यूपी विधानसभा चुनाव में भाजपा के कई बड़बोले दिग्गजों की भी होगी अग्नि परीक्षा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भाजपा के प्रदर्शन को लेकर देश विदेश की लगी निगाह
लखनऊ से सांसद व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और गोरखपुर के सांसद योगी अदित्यनाथ की साख है दांव पर

सुनील शर्मा
captureलखनऊ। उत्तर प्रदेश में होने वाला विधानसभा चुनाव भाजपा के कई बड़बोले नेताओं के लिए अग्नि परीक्षा से कम नहीं है। लोकसभा चुनाव में मोदी लहर के चलते यूपी से 73 सांसद हासिल करने वाली पार्टी के लखनऊ से सांसद व केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, गोरखपुर से सांसद योगी अदित्यनाथ, कानपुर सांसद मुरली मनोहर जोशी, सुलतानपुर से सांसद वरुण गांधी जैसे कई नेताओं की साख दांव पर लगी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से वाराणसी की सभी विधानसभा सीटों पर होने वाली हार-जीत पर देश विदेश के लोगों की निगाहें लगी हैं। इतना ही नहीं पांच राज्यों में होने वाला विधानसभा चुनाव प्रधानमंत्री मोदी के नोटबंदी के फैसले पर जनता के समर्थन का भी पैमाना होगा।
2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लडक़र सांसद बने। पीएम अपनी चुनावी रैलियों में खुद को यूपी वाला कहते हैं। बीजेपी पीएम मोदी के फेस पर ही विधानसभा चुनाव लड़ रही है। उनके संसदीय क्षेत्र में आने वाली पांच विधानसभा सीटों में से तीन पर भाजपा व दो पर सपा का कब्जा है। देश के प्रधानमंत्री का संसदीय क्षेत्र होने के नाते यहां का विधानसभा चुनाव और महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विधानसभा चुनाव के बाद यहां की सीटों के चुनाव परिणाम को लेकर देश विदेश में उत्सुकता रहेगी। यही नहीं आस-पास की विधानसभा सीटों पर भी प्रधानमंत्री मोदी के करिश्माई चेहरे का प्रभाव देखा जाएगा। साथ ही पीएम के नोटबंदी के फैसले का परिणाम भी इन चुनावों में मिल जाएगा। लखनऊ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई की राजनीतिक विरासत संभालने वाले लालजी टंडन की बजाय भाजपा ने लोकसभा चुनाव में राजनाथ सिंह पर दांव लगाया था। जहां से राजनाथ सांसद चुने गए, जोकि अब केंद्र सरकार में गृहमंत्री हंै। राजनाथ सिंह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री भी रह चुके हैं। साथ में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव में यूपी के सीएम फेस के लिए प्रबल दावेदार भी हैं। इसलिए लखनऊ संसदीय क्षेत्र होने के कारण केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह की प्रतिष्ठा भी दांव पर है।

लखनऊ की विधानसभा सीटों पर टिकी सबकी निगाहें
राजनाथ सिंह केंद्र सरकार में मंत्री हैं, तो लखनऊ की सभी विधानसभा सीटों पर बीजेपी की स्थिति कैसी रहेगी, इससे उनकी ताकत का अंदाजा लगाया जाएगा। हालांकि राजनाथ सिंह अपने संसदीय क्षेत्र में अधिक से अधिक समय देने वाले नेताओं में गिने जाते हैं। इस चुनाव में भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष व कानपुर से सांसद मुरली मनोहर जोशी की भी प्रतिष्ठा दांव पर होगी। कानपुर में मुस्लिम और ओबीसी वोटबैंक ज्यादा होने की वजह से सपा को सबसे ज्यादा विधानसभा सीटें मिलती रही हैं। बीजेपी के मार्गदर्शक मंडल में शामिल होने की वजह से बीजेपी को कानपुर की विधानसभा सीटों पर जीताना श्री जोशी के लिए कड़ी चुनौती होगी। योगी आदित्यनाथ बीजेपी के सांसद हैं। सीएम पद के संभावित उम्मीदवार भी हैं, लिहाजा आस-पास की विधानसभा सीटों पर उनकी अस्मिता दांव पर है। हालांकि योगी समर्थकों को उस वक्त हताशा हुई जब उन्हें बीजेपी की चुनावी समिति में भी शामिल नहीं किया गया। सवाल यही है कि क्या योगी गोरखपुर के आस-पास की विधानसभा सीटों पर बीजेपी को जीत दिला पाएंगे। योगी ने अक्सर अपने बड़बोलेपन के कारण भाजपा को कई अवसरों पर असहज भी किया है। कट्टर हिंदूवादी नेता होने के कारण योगी अपनी ही पार्टी के कुछ नेताओं को खटकते रहे हैं। वहीं केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के पुत्र व सुलतानपुर संसदीय क्षेत्र के सांसद वरुण गांधी के लिए भी विधानसभा चुनाव कांटों से भरा है। यहां की पांचों ंविधानसभा सीटों पर सपा का कब्जा है। अपने अक्खड़ स्वभाव व नाम के आगे गांधी लगा होने के कारण वरुण प्रदेश से लेकर केंद्र तक के कई नेताओं की आंखों की किरकिरी बने रहते हैं। यूपी के सीएम चेहरे के लिए इनका नाम भी जोर शोर से उठता रहता है। वहीं देवरिया से सांसद व केंद्रीय मंत्री कलराज मिश्र की प्रतिष्ठïा भी विधानसभा चुनाव में फंसी है। यूपी में होने वाले विधानसभा चुनाव के चलते उम्र फैक्टर को दरकिनार कर आज भी कलराज मिश्र को केंद्रीय मंत्री पद पर बरकरार रखा गया है। आने वाले विधानसभा चुनाव के परिणाम केंद्रीय मंत्री श्री मिश्र के ढाई साल के कार्यकाल में जनता के बीच उनकी छवि को प्रदर्शित करेंगे।

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