्रदेश सरकार सूबे में इन्वायरमेंट वीक मना रही है। इसमें क्लीन यूपी ग्रीन यूपी अभियान को सफल बनाने के लिए करीब आठ हजार स्थानों पर कल ही पौधे पहुंचा दिए गए थे। इसके साथ ही सूबे के मंत्रियों, सभी जिलों में वन विभाग के अधिकारियों और प्रशासनिक अधिकारियों को अभियान को सफल बनवाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।  गौरतलब है कि प्रदेश सरकार पौधरोपण के माध्यम से सूबे में बढ़ते प्रदूषण पर नियंत्रण लगाने की कोशिश में जुटी है। इससे पूर्व भी प्रदेश सरकार ने 7 नवंबर 2015 को पौधारोपण की मुहिम छेड़ी थी। उस समय एक दिन में आठ घंटे के दौरान  10.15 लाख पौधे लगाए गए थे। इस मुहिम को भी गिनीज बुक आफ वल्र्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया था।

मुलायम सिंह ने भी किया पौधरोपण

सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव ने कुकरैल में पौधरोपण कर क्लीन यूपी ग्रीन यूपी कार्यक्रम को सफल बनाने में अपना योगदान दिया। इस दौरान अहमद हसन, रविदास मेहरोत्रा, जिलाधिकारी राजशेखर, एसएसपी मंजिल सैनी और वन विभाग के अधिकारियों समेत अन्य लोगों ने भी पौधरोपण किया। इटावा में प्रो. राम गोपाल वर्मा ने पौधरोपण अभियान का शुभारंभ किया। वहां पांच लाख पौधे लगाए गए।

कम नहीं हो रहीं बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें

  • पार्टी से अलग होने वाला हर नेता लगा रहा गंभीर आरोप
  • विपक्षी पार्टियों को बैठे-बिठाए मिल रहा माया को घेरने का मौका

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। बसपा सुप्रीमो मायावती की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। स्वामी प्रसाद मौर्या के बीएसपी छोडऩे के बाद पार्टी में अफरा-तफरी का माहौल है। मायावती के सामने सबसे बड़ी मुश्किल अपने आस-पास मौजूद लोगों में कौन विश्वसनीय है, कौन नहीं। इस बात की समस्या आ रही है। इसलिए बार-बार पार्टी पदाधिकारियों और नेताओं के साथ बैठकर दिशा निर्देश देने में जुट गई हैं। इतना ही नहीं पार्टी के चुनाव चिन्ह पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से बसपा के चुनाव चिन्ह को लेकर रिपोर्ट मांगी है। इसलिए पार्टी के चुनाव चिन्ह से लेकर नेताओं को एकजुट रखने और सेंधमारी में जुटी पार्टियों को मुंहतोड़ जवाब देना माया के लिए चुनौती बन गया है।
बहुजन समाज पार्टी के वरिष्ठ नेता और कई राज्यों में प्रभारी रह चुके पार्टी के राष्ट्रीय सचिव परमदेव यादव ने रविवार को फैजाबाद में पार्टी छोडऩे की घोषणा करके मायावती को और भी मुसीबत में डाल दिया है। वह बीएसपी के पुराने नेता हैं और पश्चिम बंगाल और झारखंड प्रदेश के प्रभारी भी रह चुके हैं। उन्होंने बसपा सुप्रीमो पर एक के बाद एक कई आरोप लगाते हुए कहा कि बीएसपी परचून की दुकान बन गई है। इस पार्टी में नेताओं को मिलने वाला पद रुपये में बिकता है। आप पैसा दीजिए और पद लीजिए। इस पार्टी में मनी माफिया और कलेक्शन अमीन की जरूरत है। उन्होंने कहा कि मायावती से मिलने के लिए भी पैसे देने पड़ते हैं और वो खुद को भगवान के बाद दूसरे नंबर पर मानती हैं। इसी प्रकार स्वामी प्रसाद मौर्या, आरके चौधरी और करीब दो साल पहले बसपा से अलग होने वाले अखिलेश दास ने भी मायावती पर टिकटों को बेचने का आरोप लगाया था। पार्टी से अलग होने वाले नेताओं की तरफ से बार-बार एक ही तरह के आरोप लगाये जाने से मायावती की मुश्किलें बढ़ गई हैं। आम जनता में मायावती की छवि भी धूमिल होने लगी है। इतना ही नहीं बसपा को तोडऩे की जुगत में लगी राजनीतिक पार्टियों को भी मायावती को घेरने के मुद्दे मिल रहे हैं। ऐसे में बसपा की तरफ से आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर करेआर्डिनेटरों के क्षेत्र में बदलाव से भी कुछ लोग खुश नहीं हैं। ये बसपा के लिए अच्छा संकेत नहीं माना जा रहा है।

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