यातायात सुधार पर सरकार गंभीर: मुख्यमंत्री

Capture 4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि प्रदेश की राजधानी लखनऊ सहित सभी शहरों की यातायात व्यवस्था को ठीक करना जरूरी है, क्योंकि इसके बिना सडक़ पर चलने में काफी मुश्किल होती है और अक्सर टै्रफिक जाम इत्यादि के कारण गम्भीर परिस्थितियां बन जाती हैं। उन्होंने कहा कि लखनऊ, कानपुर, आगरा, मेरठ जैसे अधिकतर प्रमुख शहरों में यातायात की दिक्कत है, इसलिए अब हमें इन शहरों पर ध्यान देना होगा, ताकि टै्रफिक की मुश्किलों से निपटा जा सके। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे राज्य में यातायात व्यवस्था को ठीक करने के लिए जरूरी कदम उठा रही है।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अपने सरकारी आवास पर एमिटी विश्वविद्यालय के छात्रों द्वारा लखनऊ शहर के लिए गोमती नदी का इस्तेमाल करते हुए एक नई यातायात व्यवस्था की प्लानिंग पर दिए गए प्रस्तुतिकरण के अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि राजधानी लखनऊ का फैलाव बड़ी तेजी से हो रहा है। शहर की अवस्थापना सुविधाओं पर बढ़ते हुए दबाव को देखते हुए राज्य सरकार यहां की सडक़ों सहित अन्य अवस्थापना सुविधाओं का तेजी से विकास कर रही है।
एमिटी के छात्रों ने अपने प्रस्तुतिकरण में बताया कि लखनऊ शहर में लगभग 300 बसें, 17 हजार ऑटोरिक्शा और 12 लाख प्राइवेट वाहन हैं। छात्रों ने अपने प्रस्तुतिकरण में कहा कि लखनऊ शहर गोमती नदी के तट पर बसा है। यह नदी शहर के दोनों सिरों को जोड़ती भी है। अगर गोमती नदी का इस्तेमाल पब्लिक ट्रांसपोर्ट के लिए किया जाए, तो इससे न केवल समय और पैसों की बचत होगी, बल्कि पर्यावरण के लिहाज से भी यह बहुत लाभकारी होगा।
इस अवसर पर एमिटी विश्वविद्यालय, लखनऊ परिसर के प्रति कुलपति, सेवानिवृत्त मेजर जनरल के.के. ओहरी, निदेशक एमिटी बिजिनेस स्कूल प्रो. वी.पी. शाही, उप निदेशक जनसम्पर्क एवं संचार एमिटी विश्वविद्यालय आशुतोष चौबे तथा एमिटी स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर एण्ड प्लानिंग की कोआर्डिनेटर दीप्ती पांडे राना भी मौजूद थे।

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