यादव सिंह के घर पर सीबीआई का छापा

  • सीबीआई के छापे से राजनेता और अफसरों के छूटे पसीने
  • बीस हजार करोड़ के कालाधन का आरोप है यादव सिंह पर
  • यादव सिंह के घर, दफ्तर और ससुराल में भी छापा मारा सीबीआई ने

doll14पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। नूतन ठाकुर की पीआईएल पर हाईकोर्ट के सीबीआई जांच के आदेश के खिलाफ सरकार सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना ही रही थी कि इस बीच सीबीआई ने गुपचुप तरीके से केस दर्ज कर आज सुबह यादव सिंह के ठिकानों पर छापा मार दिया। इस छापा मारी से नोयडा से लखनऊ तक हडक़ंप मच गया। सीबीआई यादव सिंह के घर, दफ्तर और ससुराल पहुंच गई और घोटाले के कई दस्तावेज सील करके ले गई।
यादव सिंह राजनीति का वह काला अध्याय है जिसके काले कारनामों से ना सिर्फ सपा और बसपा परेशान है बल्कि कई अफसरों के भी फंसने की संभावना है।

यादव सिंह को मायावती ने तैनात किया था और इस सरकार ने भी यादव सिंह के ऊपर मेहरबानी बरकरार रखी। इस मामले में सीबीसीआईडी में हुई शिकायत भी आनन-फानन में निपटा दी गई और यादव सिंह को क्लीन चिट दे दी गई। यादव सिंह की मुसीबत तब शुरू हुई जब नूतन ठाकुर ने हाईकोर्ट में पीआईएल करके इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की। सरकार ने आनन-फानन में एक न्यायिक जांच आयोग बनाकर सीबीआई जांच टलवाने की कोशिश की। मगर तीखे तर्कों के साथ हाईकोर्ट ने इसकी सीबीआई जांच के आदेश कर दिए।

सरकार इस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का मन बना ही रही थी कि इसी बीच सीबीआई ने आनन-फानन में आज सुबह से अपनी कार्यवाही तेजी से शुरू कर दी। यादव सिंह ने अपने साम्राज्य में कई जाने-माने राजनेताओं के अलावा बड़े नौकरशाहों को भी शामिल कर रखा था। इन अफसरों को भी सैकड़ों करोड़ का फायदा पहुंचाया गया था। यादव सिंह की गाड़ी से ही करोड़ों की नगदी और दो किलो हीरे बरामद हुए थे। आज के सीबीआई छापे के बाद ये तय हो गया है कि यादव सिंह की जांच अगर ईमानदारी से हो गई तो यह प्रदेश का सबसे बड़ा घोटाला साबित होगा।

दिल्ली से लखनऊ तक हंगामा

  • लोक सभा में 25 सांसदों के निलंबन से खफा कांग्रेस ने किया देश भर में आंदोलन का फैसला
  • मुलायम और मायावती ने भी कहा कि सांसदों का निलंबन है गलत

लखनऊ। लोकसभा से कांग्रेस के 25 संसदों को हंगामे के चलते निलंबित करने से कांग्रेस भडक़ गई है। कांग्रेस ने आज लोकसभा में धरना दिया तो देश भर में कांग्रसियों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। लखनऊ में भी आज प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रसियों ने जमकर हंगामा किया और भाजपा दफ्तर के बाहर प्रदर्शन किया। पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने के लिए हल्का पुलिस बल का भी प्रयोग किया।

संसद भवन परिसर में आज राहुल गांधी ने अपने तेवर और तीखे कर लिए और कहा कि चाहे सरकार हमें संसद से बाहर फिकवा दे हमारा प्रदर्शन पूरे देश भर में जारी रहेगा। कांग्रेस के लिए राहत की बात यह रही कि विपक्ष भी आज उसके साथ आ गया। सपा मुखिया मुलायम सिंह के नेतृत्व में सपा ने आज सदन का बायकॉट कर दिया।

कांग्रेस की रणनीति है कि इस मुद्दे को लेकर देश भर में आंदोलन तेज किया जाए,
इससे देश भर में संदेश जायेगा कि भाजपा अपने भ्रष्टचार में घिरे नेताओं को बचाना चाहती है।
शुरूआती दौर में मोदी सरकार ने विपक्ष के बीच फूट डालने की कोशिश की और लग भी रहा था कि सरकार इसमें कामयाब हो जायेगी, मगर कांग्रेसी सांसदों के निलंबन ने एक बार फिर पूरे विपक्ष को एकजुट कर दिया। भाजपा के सामने परेशानी यह है कि अगर उसने अपने किसी भी नेता का इस्तीफा लिया तो दागी नेताओं को भी बाहर किये जाने का दबाव बढ़ जायेगा। उधर कांग्रेस को लंबे समय के बाद यह मौका मिला है, जब वह मोदी सरकार को भ्रष्टïाचार के चलते घेर सकती है।

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