यहां योजनायें तो हैं, अमल नहीं

मरीजों को करना पड़ रहा है मुश्किलों का सामना
4पीएम न्यूज़ नेटवर्क
लखनऊ। देश के टॉप मेडिकल कॉलेजों में महत्वपूर्ण स्थान रखने वाले केजीएमयू में योजनायें तो बनती हैं लेकिन धरातल पर कुछ नहीं दिखता। यहां न्यू ओपीडी बिल्डिंग की शुरुआत हुए करीब दो साल हो गये हैं लेकिन सीसीटीवी कैमरे अभी तक नहीं लगाये जा सके हैं। जबकि विभाग के प्रभारी की ओर से मरीजों की सुरक्षा के लिहाज से कई बार प्रपोजल भेजा जा चुका है। लेकिन केजीएमयू प्रशासन की ओर से लगातार अनदेखी की जा रही है। जिसके चलते मरीजों के साथ आये दिन चोरी की घटनायें हो रही हैं। बीते सोमवार को पर्चा काउंटर पर पर्चा बनवाते समय आजमगढ़ निवासी एक महिला का पर्स चोरी हो गया। उसके बाद महिला चिल्लाई लेकिन भारी भीड़ होने से चोर निकल गया। उसके बाद पुलिस भी आई लेकिन चोर तब तक निकल चुका था। ये केवल एक घटना नहीं है , ऐसी घटनायें रोजाना केजीएमयू में घटित होती रहती हैं। लेकिन केजीएमयू प्रशासन की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है ।
दलालों का मुख्य अड्डा न्यू ओपीडी बिल्डिंग दलालों का मुख्य अड्डा है। यहीं से दलालों की ओर से मरीजों को लूटने के खेल की शुरूआत होती है। उसके बाद पूरे मेडिकल कॉलेज में धंधा जोरों पर चलता है। जानकारी के अभाव में मरीजों को लूटनेका काम किया जा रहा है। न्यू ओपीडी में मरीजोंं को जानकारी के अभाव में दलाल बात करने का मौका पा जाते हैं और यहीं से लूट के धंधे की शुरूआत हो जाती है। ये जानते हुए कि न्यू ओपीडी से ही दलालों के धंधे की शुरूआत होती है, इसके बावजूद सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाये जा रहे हैं।
न्यू ओपीडी बिल्डिंग का लोकार्पण 29 सितंबर 2013 को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने किया था। दलालों पर लगाम लगाने के लिए शुरूआत से सीसीटीवी लगाने की बात कही जा रही है लेकिन अभी तक कैमरे नहीं लग पाये हैं। जबकि न्यू ओपीडी प्रभारी डॉ. मनीष बाजपेई का कहना है कि लोकार्पण के बाद कई बार केजीएमयू प्रशासन को सीसीटीवी कैमरे लगाने के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है। लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया। खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ता है। अभी हाल में ही पल्मोनरी विभाग में ओपीडी के दौरान एक व्यक्ति को दलाल ने डॉक्टर को दिखाने और दवाई लेने के बदले तीन हजार रुपये का चूना लगाया था।

सीसीटीवी कैमरे का टेंडर पूरा हो चुका है। अब विभागों की ओर से प्रपोजल भेजा जाये। सभी संवेदनशील जगहों पर कैमरे लगाये जायेंगे।
– डॉ. विजय कुमार, चिकित्सा अधीक्षक, केजीएमयू

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