यूपी की लुटेरी पुलिस अब बुजुर्गों को भी नहीं बख्श रही

मित्र पुलिस पर पुलिसकर्मी ही लगा रहे दाग

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। ‘मित्र पुलिस’ कही जानी वाली यूपी पुलिस अपराधियों और लुटेरों पर तो शिकंजा कस नहीं पा रही लेकिन बुजुर्गों पर अपना जोर दिखाने मेें बिल्कुल भी पीछे नहीं है। ऐसा ही एक मामला कानपुर में सामने आया है जहां एक 90 वर्षीय बुजुर्ग एलपी सिंह अपनी कार से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे, इसी दौरान रास्ते में एक कांस्टेबल ने उन पर खाकी का रौब जमकर झाड़ा। पहले तो उसने बुजुर्ग पर पैसा वसूलने का दबाव बनाया और जब बात नहीं बनी तो नियमों को धता बताते हुए गाड़ी का चालान कर दिया।
दरअसल वरिष्ठï पत्रकार शीतला प्रसाद सिंह के पिता एलपी सिंह अपनी गाड़ी से लखनऊ से दिल्ली जा रहे थे। इसी बीच कानपुर में कांस्टेबल विनोद कुमार यादव ने उनकी गाड़ी रोकी और पूछा कहां जा रहे हो। जब उन्होंने बताया कि वह दिल्ली जा रहे हैं तो कांस्टेबल ने उनसे गाड़ी के कागजात मांगे और कहा कि गाड़ी कंपनी के नाम पर है फिर आप कैसे चला रहे हैं। बुजुर्ग ने बताया कि यह कंपनी उनके बेटे की है तो वह कागजों में ही कमियां निकालत हुए पैसे वसूलने का दबाव बनाने लगा, पर बात बनती न देख कांस्टेबल ने बुजुर्ग से कहा कि आपकी गाड़ी का प्रदूषण से संबंधित कागजात सही नहीं है और उनकी गाड़ी का चालान कर दिया। इस बीच बुजुर्ग अपने गाड़ी के कागजों के सही होने की दुहाई देते रहें, लेकिन कांस्टेबल पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। फिलहाल मामले की शिकायत एसपी कानपुर से की गई है।

कांस्टेबल ने मनमाने तरीके से किया चालान
कांस्टेबल विनोद कुमार यादव ने एलपी सिंह पर वायु प्रदूषण के मानकों का उल्लंघन करने के आरोप में मनमाने ढंग से 2000 रुपये का चालान कर दिया। जबकि मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 190 (2) के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर वायु प्रदूषण के मानकों के विपरीत पाये जाने वाले वाहनों पर 1000 रुपये का चालान किया जाता है। वह भी तब जब यह अपराध पहली बार हुआ हो। इसके अलावा सार्वजनिक अस्थल पर अपंजीकृत वाहन का उपयोग करने पर 1000 रुपये का चालान किया जाता है लेकिन कांस्टेबल विनोद कुमार यादव ने खाकी को रौब दिखाते हुये नियमों की धज्जियां उड़ाई और 2000 रुपये का चालान कर दिया।

Pin It