यादव सिंह से अक्षय के कारोबारी रिश्तों के खुलासे से खलबली

रामगोपाल ने परिवार के लोगों को बदनाम करने की बतायी साजिश

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के बहुचर्चित भ्रष्टाचारी इंजीनियर यादव सिंह के मामले में की सीबीआई जांच की जद में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रामगोपाल यादव के सांसद बेटे अक्षय यादव भी आ चुके हैं। सीबीआई सूत्रों पर भरोसा करें, तो बहुत जल्द अक्षय यादव और उनकी पत्नी रिचा यादव के सीबीआई पूछताछ कर सकती है।
हालांकि राम गोपाल यादव ने यादव सिंह से अक्षय यादव के रिश्तों की बात को पूरी तरह से इंकार किया है। इसको परिवार के लोगों को बदनाम करने की साजिश बताया है। उन्होंने कहा कि यादव सिंह के मामले की जांच चल रही है। इसमें हर चीज स्पष्ट हो जायेगी। इस संबंध में सांसद अक्षय यादव ने भी अपना बयान जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि उनका यादव सिंह से कोई भी कारोबारी रिश्ता नहीं है। इसके बावजूद अक्षय का नाम सामने आने पर यादव परिवार की मुश्किलें बढ़ गई हैं। हालांकि सीबीआई सूत्रों के मुताबिक अक्षय यादव ने यादव सिंह के सहयोगी से एनएम बिल्डवेल नाम की कंपनी खरीदी थी, जिसके शेयर अक्षय और उनकी पत्नी रिचा के नाम पर थे। आयकर विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक अक्षय और उनकी पत्नी को यादव सिंह की सहयोगी कंपनी मैकान्स ग्रुप के मालिक राजेश मिनोचा ने 2048 रुपये मूल्य के 10 हजार शेयर मात्र 10 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से बेच डाले। दस्तावेजों के मुताबिक मात्र एक लाख रुपये में ही अक्षय यादव और उनकी पत्नी को 10 हजार शेयर दे दिए गए। इस मामले की जांच कर रही सीबीआई यह जानने की कोशिश कर रही है कि इस कंपनी के ट्रांसफर के पीछे यादव सिंह का ट्रांसफर तो नहीं जुड़ा हुआ है, क्योंकि जिस वक्त ये शेयर अक्षय को बेचे गये, उस वक्त यादव सिंह निलंबित चल रहे थे। मैकान्स ग्रुप और अक्षय यादव के बीच हुई डील के बाद प्रदेश सरकार ने यादव सिंह को बहाल कर नोएडा एथारिटी में इंजीनियर के पद पर बिठा दिया। आयकर विभाग ने इस मामले में अक्षय और उनकी पत्नी के बैंक खातों की जांच के आदेश भी दे दिए हैं। फिरोजाबाद में भी अक्षय के बैंक खाते की जांच की जा रही है। इसके अलावा वित्त मंत्रालय से सूत्रों के मुताबिक एनएम बिल्डवेल हवाला कारोबार के शक के घेरे में भी है और मैक्कन कंपनी भी यादव सिंह केस में जांच के घेरे में है।

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