यूपी उपचुनाव के लिए बिछ रही चुनावी बिसात

यूपी उपचुनाव के लिए बिछ रही चुनावी बिसात

कोरोना काल में आठ सीटों पर होना है उपचुनाव

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। कोरोना काल में आठ सीटों पर उपचुनाव होना है। इस मिनी परीक्षा को लेकर सभी दलों ने चुनावी बिसात बिछानी शुरू कर दी है। कोरोनाकाल में यह उपचुनाव खासा अहम माना जा रहा है। खास बात यह है कि वर्तमान में सोशल डिस्टेंसिंग का दौर है। कौन सीट पार्टी कोरोना के भय के बीच अपने वोटरों के बीच प्रचार कर पाती है और उन्हें वोट डालने के लिए तैयार कर पाती है।
इन बातों का असर भी चुनाव नतीजों पर पड़ सकता है। उपचुनाव में उठने वाले मुद्दों में कोविड 19 भी है। विपक्षी दल इसके लेकर सत्तारुढ़ भाजपा को घेरते रहे हैं। ब्राह्मण सियासत व जातीय गोलबंदी के चुनावी तरकश के तीर हैं। सरकार का कामकाज भी अहम मुद्दा है। मुख्य विपक्षी पार्टी सपा इन चुनावों को लेकर खासी उत्साहित है। उसका मानना है कि इन चुनाव के नतीजों से जनता के थोड़े बहुत मूड का संकेत मिल सकता है। इसलिए उसने इन सीटों पर जातीय समीकरणों के हिसाब से मजबूत प्रत्याशी उतारने की तैयारी की है।

सालभर पहले भाजपा ने 8 सपा ने तीन सीटें जीती थीं

बीते साल विधानसभा उपचुनाव में सपा ने भाजपा से उसकी एक सीटिंग सीट छीन ली थी और बसपा की एक सीटिंग सीट पर उसने कब्जा किया था। एक सीट उसने खुद की बरकरार रखी थी। भाजपा ने इन चुनावों 8 सीटें जीत कर अपना प्रभुत्व बनाये रखा जबकि बसपा व कांग्रेस का खाता तक नहीं खुला था। अब करीब एक साल बाद फिर विधानसभा उपचुनाव आ रहा है। इस बार जिन आठ सीटों पर उपचुनाव होना है, उनमें दो सीटें जौनपुर की मल्हनी व रामपुर की स्वार सपा की सिंटिंग सीट है। बाकी छह भाजपा की सिटिंग सीट है। दो सीट तो प्रदेश सरकार के मंत्रियों की मृत्यु हो जाने के कारण खाली हुईं हैं।

अहमदाबाद से दिल्ली तक अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति

4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। माफिया अतीक अहमद की प्रयागराज के अलावा भी देश के कई बड़े शहरों में बेनामी संपत्तियों के बारे में पता चला है। अतीक के छोटे भाई पूर्व विधायक अशरफ को जब पुलिस ने पकड़ा था तो उसने कई संपत्तियों के बारे में खुलासा किया। पुलिस अहमदाबाद से लेकर दिल्ली तक अतीक के बेनामी संपत्तियों का पता लगा रही है ताकि उसे भी गैंगस्टर एक्ट के तहत कुर्क किया जा सके। दो साल पहले जब अतीक अहमद को नैनी जेल से अहमदाबाद जेल भेजा गया तो उसके करीबियों को वहां पर ठिकाने की जरूरत पड़ी थी।
बताया जा रहा है कि फ्लाइट से अतीक के करीबी वहीं जाकर रुकते थे और उससे मिलते थे। चर्चा यह भी थी कि अतीक ने अपने गुर्गों के रुकने के लिए अहमदाबाद में ही फ्लैट खरीद लिया। अब पुलिस उस फ्लैट के बारे में पता लगा रही है कि उसे किसके नाम पर खरीदा गया है और उसका पैसा किसने दिया। इसी तरह एक अपार्टमेंट गोवा में होने की बात है। इसके अलावा मुंबई और दिल्ली में भी बेनामी संपत्ति होने की चर्चा है। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि जब अतीके भाई अशरफ की गिरफ्तारी हुई थी तो उसने कबूल किया था कि दिल्ली के आसपास उन लोगों ने संपत्ति बनाई है। पुलिस संपत्ति की डिटेल लेकर उसका सत्यापन करने में लगी हैं। प्रयागराज में अभी तक पुलिस ने अतीक अहमद की 60 करोड़ की संपत्ति कुर्क कर चुकी है और छह अन्य संपत्तियों को कुर्क करने के लिए डीएम ने इजाजत दे दी है। इसके अलावा भी सात अन्य संपत्तियों को कुर्क करने के लिए डीएम को रिपोर्ट भेजी गई है।

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