यूपी में नौ कंपनियां करेंगी नौ हजार करोड़ का निवेश

  • यूपी में बनने लगा निवेश का माहौल
  • सीएम ने आज नौ कंपनियों को सौंपे लेटर ऑफ कंफर्ट
  • प्रदेश में उद्योग को बढ़ाने के लिए हर प्रकार के सहयोग का दिया आश्वासन

admin1 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री की कोशिशें अब रंग लाने लगी है। आज मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने देश की नौ बड़ी कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट सौपे। सीएम ने कहा कि मेक इन इंडिया तभी संभव होगा, जब मेक इन यूपी पूरा होगा। उन्होंने उद्यमियों को भरोसा दिलाया कि सरकार उनके साथ पुरजोर तरीके से खड़ी है। यदि वह यूपी में निवेश करेंगे तो उन्हें पूरा सहयोग दिया जायेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार के लिए आज का कार्यक्रम बहुत महत्वपूर्ण था। देश की जानी मानी कंपनियां सैमसंग, रिलायंस, श्री सीमेन्ट लिमिटेड, आदित्य बिरला, केके मिल्क प्रोडक्ट सहित बड़ी कंपनियों के सीईओ आज मुख्यमंत्री निवास पर मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने इन सभी का हौसला बढ़ाया।

कार्यक्रम में बोलते हुए सीएम ने कहा कि बिना किसान और इंडस्ट्री के तरक्की संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जहां एक ओर किसानों का विकास कर रही है, वहीं उद्योगों को भी बढ़ावा दे रही है। सीएम ने कहा कि कि सभी अफसरों को निर्देशित कर दिया है कि किसी भी उद्योगपति को प्रदेश में किसी भी हालत में कोई परेशानी नहीं होनी चाहिये। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के किसी भी राज्य ने आम आदमी को राहत पहुंचाने की इतनी योजनाए कभी शुरू नहीं की। उन्होंने कहा कि आगरा लखनऊ एक्सप्रेस हाईवे बनने के बाद प्रदेश में तरक्की के और रास्ते खुलेंगे। सीएम ने कहा कि नोयडा के उद्योगपति अपने विजिटिंग कार्ड पर एनसीआर दिल्ली लिखते हैं। कहीं भी उत्तर प्रदेश का जिक्र नहीं करते। यह दुखद है। उत्तर प्रदेश अब विकास की नई राह की ओर चल पड़ा है।

मेधावियों को फिर सम्मानित किया सीएम अखिलेश यादव ने
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने एक बार फिर मेधावियों को अपने निवास पर बुलाकर सम्मानित किया। सिपाही भर्ती में चयनित टॉपर अभ्यर्थियों को सीएम ने बुलाया और उन्हें शाबाशी दी। सीएम ने कहा कि इन मेधावियों को देखकर बाकी लोगो को भी प्रेरणा लेनी चाहिये। मुख्यमंत्री इससे पहले भी आईआईटी में टॉपर मेधावियों को अपने निवास पर बुलाकर सम्मानित कर चुके हैं। वह ऐसा करके इन मेधावियों का हौसला बढ़ाते हैं और बाकी लोगों से इनको देखकर प्रेरणा लेने को कहते हैं। आज सीएम निवास पर आए इन मेधावियों ने कहा कि प्रदेश में अब परीक्षाओं का माहौल पहले से बेहतर हुआ है।

…तो इसीलिये खटकते हैं आईजी अमिताभ और नूतन
लखनऊ। आईजी अमिताभ और उनकी पत्नी नूतन सरकार को यूं ही नहीं खटकते है। इसके पीछे कई कारण है। चाहे वह सामाजिक मुद्दा हो या फिर सरकार के खिलाफ उठाया गया कोई कदम हो। कई मामलों में सरकार को अमिताभ और नूतन ठाकुर के आगे झुकना भी पड़ा है। इसका ताजा उदाहरण भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह का है, जहां तमाम कोशिशों के बाद भी कोर्ट ने सीबीआई जांच के लिये आदेश दे दिया। यह आदेश नूतन ठाकुर की पीआईएल पर ही हुआ है।

शहजहांपुर में पत्रकार जगेंद्र सिंह को जलाये जाने का मामला हो या फिर गोंडा में राज्यमंत्री विनोद सिंह द्वारा आकाश अग्रवाल को गाली देने का मामला हो। अश्लील गाने का मामला हो या फिर निर्मल बाबा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने का मामला हो। कैबिनेट मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने या अवैध खनन का मुद्दा उठाने का मामला हो या फिर आम लोगों के साथ कदम-कदम मिलाकर चलने का मामला हो। हर मुद्दे पर अमिताभ जहां तैयार रहते है वहीं उनकी पत्नी भी उनके कदम से कदम मिलाकर सहयोग करती है। अमिताभ और नूतन की पीआईएल पर जहां सरकार को झुकना पड़ता है वहीं रसूखदारों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज होता है। ऐसे में सरकार की नजरों में ये दम्पति खटकते रहते है।

24 घंटे के अंदर 30 पन्नों में सौंपा जवाब
निलम्बित किये गये आईजी अमिताभ ठाकुर ने अपना जवाब चौबीस घंटे के अंदर आईजी कार्मिक बीपी जोगदंड को सौंप दिया। श्री ठाकुर को सरकार ने 16 बिन्दुओं में गलत पाए जाने पर निलम्बित किया था। श्री ठाकुर ने डीजीपी कार्यालय से सम्बद्ध करने पर एक सरकारी वाहन और बैठने के लिये एक कक्ष की मांग की है। हृसरकार ने इस मामले में कैबिनेट मंत्री आजम खां की भैंस बरामदगी सहित 16 बिन्दुओं पर श्री ठाकुर पर आरोप लगाया था। निलम्बन की कॉपी मिलने के चौबीस घंटे के अंदर ही श्री ठाकुर ने 30 पन्नों में जवाब आईजी क्रार्मिक को सौंप दिया। डीजीपी कार्यालय पहुंचे आईजी अमिताभ ठाकुर ने कहा कि उन्होंने ऐसा कोई कार्य नहीं किया है जो एक आईपीएस के रहते हुये नहीं किया जा सकता है। श्री ठाकुर ने कहा कि संविधान की धारा 151ए के तहत उनको अधिकार प्राप्त है कि वह पीडि़तों और प्रताडि़त लोगों की मदद करें।

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