‘युग निर्माता व युग-प्रेरक थे आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी’

आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण

Capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष और प्रसिद्ध लेखक डॉ. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी ने कहा कि आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी युग निर्माता और युग-प्रेरक थे। उन्होंने प्रेमचंद, मैथिलीशरण गुप्त जैसे लेखकों की रचनाओं में संशोधन किए। उन्होंने विभिन्न बोली-भाषा में विभाजित हो चुकी हिंदी को एक मानक रूप में ढालने का भी काम किया। वे केवल कहानी-कविता ही नहीं, बल्कि बाल साहित्य, विज्ञान और किसानों के लिए भी लिखते थे। हिंदी में प्रगतिशील चेतना की धारा का प्रारंभ द्विवेदी जी से ही हुआ।’’
डा. विश्वनाथ प्रसाद तिवारी दिल्ली के प्रवासी भवन में ऐतिहासिक द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ के लोकार्पण के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए कहा। इस अवसर पर प्रो. मैनेजर पांडे ने कहा कि, ‘यह भारतीय साहित्य का विश्वकोश है।’ उन्होंने आचार्य जी की अर्थशास्त्र में रूचि व ‘‘संपत्ति शास्त्र’’ के लेखन, उनकी महिला विमर्श और किसानों की समस्या पर लेखन की विस्तृत चर्चा की। पत्रकार रामबहादुर राय ने इन दिनों मुद्रित होने वाले नामी गिरामी लोगों के अभिनंदन ग्रंथों की चर्चा करते हुए कहा कि, ‘ऐसे ग्रंथों को लोग घर में रखने से परहेज करते हैं, लेकिन आचार्य द्विवेदी की स्मृति में प्रकाशित यह ग्रंथ हिंदी साहित्य, समाज, भाषा व ज्ञान का विमर्श है न कि आचार्य द्विवेदी का प्रशंसा-ग्रंथ। गांधीवादी चिंतक अनुपम मिश्र ने इन चित्रों में निहित सामाजिक पक्ष पर प्रकाश डाला। नीदरलैंड से आयी प्रो. पुष्पिता अवस्थी ने कहा कि हिंदी सही मायने में उन घरों में ताकतवर है, जहां पर भारतीय संस्कृति बसती है। नेशनल बुक ट्रस्ट, इंडिया की निदेशक व असमिया में साहित्य अकादमी पुरस्कार से सम्मानित लेखिका डॉ. रीटा चौधरी ने कहा कि, यह अवसर न्यास के लिए बेहद गौरवपूर्ण व महत्वपूर्ण है कि हम इस अनूठे ग्रंथ के पुनर्प्रकाशन के कार्य से जुड़ पाए। ऐसी पुस्तकों का अनुवाद अन्य भारतीय भाषाओं में भी होना चाहिए।
इस अवसर पर आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी अभिनंदन ग्रंथ का लोकार्पण किया गया। आधुनिक हिंदी भाषा और साहित्य के निर्माता आचार्य महावीर प्रसाद द्विवेदी के सम्मान में 1933 में प्रकाशित हिंदी का पहला अभिनंदन ग्रंथ का 83 सालों के बाद इस ग्रंथ को हूबहू पुनर्प्रकाशित करने का काम नेशनल बुक ट्स्ट, इंडिया ने किया है। इस मौके पर गौरव अवस्थी, अरविंद कुमार सिंह, पंकज चतुर्वेदी, रंजन जैदी, अर्चना राजहंस, ऋ तेश, शिवेंद्र द्विवेदी, अरुण खरे, जय प्रकाश पांडेय, राकेश पांडेय, प्रदीप जैन, जयकांत मिश्रा, जय सिंह आर्य, देवेंद्र सिंह राजपूत, शाह आलम, विनय द्विवेदी, गणेश शंकर श्रीवास्तव, बरखा वर्षा, तरुण दवे समेत तमाम प्रमुख लोग मौजूद थे।

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