यादव परिवार का घमासान: सपा में सुलह की आखिरी कोशिश जारी

सपा मुखिया मुलायम सिंह से मिलने पहुंचे सांसद धर्मेन्द्र यादव और उनके पिता अभयराम
अंबिका चौधरी, ओमप्रकाश सिंह और नारद राय समेत कई अन्य वरिष्ठ नेताओं ने नेताजी से की मुलाकात

capture4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। समाजवादी पार्टी में आंतरिक कलह समाप्त करने के लिए बैठकों और मुलाकातों का दौर आज भी जारी हैं। सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव के छोटे भाई अभय राम यादव परिवार और पार्टी में चल रहा विवाद समाप्त करवाने लखनऊ पहुंच चुके हैं। उन्होंने आज सुबह अपने बेटे धर्मेन्द्र के साथ मुलायम सिंह के आवास पहुंचकर मुलाकात की और उनके साथ काफी देर तक चर्चा की। वहीं शिवपाल यादव और समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता अंबिका चौधरी, ओमप्रकाश सिंह, नारद राय समेत अन्य कई नेताओं ने भी मुलायम सिंह के आवास पर पहुंचकर मुलाकात की।
नेताजी को मनाने और समझाने का काफी प्रयास किया गया। शिवपाल ने नेताजी का हर आदेश मानने और सारी पुरानी बातें भूलने की बात कही लेकिन अभी भी सुलह के कोई स्पष्ट संकेत नजर नहीं आ रहे हैं। इस बात की चर्चा जरूर है कि कैबिनेट मंत्री आजम खान एक बार फिर मुलायम सिंह यादव से मुलाकात कर सुलह कराने की कोशिश करेंगे। सूत्रों के मुताबिक अगर अखिलेश-मुलायम के बीच किसी समझौते पर बात बनी तो मुलायम सिंह यादव दोपहर बाद प्रेस कांफ्रेस कर कोई बड़ा ऐलान भी कर सकते हैं।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के समर्थकों के मुताबिक पार्टी के राष्ट्रीय अधिवेशन में अखिलेश को राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना गया है। पार्टी के 90 फीसदी लोगों ने अखिलेश के समर्थन में शपथ पत्र सौंप दिया है। अखिलेश को आगामी चुनाव में बेहतर प्रदर्शन करने और दोबारा यूपी में सरकार बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ऐसे में अखिलेश यादव अपनी जिम्मेदारी से नहीं हट सकते हैं। वहीं अमर सिंह ने शुक्रवार को जो बयान दिया था उस पर भी अखिलेश गुट ने अमर सिंह पर निशाना साधा है। समर्थकों का कहना है कि परिवार के निजी रिश्तों का हवाला देकर अखिलेश यादव को इमोशनल ब्लैक मेल किया जा रहा है। उधर अखिलेश यादव चुनाव में उतरने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। सूत्रों की मानें तो अखिलेश ने पार्टी का घोषणापत्र तैयार कर लिया है। अगली 10 जनवरी के बाद कभी भी वह अपना घोषणापत्र जारी कर सकते है। साथ ही समाजवादी पार्टी और कांग्रेस का गठबंधन भी लगभग तय माना जा रहा है। विदेश से लौटने के बाद कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी अखिलेश यादव से मुलाकात कर सकते हैं। इस मुलाकात में गठबंधन पर आखिरी मुहर लग सकती है और सीटों के बंटवारे पर भी समझौता हो सकता है।

Pin It